{"_id":"5b86dbff42c7924656043928","slug":"151535564799-siddharthnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
siddharthnagar
Updated Wed, 29 Aug 2018 11:30 PM IST
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय के पास धरने पर बैठे मतदाता जागरण संस्थ्ाान के लाोग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर मतदाता जागरण संस्थान के बैनर तले बुधवार को बीएसए कार्यालय परिसर में धरना दिया गया।
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शेख सिराज बाबा ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। गौ हत्या करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। कठोर कानून बनने पर ही गाय का संरक्षण संभव है। जल्द ही देश के विभिन्न कोने से संगठन के सदस्य प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करेंगे। अगर इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
कहा आज गांव के लेकर शहर तक सड़कों पर गाय घूम रही हैं। स्कूली बच्चे व आम लोग साड़ के हमले का शिकार भी हो रहे हैं। कहा कि अगर गोवंशीय पशुओं को संरक्षण होता तो शायद उन्हें सड़कों पर नहीं भटकना पड़ता। प्रदेश सरकार भी इस मसले पर ध्यान नहीं दे रही हैं। इस दौरान शेख मसहूर अली, रिद्वकेश्वर मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष शैलेंद्र श्रीवास्तव, आशीष कुमार मिश्र, राजेश पाठक, राजेंद्र चौरसिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शेख सिराज बाबा ने कहा कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। गौ हत्या करने वालों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। कठोर कानून बनने पर ही गाय का संरक्षण संभव है। जल्द ही देश के विभिन्न कोने से संगठन के सदस्य प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचकर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करेंगे। अगर इसके बाद भी मांग पूरी नहीं हुई तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
कहा आज गांव के लेकर शहर तक सड़कों पर गाय घूम रही हैं। स्कूली बच्चे व आम लोग साड़ के हमले का शिकार भी हो रहे हैं। कहा कि अगर गोवंशीय पशुओं को संरक्षण होता तो शायद उन्हें सड़कों पर नहीं भटकना पड़ता। प्रदेश सरकार भी इस मसले पर ध्यान नहीं दे रही हैं। इस दौरान शेख मसहूर अली, रिद्वकेश्वर मणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष शैलेंद्र श्रीवास्तव, आशीष कुमार मिश्र, राजेश पाठक, राजेंद्र चौरसिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन