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शौचालय निर्माण में 50 लाख का घोटाला, सचिव दंडित
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शौचालय निर्माण में 50 लाख का घोटाला, सचिव दंडित
सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बर्डपुर ब्लॉक में शौचालय निर्माण में अनियमितता कर 50.28 लाख रुपये का गबन कर लिया गया। सीडीओ पुलकित गर्ग के निर्देश पर हुई जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर डीपीआरओ आदर्श ने ग्राम पंचायत अधिकारी भानुप्रताप सिंह को दंडित किया है। ग्राम पंचायत अधिकारी को मूल वेतन के प्रथम स्टेज पर प्रत्यावर्तित कर दिया गया और उनके वेतन से 25.14 लाख रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्डपुर ब्लॉक के बर्डपुर नंबर सात गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत की थी। जांच में तीन सौ से अधिक लाभार्थियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनके नाम सूची में होने के बावजूद शौचालय निर्माण की धनराशि उन्हें नहीं मिली। जबकि, धन आहरित कर लिया गया था।
गांव में जहां शौचालय निर्मित भी पाए गए, वे भी आधे-अधूरे थे। एडीओ पंचायत की जांच रिपोर्ट में 50.28 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। इस आधार पर डीपीआरओ आदर्श ने ग्राम पंचायत अधिकारी भानुप्रताप सिंह को दंडित किया। डीपीआरओ ने गबन की गई धनराशि का आधा हिस्सा ग्राम पंचायत अधिकारी से वसूल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वर्ष 2021-22 उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए नितांत लापरवाह, उदासीन और पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने वाला कर्मचारी बताया है।
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लापरवाही में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गबन के मामले में दंडित हुए भानु प्रताप सिंह के विरुद्ध लापरवाही के मामले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इससे पूर्व भी बर्डपुर ब्लॉक में लापरवाही के मामले में वर्ष 2019 में कार्रवाई हो चुकी है। वह पहले लोटन ब्लॉक और फिर खेसरहा में भी तैनात रहे, जहां उन पर विभिन्न मामलों में अनियमितता के आरोप लगते रहे।
शौचालय निर्माण में अनियमितता के और भी हैं मामले
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण में अनियमितता करने के अन्य भी कई मामले सामने आए हैं। इसमें उसका ब्लॉक के छितरापार गांव में हुई जांच में शौचालय निर्माण में 28 लाख रुपये का गबन करने की पुष्टि हुई है। इस मामले में तत्कालीन प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को जिम्मेदार पाया गया है। मामले में कार्रवाई लंबित है।
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सिद्धार्थनगर। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत बर्डपुर ब्लॉक में शौचालय निर्माण में अनियमितता कर 50.28 लाख रुपये का गबन कर लिया गया। सीडीओ पुलकित गर्ग के निर्देश पर हुई जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर डीपीआरओ आदर्श ने ग्राम पंचायत अधिकारी भानुप्रताप सिंह को दंडित किया है। ग्राम पंचायत अधिकारी को मूल वेतन के प्रथम स्टेज पर प्रत्यावर्तित कर दिया गया और उनके वेतन से 25.14 लाख रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।
बर्डपुर ब्लॉक के बर्डपुर नंबर सात गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में ग्रामीणों ने अनियमितता की शिकायत की थी। जांच में तीन सौ से अधिक लाभार्थियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि उनके नाम सूची में होने के बावजूद शौचालय निर्माण की धनराशि उन्हें नहीं मिली। जबकि, धन आहरित कर लिया गया था।
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गांव में जहां शौचालय निर्मित भी पाए गए, वे भी आधे-अधूरे थे। एडीओ पंचायत की जांच रिपोर्ट में 50.28 लाख रुपये के गबन की पुष्टि हुई। इस आधार पर डीपीआरओ आदर्श ने ग्राम पंचायत अधिकारी भानुप्रताप सिंह को दंडित किया। डीपीआरओ ने गबन की गई धनराशि का आधा हिस्सा ग्राम पंचायत अधिकारी से वसूल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वर्ष 2021-22 उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए नितांत लापरवाह, उदासीन और पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने वाला कर्मचारी बताया है।
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लापरवाही में पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गबन के मामले में दंडित हुए भानु प्रताप सिंह के विरुद्ध लापरवाही के मामले में पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। इससे पूर्व भी बर्डपुर ब्लॉक में लापरवाही के मामले में वर्ष 2019 में कार्रवाई हो चुकी है। वह पहले लोटन ब्लॉक और फिर खेसरहा में भी तैनात रहे, जहां उन पर विभिन्न मामलों में अनियमितता के आरोप लगते रहे।
शौचालय निर्माण में अनियमितता के और भी हैं मामले
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शौचालय निर्माण में अनियमितता करने के अन्य भी कई मामले सामने आए हैं। इसमें उसका ब्लॉक के छितरापार गांव में हुई जांच में शौचालय निर्माण में 28 लाख रुपये का गबन करने की पुष्टि हुई है। इस मामले में तत्कालीन प्रधान एवं ग्राम पंचायत अधिकारी को जिम्मेदार पाया गया है। मामले में कार्रवाई लंबित है।