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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त करने की मांग
सिद्धार्थनगर। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस पार्टी ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। लखीमपुर घटना के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति के संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
पूर्व सांसद मो. मुकीम ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों की दिन दहाड़े हुई हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने किसानों को खुली चेतावनी दी और उसके बाद उनके बेटे ने किसानों को कुचल का मार दिया। सरकार शुरू से ही मामले में लीपापोती करने में जुटी रही। ऐसी दशा में गृह राज्य मंत्री को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस नेता डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि लखीमपुर की घटना प्रदेश में जंगलराज का जीता जागता उदाहरण है। सत्ता में बैठे लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया और उन्हें बचाने में पूरी सरकार जुटी रही। एसआईटी की रिपोर्ट ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। बावजूद इसके आरोपों से घिरे मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाया न जाना बेहद शर्मनाक है। इस दौरान सच्चिदानंद पांडेय, डॉ. अरविंद शुक्ला, रंजना मिश्रा, कैलाश पंछी, अनिल सिंह, अब्दुल सलाम, दिनेश वर्मा, राजन श्रीवास्तव, इनामुर्रहमान, किशन बहादुर सिंह, जितेंद्र द्विवेदी, सतीश चंद्र त्रिपाठी, रितेश त्रिपाठी, अल्ताफ हुसैन, काजी इजहारुल हक, रेखा भारती, सादिक़ अहमद, अकरम अली, सुदामा प्रसाद, सोनू , सलमान अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।
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सिद्धार्थनगर। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की बर्खास्तगी की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को कांग्रेस पार्टी ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। लखीमपुर घटना के दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति के संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
पूर्व सांसद मो. मुकीम ने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों की दिन दहाड़े हुई हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने किसानों को खुली चेतावनी दी और उसके बाद उनके बेटे ने किसानों को कुचल का मार दिया। सरकार शुरू से ही मामले में लीपापोती करने में जुटी रही। ऐसी दशा में गृह राज्य मंत्री को अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस नेता डॉ. चंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि लखीमपुर की घटना प्रदेश में जंगलराज का जीता जागता उदाहरण है। सत्ता में बैठे लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया और उन्हें बचाने में पूरी सरकार जुटी रही। एसआईटी की रिपोर्ट ने पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। बावजूद इसके आरोपों से घिरे मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाया न जाना बेहद शर्मनाक है। इस दौरान सच्चिदानंद पांडेय, डॉ. अरविंद शुक्ला, रंजना मिश्रा, कैलाश पंछी, अनिल सिंह, अब्दुल सलाम, दिनेश वर्मा, राजन श्रीवास्तव, इनामुर्रहमान, किशन बहादुर सिंह, जितेंद्र द्विवेदी, सतीश चंद्र त्रिपाठी, रितेश त्रिपाठी, अल्ताफ हुसैन, काजी इजहारुल हक, रेखा भारती, सादिक़ अहमद, अकरम अली, सुदामा प्रसाद, सोनू , सलमान अंसारी आदि लोग मौजूद रहे।
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