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मृतक को बिजली चोरी का आरोपी बनाया
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 16 Jul 2016 10:46 PM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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सिद्धार्थनगर। पुलिस व विद्युत विभाग के काम पर सवालिया निशान लग गया है। उनकी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चित रहने वाले इस विभाग ने बिजली चोरी में एक ऐसा नाम जोड़ दिया है, जिसकी मौत 10 वर्ष पूर्व हो चुकी है। पुलिस ने आरोपी की खोज शुरू की तब सच्चाई पता चली। थाना मोहाना के ग्राम बर्डपुर नंबर 9 में गोरखपुर से आई प्रवर्तन टीम ने छापेमारी की। टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक प्रवर्तन दल गोरखपुर जयविजय सिंह कर रहे थे। टीम में एसडीओ विद्युत अखिलेश्वर प्रसाद, अवर अभियंता मनोज उपाध्याय, पुलिस विभाग से वेदप्रकाश यादव, कैलाश यादव व बिकाऊ प्रसाद मौजूद रहे।
टीम ने बाजार के एक दुकान में बैठकर दस लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। दसवें नंबर पर बर्डपुर नंबर 9 निवासी विश्वनाथ पुत्र फागू को बिजली चोरी का आरोपी बनाया। विश्वनाथ की स्वाभाविक मौत वर्ष 2006 में ही हो गई थी। मृतक को विभाग ने 49 हजार 170 रुपये बिजली चोरी का अभियुक्त बना दिया, जबकि मृतक के चार पुत्र जिनका नाम कैलाशनाथ, पूजन, पुनीत व पवन है। वर्ष 2008 में पुत्रों ने बिजली कनेक्शन काटने के लिए विभाग को पत्र लिखा।
बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया। इसके बाद भी बिजली का बिल आता रहा। इस संबंध में एसओ मोहाना योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रवर्तन दल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि दसवें नंबर पर दर्ज आरोपी की मौत 10 वर्ष पूर्व हो चुकी है। मुकदमा समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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टीम ने बाजार के एक दुकान में बैठकर दस लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर दी। दसवें नंबर पर बर्डपुर नंबर 9 निवासी विश्वनाथ पुत्र फागू को बिजली चोरी का आरोपी बनाया। विश्वनाथ की स्वाभाविक मौत वर्ष 2006 में ही हो गई थी। मृतक को विभाग ने 49 हजार 170 रुपये बिजली चोरी का अभियुक्त बना दिया, जबकि मृतक के चार पुत्र जिनका नाम कैलाशनाथ, पूजन, पुनीत व पवन है। वर्ष 2008 में पुत्रों ने बिजली कनेक्शन काटने के लिए विभाग को पत्र लिखा।
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बिजली विभाग ने कनेक्शन काट दिया। इसके बाद भी बिजली का बिल आता रहा। इस संबंध में एसओ मोहाना योगेंद्र सिंह यादव ने बताया कि प्रवर्तन दल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि दसवें नंबर पर दर्ज आरोपी की मौत 10 वर्ष पूर्व हो चुकी है। मुकदमा समाप्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
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