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योगी सरकार में एससी एक्ट के दुरुपयोग पर विराम
Sun, 03 Mar 2019 09:54 PM IST
brijesh kumar
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Published by: brijesh kumar
Updated Sun, 03 Mar 2019 09:54 PM IST
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अनुसूचित जाति एंव जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृजलाल।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्तियों से संबंधित मुकदमों में लागू अनुसूचित जाति एक्ट का दुरुपयोग कम हुआ है। पूर्ववर्ती सरकारों में बेगुनाहों को फंसाने का अभियान चलाया जाता था, पर प्रदेश में योगी आदित्य नाथ की अगुवाई में सरकार बनने के बाद अनुसूचितजाति एक्ट के दुरुपयोग पर काफी हद तक अंकुश लगाया गया है। बगैर जांच के किसी भी मामले में गिरफ्तारी के लिए सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी लापरवाही सामने आई तो दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।
उक्त बातें प्रदेश के पूर्व डीजीपी व उत्तर प्रदेश अनुुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृज लाल ने कही। वह रविवार को गृह जनपद में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति के साथ हत्या, मृत्यु, सामूहिक बलात्कार, स्थायी अक्षमता व डकैती जैसी घटनाएं होने पर आश्रितों को पेंशन व अन्य लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया। बताया कि दलित की हत्या होने पर आश्रित को हर माह पांच हजार पेंशन, उनके बच्चों को स्नातक स्तर पर आवासीय शिक्षा प्रदान करने, हत्या के तीन माह तक बर्तन, चावल, गेहूं, दाल आदि का प्रबंध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से मिले निर्देश के बाद शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से 14 जून 2016 से पीड़ित दलित व्यक्तियों को पूरा लाभ मिलेगा।
सपा से पिटने वाला व्यक्ति बसपा को वोट नहीं देगा
सूबे के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने कहा कि प्रदेश में बसपा-सपा गठबंधन को ठगबंधन बताते हुए कहा कि सपा के शासनकाल में सपाइयों से पिटने वाला अनुसूचित जाति का व्यक्ति किसी भी कीमत पर बसपा को वोट नहीं देगा। अखिलेश यादव व मायावती दोनों ही एक-दूसरे का पर कतरने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि साइकिल व हाथी में से कौन किस पर सवार होगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। पूर्व डीजीपी ने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकियों व अपराधियों को समाजवादी पनाह देते हैं जिसका उदाहरण सेवाकाल के दौरान फैजाबाद में एक आतंकी की लू से मरने के बाद भी स्वयं के साथ कई पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाना है।
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उक्त बातें प्रदेश के पूर्व डीजीपी व उत्तर प्रदेश अनुुसूचित जाति, जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृज लाल ने कही। वह रविवार को गृह जनपद में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्ति के साथ हत्या, मृत्यु, सामूहिक बलात्कार, स्थायी अक्षमता व डकैती जैसी घटनाएं होने पर आश्रितों को पेंशन व अन्य लाभ दिए जाने का निर्णय लिया गया। बताया कि दलित की हत्या होने पर आश्रित को हर माह पांच हजार पेंशन, उनके बच्चों को स्नातक स्तर पर आवासीय शिक्षा प्रदान करने, हत्या के तीन माह तक बर्तन, चावल, गेहूं, दाल आदि का प्रबंध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से मिले निर्देश के बाद शासनादेश जारी कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था से 14 जून 2016 से पीड़ित दलित व्यक्तियों को पूरा लाभ मिलेगा।
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सपा से पिटने वाला व्यक्ति बसपा को वोट नहीं देगा
सूबे के पूर्व पुलिस महानिदेशक बृज लाल ने कहा कि प्रदेश में बसपा-सपा गठबंधन को ठगबंधन बताते हुए कहा कि सपा के शासनकाल में सपाइयों से पिटने वाला अनुसूचित जाति का व्यक्ति किसी भी कीमत पर बसपा को वोट नहीं देगा। अखिलेश यादव व मायावती दोनों ही एक-दूसरे का पर कतरने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि साइकिल व हाथी में से कौन किस पर सवार होगा, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। पूर्व डीजीपी ने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकियों व अपराधियों को समाजवादी पनाह देते हैं जिसका उदाहरण सेवाकाल के दौरान फैजाबाद में एक आतंकी की लू से मरने के बाद भी स्वयं के साथ कई पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराया जाना है।
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