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‘लोकतंत्र में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम’
Thu, 20 Dec 2018 10:52 PM IST
राकेश पांडेय
siddharthnagar
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 20 Dec 2018 10:52 PM IST
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मिठास कार्यक्रम में मौजूद अफसर।
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। वादकारियों के साथ हर पीड़ितों को न्याय दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका अहम होती है। इसके लिए बेहतर समन्वय स्थापित किया जाना चाहिए। इस दिशा में ‘मिठास’ कार्यक्रम निश्चय ही मील का पत्थर साबित होगा।
यह बात जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने कही। वह गुरुवार को सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के तत्वावधान में संगठन के सभागार में मिठास कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभों में शामिल अधिवक्ताओं की भी समाज में भूमिका अहम होती है। पीड़ितों को न्याय दिलाने में काफी मददगार साबित होते हैं। ऐसे में प्रशासन से बेहतर समन्वय बनाने की दिशा में यह पहल सार्थक व सकारात्मक है। ऐसे आयोजन समय-समय पर होनी चाहिए। प्रेस क्लब भवन के लिए भूमि चयन संबंधी अंतिम चरण में कार्रवाई का भी जिक्र किया। उल्लेखनीय है कि प्रशासन, पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल के उद्देश्य से पहली बार सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की ओर से ‘मिठास’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि पुलिस पर एक पक्ष का आरोप लगना तय है।
दूूसरा पक्ष भी कार्रवाई से संतुष्ट भी नहीं होता है। मगर अधिवक्ता समाज पक्षपात से बरी है। उन पर कोई आरोप लगाने वाला नहीं है। अधिवक्ता न हो तो अमृत नहीं निकलेगा। कार्यक्रम को एचएन उपाध्याय, पीपी मिश्रा, यशोदा श्रीवास्तव, एमपी गोस्वामी ने भी संबोधित किया। संचालन पूर्व महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ला ने किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने आभार जताते हुए न्यायालय परिसर में साफ-सफाई के साथ सोलर लाइट, हैंडपंप आदि के लिए अनुरोध किया।
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यह बात जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने कही। वह गुरुवार को सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन के तत्वावधान में संगठन के सभागार में मिठास कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। कहा कि लोकतंत्र के चार स्तंभों में शामिल अधिवक्ताओं की भी समाज में भूमिका अहम होती है। पीड़ितों को न्याय दिलाने में काफी मददगार साबित होते हैं। ऐसे में प्रशासन से बेहतर समन्वय बनाने की दिशा में यह पहल सार्थक व सकारात्मक है। ऐसे आयोजन समय-समय पर होनी चाहिए। प्रेस क्लब भवन के लिए भूमि चयन संबंधी अंतिम चरण में कार्रवाई का भी जिक्र किया। उल्लेखनीय है कि प्रशासन, पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल के उद्देश्य से पहली बार सिद्धार्थ बार एसोसिएशन की ओर से ‘मिठास’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मबीर सिंह ने कहा कि पुलिस पर एक पक्ष का आरोप लगना तय है।
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दूूसरा पक्ष भी कार्रवाई से संतुष्ट भी नहीं होता है। मगर अधिवक्ता समाज पक्षपात से बरी है। उन पर कोई आरोप लगाने वाला नहीं है। अधिवक्ता न हो तो अमृत नहीं निकलेगा। कार्यक्रम को एचएन उपाध्याय, पीपी मिश्रा, यशोदा श्रीवास्तव, एमपी गोस्वामी ने भी संबोधित किया। संचालन पूर्व महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ला ने किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह ने आभार जताते हुए न्यायालय परिसर में साफ-सफाई के साथ सोलर लाइट, हैंडपंप आदि के लिए अनुरोध किया।
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