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जमुआर नाले में कर सकेंगे नौका विहार
Thu, 17 Jan 2019 10:50 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 17 Jan 2019 10:50 PM IST
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सिद्धार्थनगर। अब जिला मुख्यालय पर भी नौका विहार का लोग लुत्फ उठा सकेंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पालिका प्रशासन ने इस संबंध में कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत इसे नेपाल के प्रमुख बौद्ध पर्यटन स्थल लुंबिनी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जमुआर नाले के बैकुंठ धाम से पिठनी घाट तक (करीब डेढ़ किलोमीटर) तक यह सुविधा मिलेगी। साल के अंत तक यह योजना धरातल पर उतर जाएगी।
जनपद बनने के 30 वर्ष बाद भी मुख्यालय पर मनोरंजन के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। ऐसे में पालिका क्षेत्र के अलावा आसपास के नागरिकों को मनोरंजन के लिए लुुंबिनी या लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क, डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क या अन्य नगरों में जाते थे। इस समय और धन दोनों का नुकसान होता था। शहरवासियों को उद्यान पार्क, बुद्धा पार्क के अलावा मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर प्रशासन ने नौका विहार की सुविधा देने के लिए जमुआर नाले का चयन करते हुए बैकुंठ धाम से पिठनी घाट के बीच लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से कार्य योजना तैयार की है।
अस्तित्व में आएगा चित्रगुप्त पार्क
शहर के उत्तरी छोर पर जमुआर नाले पर कस्बावासियों खासकर बच्चों के मनोरंजन को लेकर वर्ष 2006-07 में नपा प्रशासन ने बैकुंठ धाम से पहले मुख्य सड़क पर चित्रगुप्त पार्क का निर्माण कराया था। दो वर्ष पूर्व पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में चले जाने से वह उजड़ गया है। ईओ के मुताबिक इस पार्क के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए शहर में भूमि की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही दोबारा पार्क का निर्माण कराया जाएगा।
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नगर पालिका परिषद के क्षेत्र समेत आसपास के लोगों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के लिए जमुआर नाले पर नौका विहार की सुविधा मुहैय्या कराने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
श्याम बिहारी जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका, सिद्धार्थनगर
नगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नपा प्रशासन नेपाल के लुंबिनी की तर्ज पर नौका विहार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए कार्ययोजना बना ली गई है। साल के अंत तक लोगों को नौका विहार करने के लिए कही बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
शैलेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी
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जनपद बनने के 30 वर्ष बाद भी मुख्यालय पर मनोरंजन के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। ऐसे में पालिका क्षेत्र के अलावा आसपास के नागरिकों को मनोरंजन के लिए लुुंबिनी या लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क, डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क या अन्य नगरों में जाते थे। इस समय और धन दोनों का नुकसान होता था। शहरवासियों को उद्यान पार्क, बुद्धा पार्क के अलावा मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर प्रशासन ने नौका विहार की सुविधा देने के लिए जमुआर नाले का चयन करते हुए बैकुंठ धाम से पिठनी घाट के बीच लगभग डेढ़ करोड़ की लागत से कार्य योजना तैयार की है।
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अस्तित्व में आएगा चित्रगुप्त पार्क
शहर के उत्तरी छोर पर जमुआर नाले पर कस्बावासियों खासकर बच्चों के मनोरंजन को लेकर वर्ष 2006-07 में नपा प्रशासन ने बैकुंठ धाम से पहले मुख्य सड़क पर चित्रगुप्त पार्क का निर्माण कराया था। दो वर्ष पूर्व पार्क राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में चले जाने से वह उजड़ गया है। ईओ के मुताबिक इस पार्क के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए शहर में भूमि की तलाश की जा रही है। जमीन मिलते ही दोबारा पार्क का निर्माण कराया जाएगा।
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नगर पालिका परिषद के क्षेत्र समेत आसपास के लोगों को मनोरंजन के साधन उपलब्ध कराने के लिए जमुआर नाले पर नौका विहार की सुविधा मुहैय्या कराने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा।
श्याम बिहारी जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका, सिद्धार्थनगर
नगर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नपा प्रशासन नेपाल के लुंबिनी की तर्ज पर नौका विहार की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है। इसके लिए कार्ययोजना बना ली गई है। साल के अंत तक लोगों को नौका विहार करने के लिए कही बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
शैलेन्द्र गुप्ता, अधिशासी अधिकारी