फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   bridge was not create in ten year

दस साल में भी नहीं बनी पुलिया

Mon, 14 Feb 2022 10:08 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Feb 2022 10:08 PM IST
विज्ञापन
bridge was not create in ten year
दस साल में भी नहीं बनी पुलिया
विज्ञापन

-खेसरहा ब्लॉक के मरवटिया बाजार का मामला, सात गांवों के लोगों को है दिक्कत
-2012 में टूट गई थी पुलिया
संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मरवटिया बाजार के टोला बनुहिया खुर्द गांव में टूटी पुलिया दस वर्ष बाद भी नहीं बन सकी है, इस कारण चुनाव में 500 मीटर बूथ तक आने वाले मतदाताओं को तीन किमी दूरी तय करनी पड़ रही है। पुलिया नहीं बनने के कारण गांव के लोगों में नाराजगी हैं, वोट मांगने वाले प्रत्याशियों से वे सवाल भी पूछ रहे हैं कि उनकी समस्या कब दूर होगी।
बनुहिया खुर्द गांव की एक हजार से अधिक की जनसंख्या है, जिसमें लगभग 450 मतदाता हैं। यहां के मतदाताओं को विधानसभा व लोक सभा के मतदान के लिए दूसरे ग्राम पंचायत बनुहिया बुजुर्ग के प्राथमिक विद्यालय पर जाना पड़ता है। नहर के रास्ते विद्यालय की दूरी सिर्फ 500 मीटर है, जबकि मरवटिया, कसिहरा होकर जाने में चार किमी दूर तय करनी पड़ती है। इस कारण कुछ लोग मतदान करने भी नहीं जा पाते हैं। दोनों गांव के बीच में नहर पर बनी पुलिया 2012 में टूटकर गिर गई। इस कारण बनोहिया खुर्द के साथ बनोहिया बुजुर्ग, छपवा, घोड़ीपार, पंचमोहनी, सुबही नगवा सहित सात गांवों के लोग परेशान हो रहे हैं। ग्रामीण रमजान अली ने बताया कि दोनों गांव के बीच नहर पर 2009 में पुलिया का निर्माण कराया गया। मानक की अनदेखी कर पुलिया बनाई गई थी। नहर विभाग व तहसील दिवस में कई बार आवेदन किया गया, लेकिन अभी तक पुलिया नहीं बनाई गई।
विज्ञापन

मतदान केंद्र दूसरे ग्राम पंचायत में है। वहां पहुंचने के लिए दूसरे रास्ते से होकर जाने में दूरी तय करनी पड़ती है। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद भी यहां पुलिया का निर्माण नहीं हुआ। लोगों को दस साल से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रिसाल अहमद
पंचायत चुनाव में गांव के विद्यालय में मतदान केंद्र बनाया जाता है, लेकिन विधानसभा व लोकसभा के चुनाव का मतदान केंद्र दूसरे ग्राम पंचायत के विद्यालय में बनाया जाता है, इसके लिए शिकायत भी हुई थी। पुलिया बन जाए तो सारी समस्या दूर हो जाएगी।
आसिफ अली
टूटी पुलिया के चलते कम संख्या में महिलाएं मतदान करने जाती हैं। नहर का पुलिया टूटने से आधा दर्जन गांवों के लोगों को आने-जाने में काफी परेशानी होती है। जनप्रतिधियों से गांव लोग पूछ रहे हैं कि पुलिया कब बनेगी।
सर्वजीत उपाध्याय
महिलाओं को होती है दिक्कत
गांव की हाजरा खातून का कहना है कि दूर के मतदान केंद्र पर जाने में महिलाओं को ज्यादा दिक्कत होती है। गांव के अधिकर परिवारों की रोजी रोटी का मुख्य जरिया खेती, पशुपालन और मजदूरी है। यदि पुुलिया बन जाए तो गांव में मतदान करने में लोगों का ज्यादा समय बर्बाद नहीं होता। मतदान केंद्र तक जाने के लिए वाहन आसानी से नहीं मिलता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता उग्रसेन वर्मा ने बताया कि मरवटिया में जो पुलिया टूटी है, उसे सिंचाई विभाग ने नहीं बनाया था, इसलिए मरम्मत या नई पुलिया बनाने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की नहीं है, जबकि बीडीओ राजकुमार ने कहा कि गांव में पुलिया टूटने की जानकारी उन्हें नहीं है। इस मामले की जानकारी कर पुलिया निर्माण का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed