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लेखपालों ने काली पट्टी बांधकर जताया विरोध
सिद्धार्थनगर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Aug 2016 11:00 PM IST
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नौगढ़ तहसील परिसर में काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते लेखपाल।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। लेखपाल संघ ने छह सूत्री मांगों को लेकर गुरुवार को दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा। नाराज लेखपालों का कहना था कि वेतन विसंगति दूर करने सहित अन्य मांगों को लेकर चल रहा विरोध 22 अगस्त तक चलेगा। अगर मांगें नहीं पूरी की गई तो 23 अगस्त से पूर्ण रूप से कार्य का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि सरकार, लेखपालों को साथ अन्याय कर रही है। लेखपालों पर हो रहा शोषण अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति को जल्द दूर किया जाए। लेखपालों के पद का नाम बदलकर उप राजस्व निरीक्षक किया जाए।
स्थानांतरण नीति में बदलाव, पुरानी योजना की बहाली, 2005 के बाद नियुक्त किए गए लेखपालों को पेंशन का लाभ और पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर 17 से 22 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा।
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अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो 23 अगस्त से पूर्ण से कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष कृष्ण भूषण दूबे, दिलीप चौरसिया, रामसमुझ, देवानंद, गणेश तिवारी, अरविंद चौबे, अरुण श्रीवास्तव, विनय पांडेय, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।
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वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि सरकार, लेखपालों को साथ अन्याय कर रही है। लेखपालों पर हो रहा शोषण अधिक दिनों तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेतन विसंगति को जल्द दूर किया जाए। लेखपालों के पद का नाम बदलकर उप राजस्व निरीक्षक किया जाए।
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स्थानांतरण नीति में बदलाव, पुरानी योजना की बहाली, 2005 के बाद नियुक्त किए गए लेखपालों को पेंशन का लाभ और पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक की नियुक्ति की जाए। उन्होंने कहा कि मांगों को लेकर 17 से 22 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध किया जाएगा।
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अगर मांगें पूरी नहीं हुई तो 23 अगस्त से पूर्ण से कार्य का बहिष्कार कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान तहसील अध्यक्ष कृष्ण भूषण दूबे, दिलीप चौरसिया, रामसमुझ, देवानंद, गणेश तिवारी, अरविंद चौबे, अरुण श्रीवास्तव, विनय पांडेय, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।