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अधिवक्ताआें ने न्यायिक कार्य ठप कर रोष जताया
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:43 PM IST
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अधिवक्ताओं के साथ हो रही पुलिसिया बदसलूकी और समस्याओं को लेकर सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने शुक्रवार को कामकाज ठप कर दिया। सहारनपुर में साथी की हत्या के खिलाफ रोष जताते हुए राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार को सौंपा। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नगर की सड़कों से अतिक्रमण हटवाने की भी मांग की।
शुक्रवार को अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि मौजूदा सरकार में सूबे की पुलिस बेलगाम हो गई है।
अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ समाप्त हो गया और वह केवल लाचार व गरीबों पर कार्रवाई कर रही है। सहारनपुर के मृतक अधिवक्ता कर्मवीर सिंह को 20 लाख की सरकारी सहायता और आश्रित को नौकरी देने की मांग की गई। प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं का 50 लाख का बीमा कराया जाए।
प्रत्येक बार में पुस्तकालय के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने, अधिवक्ताओं का सम्मान सुरक्षित करने के लिए न्यायालय परिसर में अधिकारियों की तरह उनके लिए भी कक्ष का निर्माण करने, जनपद न्यायालय परिसर में व्याप्त गंदगी की सफाई कराने आदि की मांग उठाई।
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वकीलों ने कहा कि गंदगी के कारण वादकारियों व अधिवक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। सबसे व्यस्त व अधिकारियों के आवाजाही का प्रमुख मार्ग अरसे से खस्ताहाल है और उसे ठीक नहीं किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई कराई जाए और अधिवक्ताओं के लिए और जमीन दी जाए, ताकि नए अधिवक्ता भवन का निर्माण हो सके।
वहीं नवनिर्मित अधिवक्ता भवन की सड़क पर इंटरलाकिंग ईंट लगाई जाए। ज्ञापन में जनपद पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि छह जनवरी को न्यायालय बंदीगृह में घुसकर थानाध्यक्ष शोहरतगढ़ ने एक अभियुक्त को मारा-पीटा। परिसर में इस तरह की हरकत करने पर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ला, विनोद कुमार चतुर्वेदी, रविशंकर शुक्ल, अजय कुमार चौरसिया, नवनीत कुमार द्विवेदी, सिद्धनाथ पांडेय, कन्हैया प्रसाद पांडेय, अंजनी कुमार दुबे आदि मौजूद रहे।
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शुक्रवार को अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा कि मौजूदा सरकार में सूबे की पुलिस बेलगाम हो गई है।
अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ समाप्त हो गया और वह केवल लाचार व गरीबों पर कार्रवाई कर रही है। सहारनपुर के मृतक अधिवक्ता कर्मवीर सिंह को 20 लाख की सरकारी सहायता और आश्रित को नौकरी देने की मांग की गई। प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं का 50 लाख का बीमा कराया जाए।
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प्रत्येक बार में पुस्तकालय के निर्माण के लिए 10 लाख रुपये देने, अधिवक्ताओं का सम्मान सुरक्षित करने के लिए न्यायालय परिसर में अधिकारियों की तरह उनके लिए भी कक्ष का निर्माण करने, जनपद न्यायालय परिसर में व्याप्त गंदगी की सफाई कराने आदि की मांग उठाई।
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वकीलों ने कहा कि गंदगी के कारण वादकारियों व अधिवक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। सबसे व्यस्त व अधिकारियों के आवाजाही का प्रमुख मार्ग अरसे से खस्ताहाल है और उसे ठीक नहीं किया जा रहा है। परिसर की साफ-सफाई कराई जाए और अधिवक्ताओं के लिए और जमीन दी जाए, ताकि नए अधिवक्ता भवन का निर्माण हो सके।
वहीं नवनिर्मित अधिवक्ता भवन की सड़क पर इंटरलाकिंग ईंट लगाई जाए। ज्ञापन में जनपद पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए अधिवक्ताओं ने कहा कि छह जनवरी को न्यायालय बंदीगृह में घुसकर थानाध्यक्ष शोहरतगढ़ ने एक अभियुक्त को मारा-पीटा। परिसर में इस तरह की हरकत करने पर थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ला, विनोद कुमार चतुर्वेदी, रविशंकर शुक्ल, अजय कुमार चौरसिया, नवनीत कुमार द्विवेदी, सिद्धनाथ पांडेय, कन्हैया प्रसाद पांडेय, अंजनी कुमार दुबे आदि मौजूद रहे।