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डेंगू पर अलर्ट, जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड
सिद्धार्थनगर/ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Sep 2016 10:19 PM IST
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स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर अलर्ट हो गया है। डेंगू के मरीजों के लिए जिला अस्पताल में स्पेशल वार्ड खोल दिया गया है। जांच व उपचार के लिए चार चिकित्सकों की टीम गठित कर दी गई है। मच्छरदानी और दवाओं की खेप भी उपलब्ध करा दी गई है।
फिलहाल जिले में अब तक डेंगू का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है, मगर गोरखपुर में मरीज मिलने की सूचनाओं के बाद विभाग यहां भी तैयारियों में कसर नहीं छोड़ना चाह रहा।
दिल्ली और मुंबई में डेंगू का प्रकोप बढ़ता देख प्रदेश सरकार से सूबे में अलर्ट जारी करते हुए जिला अस्पतालों में इंतजाम के निर्देश दिए हैं। विशेष वार्ड बनाने के साथ पीड़ितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए व्यवस्था करने को कहा गया है।
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इसके मद्देनजर जिला अस्पताल प्रशासन सतर्क है। अस्पताल में डेंगू से पीड़ित होने वाले मरीजों के उपचार व उन्हें भर्ती करने के लिए एक वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा चार डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई गई। इसमें एक बाल रोग विशेषज्ञ के साथ तीन फिजिशियन शामिल हैं। मरीज में डेंगू की संभावना दिखने के बाद उसकी पूरी जांच अस्पताल में ही कराई जाएगी। इसके बाद अगर डेंगू होने की पुष्टि होती है तो उसे बनाया गए वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जहां मरीज को मच्छरदानी व अलग बेड पर रखा जाएगा। चिकित्सक तब तक स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे कि जब तक जांच में यह पुष्ट नहीं हो जाता है कि वह ठीक है।
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फिलहाल जिले में अब तक डेंगू का कोई मामला प्रकाश में नहीं आया है, मगर गोरखपुर में मरीज मिलने की सूचनाओं के बाद विभाग यहां भी तैयारियों में कसर नहीं छोड़ना चाह रहा।
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दिल्ली और मुंबई में डेंगू का प्रकोप बढ़ता देख प्रदेश सरकार से सूबे में अलर्ट जारी करते हुए जिला अस्पतालों में इंतजाम के निर्देश दिए हैं। विशेष वार्ड बनाने के साथ पीड़ितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए व्यवस्था करने को कहा गया है।
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इसके मद्देनजर जिला अस्पताल प्रशासन सतर्क है। अस्पताल में डेंगू से पीड़ित होने वाले मरीजों के उपचार व उन्हें भर्ती करने के लिए एक वार्ड बनाया गया है। इसके अलावा चार डॉक्टरों की एक कमेटी बनाई गई। इसमें एक बाल रोग विशेषज्ञ के साथ तीन फिजिशियन शामिल हैं। मरीज में डेंगू की संभावना दिखने के बाद उसकी पूरी जांच अस्पताल में ही कराई जाएगी। इसके बाद अगर डेंगू होने की पुष्टि होती है तो उसे बनाया गए वार्ड में भर्ती किया जाएगा। जहां मरीज को मच्छरदानी व अलग बेड पर रखा जाएगा। चिकित्सक तब तक स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे कि जब तक जांच में यह पुष्ट नहीं हो जाता है कि वह ठीक है।