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कागजी खरीद से पूरा कर रहे गेहूं खरीद का लक्ष्य
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:27 PM IST
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डुमरियागंज (ब्यूरो)। गेहूं खरीद कागजों में चल रहा है। कागजी घोड़े दौड़ा कर लक्ष्य पूरा करने का खेल चल रहा है। शाहपुर मंडी समिति परिसर में स्थापित एफसीआई क्रय केंद्र पर कागजी खरीद का मामला सामने आया है। सेंटर पर कागज में 8300 कुंतल गेहूं की खरीद हो चुकी है। क्षेत्रीय किसानों ने आरोप लगाया है कि आधे से अधिक किसानों का फर्जी विवरण भर धांधली हुई है।
किसानों को उपज का वाजिब मूल्य और क्रय केंद्रों तक उपज लाने पर अतिरिक्त ढुलाई खर्च देने का फरमान दिया गया है। केंद्रों पर किसानों को बैठने, पानी पिलाने की व्यवस्था किए जाने का भी निर्देश है, लेकिन शाहपुर मंडी समिति में स्थापित एफसीआई क्रय केंद्र पर कोई व्यवस्था नहीं है। खरीद को भी पारदर्शी नहीं रखा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सेंटर से 37 ट्रक गेहूं गोदाम के लिए भेजा गया है। आठ हजार कुंतल का भुगतान हुआ है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर सिर्फ बिचौलियों का गेहूं खरीदा जा रहा है। छोटे किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया। क्षेत्रीय किसान ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि सेंटर पर तैनात एक प्राइवेट कर्मचारी की बिचौलियों से मिलीभगत है। उसी के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही है। अधिवक्ता सुनील चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि करीब एक सौ किसानों से अब तक करीब 8500 कुंतल गेहूं की गई है। विभागीय रजिस्टर में दर्ज किसानों के नाम-पता गलत अंकित हैं। परमात्मा प्रसाद, ग्राम प्रधान जगदंबा लाल श्रीवास्तव कहते हैं कि जांच हो तो सरकारी क्रय केंद्र पर किसानों के कागजी खरीद की पोल खुल जाएगी। इस संबंध में एसएमआई भनवापुर राजेश सिंह कहते हैं कि सेंटर पर दर्ज किसानों के नंबरों पर संपर्क किया गया था। कई ने गेहूं बिक्री करने से इनकार किया था। पूर्व में भी शिकायत मिली थी। सेंटर के तकनीकी सहायक को दो बार चेतावनी दी जा चुकी है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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किसानों को उपज का वाजिब मूल्य और क्रय केंद्रों तक उपज लाने पर अतिरिक्त ढुलाई खर्च देने का फरमान दिया गया है। केंद्रों पर किसानों को बैठने, पानी पिलाने की व्यवस्था किए जाने का भी निर्देश है, लेकिन शाहपुर मंडी समिति में स्थापित एफसीआई क्रय केंद्र पर कोई व्यवस्था नहीं है। खरीद को भी पारदर्शी नहीं रखा गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सेंटर से 37 ट्रक गेहूं गोदाम के लिए भेजा गया है। आठ हजार कुंतल का भुगतान हुआ है। किसानों का कहना है कि क्रय केंद्र पर सिर्फ बिचौलियों का गेहूं खरीदा जा रहा है। छोटे किसानों का गेहूं नहीं खरीदा गया। क्षेत्रीय किसान ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि सेंटर पर तैनात एक प्राइवेट कर्मचारी की बिचौलियों से मिलीभगत है। उसी के माध्यम से गेहूं खरीद हो रही है। अधिवक्ता सुनील चंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि करीब एक सौ किसानों से अब तक करीब 8500 कुंतल गेहूं की गई है। विभागीय रजिस्टर में दर्ज किसानों के नाम-पता गलत अंकित हैं। परमात्मा प्रसाद, ग्राम प्रधान जगदंबा लाल श्रीवास्तव कहते हैं कि जांच हो तो सरकारी क्रय केंद्र पर किसानों के कागजी खरीद की पोल खुल जाएगी। इस संबंध में एसएमआई भनवापुर राजेश सिंह कहते हैं कि सेंटर पर दर्ज किसानों के नंबरों पर संपर्क किया गया था। कई ने गेहूं बिक्री करने से इनकार किया था। पूर्व में भी शिकायत मिली थी। सेंटर के तकनीकी सहायक को दो बार चेतावनी दी जा चुकी है। इस संबंध में अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
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