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दर्शन, पूजन के लिए भगवती के दरबार में उमड़े भक्त
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बांसी में माता भवानी की अगवानी करते स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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दर्शन, पूजन के लिए भगवती के दरबार में उमड़े भक्त
सिद्धार्थनगर। नवरात्र में भगवती के दरबार में भक्तों की लंबील कतार लग रही है। शहर के सिंहेश्वरी मंदिर सहित प्रमुख देवी मंदिरों में लोगाें ने पूजा, आरती की। सप्तमी को दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुलने के बाद पूजा पंडालों में देर रात तक श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
नवरात्र में बुधवार को अष्टमी तिथि में भगवती महागौरी की साधना होगी। नवरात्र में आठ दिन व्रत रहकर साधना करने वाले लोग शुक्रवार को हवन, पूजन व पारण करेंगे, जबकि बृहस्पतिवार को आदि शक्ति के सिद्घिदात्री स्वरूप की उपासना होगी। सिंहेश्वरी मंदिर के संचालक आचार्य दिव्यांशु ने कहा कि भगवती के साधनों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। नवरात्र में मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ व अन्य अनुष्ठान करके भक्त भगवती की साधना कर रहे हैं। प्रथम एवं नवमीं तिथि में व्रत रहकर भगवती की प्रार्थना करने वाले भक्त बृहस्पतिवार को व्रत रहेंगे। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर प्रबंध किया गया है।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। लोग देर रात तक पंडालों में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र भानपुर रानी स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा है। अमन-चैन कमेटी के तत्वावधान में इस बार भानपुररानी गांव में आयोजित मां दुर्गा पूजा समारोह में रविवार की रात समाजसेवी डॉ. राजेश गुप्ता ने प्रतिमा से जैसे ही पट्टी हटाई, पूरा पंडाल जयकारे से गूंज उठा। इस मौके पर अमन चैन कमेटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव, आचार्य पं. पुजारी प्रसाद दुबे, मुख्य यज्ञमान अमरीका गुप्ता आदि मौजूद थे।
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इटवा प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में स्थित वटवासिनी महाकाली मंदिर गालापुर में शारदीय नवरात्र के सप्तमी को भोर चार बजे से ही भक्तों के आने का क्रम शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। भक्तगण बारी-बारी से मां का दर्शन, पूजन कर अपने परिवार के सुखमय जीवन की कामना करते दिखे। वहीं अधिकांश श्रद्धालु ब्राह्मणों से हवन, पूजन कराते देखे गए। इस अवसर पर डुमरियागंज के विधायक की तरफ से जलपान का इंतजाम किया गया था। श्रद्धालु राजन पांडेय रत्न, अमरमणि दुबे का ने कहा कि वे अक्सर मंदिर पर दर्शन, पूजन करने आते हैं।
ठाठ-बाट के साथ हुआ मां भगवती का आगमन
बांसी। सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, अधिराज प्रताप सिंह व कुंवर अभय प्रताप सिंह ने शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर शुक्रवार को माली के घर से माता देवी को ठाठ बाट, लाव-लश्कर के साथ बांसी के प्राचीन मंदिर में स्थापित किया।
भक्त हाथों में तलवार लिए राप्ती पुल पर नंगे पांव खड़े होकर माता देवी भवानी का इंतजार कर रहे थे और उधर लाव-लश्कर प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए माली के घर से पुरानी कचहरी होते हुए राप्ती पुल पर देवी भवानी माता की स्तुति करते पहुंचे। वहां देवी भवानी के इंतजार में खड़े इन लोगों ने माता की अगवानी की और माली के साथ नंगे पांव पैदल चलते हुए गए। इस दौरान खुशी और उत्साह का माहौल रहा। इस मौके पर ईश्वर चंद्र पांडेय, राघवेंद्र प्रताप सिंह नन्हे, प्रभाषकर राय, राजेश गुप्ता गुड्डू, बृजमोहन मोदनवाल, धर्मेंद्र कुमार, रंजीत सिंह, रामशरण मौर्य, सत्येंद्र दुबे, कुबेर बारी, बृजेश पांडेय, गौरीशंकर अग्रहरि, गुड्डू सिंह, विजय सिंह, अजय श्रीवास्तव, कृष्ण प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। नवरात्र में भगवती के दरबार में भक्तों की लंबील कतार लग रही है। शहर के सिंहेश्वरी मंदिर सहित प्रमुख देवी मंदिरों में लोगाें ने पूजा, आरती की। सप्तमी को दुर्गा प्रतिमाओं के पट खुलने के बाद पूजा पंडालों में देर रात तक श्रद्घालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
नवरात्र में बुधवार को अष्टमी तिथि में भगवती महागौरी की साधना होगी। नवरात्र में आठ दिन व्रत रहकर साधना करने वाले लोग शुक्रवार को हवन, पूजन व पारण करेंगे, जबकि बृहस्पतिवार को आदि शक्ति के सिद्घिदात्री स्वरूप की उपासना होगी। सिंहेश्वरी मंदिर के संचालक आचार्य दिव्यांशु ने कहा कि भगवती के साधनों में भक्तों का तांता लगा हुआ है। नवरात्र में मंदिर में दुर्गा सप्तशती पाठ व अन्य अनुष्ठान करके भक्त भगवती की साधना कर रहे हैं। प्रथम एवं नवमीं तिथि में व्रत रहकर भगवती की प्रार्थना करने वाले भक्त बृहस्पतिवार को व्रत रहेंगे। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर प्रबंध किया गया है।
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डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। लोग देर रात तक पंडालों में पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र भानपुर रानी स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा है। अमन-चैन कमेटी के तत्वावधान में इस बार भानपुररानी गांव में आयोजित मां दुर्गा पूजा समारोह में रविवार की रात समाजसेवी डॉ. राजेश गुप्ता ने प्रतिमा से जैसे ही पट्टी हटाई, पूरा पंडाल जयकारे से गूंज उठा। इस मौके पर अमन चैन कमेटी के अध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव, आचार्य पं. पुजारी प्रसाद दुबे, मुख्य यज्ञमान अमरीका गुप्ता आदि मौजूद थे।
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इटवा प्रतिनिधि के अनुसार, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में स्थित वटवासिनी महाकाली मंदिर गालापुर में शारदीय नवरात्र के सप्तमी को भोर चार बजे से ही भक्तों के आने का क्रम शुरू हो गया, जो देर रात तक चलता रहा। भक्तगण बारी-बारी से मां का दर्शन, पूजन कर अपने परिवार के सुखमय जीवन की कामना करते दिखे। वहीं अधिकांश श्रद्धालु ब्राह्मणों से हवन, पूजन कराते देखे गए। इस अवसर पर डुमरियागंज के विधायक की तरफ से जलपान का इंतजाम किया गया था। श्रद्धालु राजन पांडेय रत्न, अमरमणि दुबे का ने कहा कि वे अक्सर मंदिर पर दर्शन, पूजन करने आते हैं।
ठाठ-बाट के साथ हुआ मां भगवती का आगमन
बांसी। सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह, अधिराज प्रताप सिंह व कुंवर अभय प्रताप सिंह ने शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर शुक्रवार को माली के घर से माता देवी को ठाठ बाट, लाव-लश्कर के साथ बांसी के प्राचीन मंदिर में स्थापित किया।
भक्त हाथों में तलवार लिए राप्ती पुल पर नंगे पांव खड़े होकर माता देवी भवानी का इंतजार कर रहे थे और उधर लाव-लश्कर प्राचीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए माली के घर से पुरानी कचहरी होते हुए राप्ती पुल पर देवी भवानी माता की स्तुति करते पहुंचे। वहां देवी भवानी के इंतजार में खड़े इन लोगों ने माता की अगवानी की और माली के साथ नंगे पांव पैदल चलते हुए गए। इस दौरान खुशी और उत्साह का माहौल रहा। इस मौके पर ईश्वर चंद्र पांडेय, राघवेंद्र प्रताप सिंह नन्हे, प्रभाषकर राय, राजेश गुप्ता गुड्डू, बृजमोहन मोदनवाल, धर्मेंद्र कुमार, रंजीत सिंह, रामशरण मौर्य, सत्येंद्र दुबे, कुबेर बारी, बृजेश पांडेय, गौरीशंकर अग्रहरि, गुड्डू सिंह, विजय सिंह, अजय श्रीवास्तव, कृष्ण प्रताप सिंह, वीरेंद्र सिंह, मोहन शर्मा आदि मौजूद रहे।