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सरकार की शुद्धि-बुद्धि के लिए संविदा कर्मियों ने किया हवन
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मांगों के समर्थन में सीएमओ कार्यालय पर तीसरे दिन भी दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। समान कार्य के लिए समान वेतन देने आदि मांगों को लेकर एनएचएम के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के सामने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। हड़ताल से इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों के समर्थन में लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। इसके बाद भी सरकार की तरफ से उनकी मांगों के प्रति अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने समान कार्य समान वेतन की व्यवस्था लागू करने, संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन करने व उनका स्थायी समायोजन करने की मांग की। इसके अलावा नए पद सृजित कर विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने, सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिए जाने आदि की मांग भी की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आशा कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वह लंबे समय से मानदेय देने की मांग की कर रही हैं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रति माह मानदेय दिए जाने की मांग की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनीष पांडेय, राजेश शर्मा, मान बहादुर, समीर सिंह, अरविन्द त्रिपाठी, ओपी द्विवेदी, सतीश चन्द्र वर्मा, दिनेश मिश्रा, हरीश यादव, उस्मान, रवि प्रकाश चौधरी, चंदन राय व संदीप पाठक आदि ने कहा कि अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो अन्य सेवाएं भी पूरी तरह से ठप कर दी जाएंगी।
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ऑनलाइन रिपोर्टिंग व टीकाकरण अभियान प्रभावित
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी को छोड़ सभी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लाभार्थियों की फीडिंग, आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की फीडिंग, जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान, मिजिल्स रूबेला अभियान, इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर, सभी प्रकार की मासिक रिपोर्ट, संचारी रोग टीकाकरण आदि सेवाएं प्रभावित रहीं।
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मांगों के समर्थन में सीएमओ कार्यालय पर तीसरे दिन भी दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। समान कार्य के लिए समान वेतन देने आदि मांगों को लेकर एनएचएम के संविदा कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार को कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के सामने बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया। हड़ताल से इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों के समर्थन में लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है। इसके बाद भी सरकार की तरफ से उनकी मांगों के प्रति अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने समान कार्य समान वेतन की व्यवस्था लागू करने, संविदा स्वास्थ्य कर्मियों को जिला स्वास्थ्य समिति के अधीन करने व उनका स्थायी समायोजन करने की मांग की। इसके अलावा नए पद सृजित कर विभिन्न पदों पर कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को नियमित करने, सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिए जाने आदि की मांग भी की।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित कार्यक्रम के क्रियान्वयन में आशा कार्यकर्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। वह लंबे समय से मानदेय देने की मांग की कर रही हैं। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को प्रति माह मानदेय दिए जाने की मांग की। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मनीष पांडेय, राजेश शर्मा, मान बहादुर, समीर सिंह, अरविन्द त्रिपाठी, ओपी द्विवेदी, सतीश चन्द्र वर्मा, दिनेश मिश्रा, हरीश यादव, उस्मान, रवि प्रकाश चौधरी, चंदन राय व संदीप पाठक आदि ने कहा कि अगर सरकार मांगे नहीं मानती है तो अन्य सेवाएं भी पूरी तरह से ठप कर दी जाएंगी।
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ऑनलाइन रिपोर्टिंग व टीकाकरण अभियान प्रभावित
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के कारण इमरजेंसी को छोड़ सभी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लाभार्थियों की फीडिंग, आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की फीडिंग, जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान, मिजिल्स रूबेला अभियान, इंसेफेलाइटिस ट्रीटमेंट सेंटर, सभी प्रकार की मासिक रिपोर्ट, संचारी रोग टीकाकरण आदि सेवाएं प्रभावित रहीं।