Rain in Siddharthnagar: झूमकर बरसे बदरा, किसान खुश तो शहरियों के लिए सांसत
खेसरहा क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बेलौहा-मरवटिया बाजार मार्ग पर कसिहरा गांव के सामने सड़क धंस गई है। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। बांसी-धानी मार्ग पर सेमरा मुस्तहकम से मरवटिया बाजार होते हुए बेलौहा तक जाने वाली आठ किमी की सड़क पीएमजीएसवाई में चयनित है।
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सिद्धार्थनगर जिले में मानसून में पहली बार झूमकर बारिश होने से हर कोई खुश है। जिले में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। कई विद्यालयों में छुट्टी कर दी गई। ग्रामीण क्षेत्र में अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे पर खुशी नजर आई। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
मौसम का मिजाज बदलने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली है। जिला प्रशासन एवं मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे तक 24 घंटे में 70.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। बांसी में सर्वाधिक 122, नौगढ़ में 48, डुमरियागंज में 16.5, इटवा में 25 व शोहरतगढ़ में 26 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद भी रुक रुककर बारिश होती रही।
बारिश के कारण खेतों में बची हुई फसल लहलहा उठी तो शहर, गांव, कस्बे में गली-मोहल्लों में पानी भर गया। कहीं सड़क धंस गई तो कहीं शॉर्ट सर्किट के कारण अंधेरा हो गया। राज्य कृषि मौसम केंद्र के प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश के ऊपर से लो प्रेशर उत्तर प्रदेश की ओर शिफ्ट हुआ है। इस कारण दो दिन और बारिश होने का पूर्वानुमान है।
बिस्कोहर प्रतिनिधि के अनुसार बुधवार की देर रात से शुरू हुई बारिश बृस्पतिवार दिन में भी जारी रही। इस दौरान किसानों ने राहत की सांस ली। सड़कों व गलियों में जलभराव से लोगों को काफी परेशानी हुई नगर पंचायत बिस्कोहर के चौक रोड से उत्तर यादव डीह मार्ग, पुराना बैंक रोड से लोनिया मोहल्ला, श्रीरामजानकी पुरम मोहल्ला, पुराना डाकखाना से मुख्य कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में जलभराव से काफी परेशानी हुई।
इटवा प्रतिनिधि के अनुसार बारिश ने इटवा कस्बे में जलनिकासी की पोल खोल दी है। सबसे अधिक परेशानी बिस्कोहर मार्ग पर है। यहां दुकानों पर जाने के लिए पानी में घुसकर जाना पड़ रहा है। कस्बे के व्यापारी रिजवान अहमद सिद्दीकी, कमर अहमद, जमाल अहमद, जय प्रकाश अग्रहरि आदि ने जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर बनाने की मांग की है।
पकड़ी बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में बुधवार की आंधी रात से लगातार बारिश हो रही है। धेंसा प्रतिनिधि के अनुसार बारिश से धान की फसल को संजीवनी मिल गई है। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र में दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से पानी के अभाव में सुख रही धान की फसल के लिए संजीवनी बताई जा रही है। वहीं राजकीय कन्या इंटर कॉलेज का प्रांगण, ब्लॉक संसाधन केंद्र का प्रांगण, ब्लॉक, तहसील मार्ग, मोतीगंज-भारतभारी मार्ग, हल्लौर का साप्ताहिक बाजार स्थल आदि स्थलों पर जलभराव हो गया है।
17 घंटे बाद बहाल हुई बिजली
बुधवार रात 12:45 बजे चली तेज हवा के बीच हुई बारिश से बिजली व्यवस्था लड़खड़ा गई, जो बृहस्पतिवार शाम चार बजे तक बनी रही।
बारिश के बीच बिजली फाल्ट की समस्या भी शुरू हो गई। शाहपुर विद्युत केंद्र से 33 केवी ब्रेक डाउन होने के कारण विद्युत उपकेंद्र कठौतिया रामनाथ से बिस्कोहर व सोहना फीडर के तहत आने वाले बिस्कोहर, मुडिला मिश्र, बुड्ढी खास, खरिकवा, सिकौथा, नावडीह, गौरा बड़हरी, बड़हरा विशुनपुर, फुलपुर लाला व सोहना गांव की बिजली गुल हो गई। इस संबंध में विद्युत निगम के जेई सिद्धार्थ शंकर गुप्ता ने बताया कि तेज हवा व बारिश से 33 केवी ब्रेक डाउन होने से समस्या आई है। सिकरा बुजुर्ग के पास एचटी लाइन के तार पर पेड़ गिर गया था उसे सही करवाया जा रहा है।
लंबे समय के बाद दिखा परासी नाले में पानी का बहाव
बारिश में धंस गई सड़क
खेसरहा क्षेत्र में लगातार बारिश होने से बेलौहा-मरवटिया बाजार मार्ग पर कसिहरा गांव के सामने सड़क धंस गई है। इससे वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। बांसी-धानी मार्ग पर सेमरा मुस्तहकम से मरवटिया बाजार होते हुए बेलौहा तक जाने वाली आठ किमी की सड़क पीएमजीएसवाई में चयनित है। कुछ दिन पहले विभाग ने सड़क पर दर्जनों जगह ह्यूम पाइप लगाया था। कसिहरा गांव के पास ह्यूम पाइप के किनारे की मिट्टी धंस जाने से मरवटिया बेलौहा मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। लोगों को अधिक दूरी तय कर सकारपार, मरवटिया, खेसरहा आदि जगहों पर जाना पड़ रहा है।