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अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सर्किट हाउस का होगा निर्माण

Sat, 25 Dec 2021 12:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Dec 2021 12:06 AM IST
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circuit house will be constructed
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस सर्किट हाउस का होगा निर्माण
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पीडब्ल्यूडी इटवा खंड कार्यालय परिसर में रेस्ट हाउस के बगल में होगा निर्माण
सांसद ने की मुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री से मांग, डीएम ने भेजा प्रस्ताव
सिद्धार्थनगर। अगर जिला मुख्यालय पर एकसाथ दो से तीन वीवीआईपी आ जाएं तो उन्हें ठहरने के सरकारी इंतजाम नाकाफी हैं। ऐसे में सांसद जगदंबिका पाल एवं डीएम दीपक मीणा की पहल से जिले में अत्याधुनिक सुविधा से लैस सर्किट हाउस के निर्माण के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रस्तावित सर्किट हाउस में दस वीवीआईवी सूट एवं एक हॉल का निर्माण होना है।
छह माह के अंदर जिले में कई बार मुख्यमंत्री का आगमन हुआ, साथ ही प्रधानमंत्री का कार्यक्रम भी हुआ। इस दौरान शहर में वीवीआईपी को ठहरने के सरकारी इंतजाम नाकाफी नजर आए। हालत यह थी कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शहर के सभी छोटे-बड़े होटल बुक हो गए थे। किसी में भी ठहरने की जगह नहीं मिल रही थी। भगवान बुद्ध की जन्मस्थली होने से जिले में आने वाले विदेशी पर्यटकों एवं सीमावर्ती जिला होने के कारण यहां आने वाले वीवीआईपी का हवाला देते हुए सांसद जगदंबिका पाल ने सर्किट हाउस निर्माण के लिए मुख्यमंत्री एवं लोकनिर्माण मंत्री को पत्रक देकर मांग की। डीएम दीपक मीणा ने भी यहां पर अत्याधुनिक सुविधा से लैस सर्किट हाउस निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
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सर्किट हाउस निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी इटवा खंड परिसर में भूमि चिह्नित किया गया है। यहां पीडब्ल्यूडी के कार्यालय साथ ही रेस्ट हाउस भी है। इसी परिसर की खाली भूमि पर प्रधानमंत्री का हेलिकॉप्टर उतरने के लिए तीन हेलीपैड बनाए गए थे। इसी भूमि के बगल में ही मेडिकल कॉलेज बना है।
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तीन डांक बंगलों की क्षमता है बेहद कम
शहर में पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के पुराने डांक बंगला और पीडब्ल्यूडी इटवा खंड के डाक बंगलों के अलावा दो कक्ष का वन विभाग का भी डाक बंगला है। इनकी आवासीय क्षमता बेहद कम है, जिससे जिले में वीआईपी आने के दौरान उन्हें ठहराने के लिए दिक्कत होती है। इनमें वन विभाग के डाक बंगला के मरम्मत की जरूरत है।
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