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जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल
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जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था बदहाल
-इधर-उधर मेडिकल वेस्ट और कूड़ा फेंकने से फैली है गंदगी
- गंदगी से परेशान हैं मरीज और तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में स्वच्छता का अभाव है। अस्पताल परिसर से लेकर वार्ड तक जगह-जगह गंदगी का अंबार है। जगह-जगह लोग मेडिकल वेस्ट और खाने का सामान गिरा दे रहे हैं। समय से कूड़ा न उठाये जाने से दुर्गंध उठता है, मगर जिम्मेदार समस्या से अनजान बने हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। वहीं 24 घंटे के भीतर 20 से अधिक मरीज इमरजेंसी में आते हैं, जिन्हें इलाज करने के लिए भर्ती कराना पड़ता है। मरीजों के साथ तीमारदार भी आते हैं। ऐसे में भीड़ और बढ़ जाती है। अस्पताल में स्वच्छता बनी रहे इसके लिए हर जगह डस्टबिन रखा गया है। इसमें कई कलर के डस्टबिन रखे गए हैं, जिससे मेडिकल वेस्ट को फेंकने के बजाय उसी में रखा जाए, मगर हाल यह है कि जिला अस्पताल के अंदर से बाहर परिसर तक स्वच्छता का अभाव है। अस्पताल के डिलीवरी रूम के पास खाने वाली वस्तुओं के अवशेष, फलों के छिलके और बचा हुआ भोजन गिरा दिया जा रहा है, जिसके सड़न से दुर्गंध उठ रही है। इसके आगे रैंप वाली सीढ़ी के पास भी गंदगी फैली हुई है। आइसीयू वार्ड के पास भी डस्टबिन के बजाय जहां-तहां खाने वाले वस्तु, मेडिकल वेस्ट फेंका गया है। इससे अस्पताल में आने वाले अन्य मरीज और उनके परिवार के लोग परेशान हैं। यहां से अगर डस्टबिन बाहर ले जाया जा रहा है तो उसे परिसर के एक कोने में खुले में फेंक दिया जा रहा है, जहां सड़क के बाद दुर्गंध तो उठ ही रही है। इसके साथ ही हवा चलने के बाद बचा हुआ गंदा पॉलिथीन, कागज के टुकड़े और दवा के रैपर उड़ककर इमरजेंसी तक पहुंच जाता है। इससे गंदगी बनी रहती है। उसका निवासी रामस्नेही ने कहा कि सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। जनरल वार्ड में मां को भर्ती करने वाले रमटिकरा गांव निवासी महेंद्र ने बताया कि डस्टबिन फुल हो जाता है। उसे समय से खाली नहीं किया जाता है। इसलिए लोग खुले में कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी होती है। अस्पताल में भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। मगर कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
जल्द होगा व्यवस्था में होगा सुधार
जिला अस्पताल में गंदगी है, इस बारे में जानकारी नहीं है, मगर जल्द ही पूरे अस्पताल को सफाई व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य पं. माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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-इधर-उधर मेडिकल वेस्ट और कूड़ा फेंकने से फैली है गंदगी
- गंदगी से परेशान हैं मरीज और तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। संयुक्त जिला अस्पताल में स्वच्छता का अभाव है। अस्पताल परिसर से लेकर वार्ड तक जगह-जगह गंदगी का अंबार है। जगह-जगह लोग मेडिकल वेस्ट और खाने का सामान गिरा दे रहे हैं। समय से कूड़ा न उठाये जाने से दुर्गंध उठता है, मगर जिम्मेदार समस्या से अनजान बने हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में प्रतिदिन तकरीबन एक हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। वहीं 24 घंटे के भीतर 20 से अधिक मरीज इमरजेंसी में आते हैं, जिन्हें इलाज करने के लिए भर्ती कराना पड़ता है। मरीजों के साथ तीमारदार भी आते हैं। ऐसे में भीड़ और बढ़ जाती है। अस्पताल में स्वच्छता बनी रहे इसके लिए हर जगह डस्टबिन रखा गया है। इसमें कई कलर के डस्टबिन रखे गए हैं, जिससे मेडिकल वेस्ट को फेंकने के बजाय उसी में रखा जाए, मगर हाल यह है कि जिला अस्पताल के अंदर से बाहर परिसर तक स्वच्छता का अभाव है। अस्पताल के डिलीवरी रूम के पास खाने वाली वस्तुओं के अवशेष, फलों के छिलके और बचा हुआ भोजन गिरा दिया जा रहा है, जिसके सड़न से दुर्गंध उठ रही है। इसके आगे रैंप वाली सीढ़ी के पास भी गंदगी फैली हुई है। आइसीयू वार्ड के पास भी डस्टबिन के बजाय जहां-तहां खाने वाले वस्तु, मेडिकल वेस्ट फेंका गया है। इससे अस्पताल में आने वाले अन्य मरीज और उनके परिवार के लोग परेशान हैं। यहां से अगर डस्टबिन बाहर ले जाया जा रहा है तो उसे परिसर के एक कोने में खुले में फेंक दिया जा रहा है, जहां सड़क के बाद दुर्गंध तो उठ ही रही है। इसके साथ ही हवा चलने के बाद बचा हुआ गंदा पॉलिथीन, कागज के टुकड़े और दवा के रैपर उड़ककर इमरजेंसी तक पहुंच जाता है। इससे गंदगी बनी रहती है। उसका निवासी रामस्नेही ने कहा कि सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। जनरल वार्ड में मां को भर्ती करने वाले रमटिकरा गांव निवासी महेंद्र ने बताया कि डस्टबिन फुल हो जाता है। उसे समय से खाली नहीं किया जाता है। इसलिए लोग खुले में कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी होती है। अस्पताल में भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। मगर कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
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जल्द होगा व्यवस्था में होगा सुधार
जिला अस्पताल में गंदगी है, इस बारे में जानकारी नहीं है, मगर जल्द ही पूरे अस्पताल को सफाई व्यवस्था में सुधार हो जाएगा।
डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य पं. माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज