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Shravasti News: सूचना न देने पर परिवहन आयुक्त पर 25 हजार का जुर्माना
Mon, 12 Oct 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 12 Oct 2026 11:14 PM IST
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आयोग का लेटर
श्रावस्ती। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराना परिवहन आयुक्त को भारी पड़ा है। राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई के बाद परिवहन आयुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही उन्हें 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में जुर्माना वसूलने के साथ वाद निस्तारित करने का निर्देश भी दिया गया है।
गिलौला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत दंदौली निवासी प्रदीप कुमार ने छह दिसंबर 2012 को परिवहन आयुक्त से जनसूचना मांगी थी। इसमें उन्होंने अपनी ओर से पूर्व में की गई शिकायत के पत्र की प्राप्ति तिथि, शिकायत के बाद नामित अधिकारी और उसके स्तर से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय में कार्यरत लिपिक अमर बाबू के खिलाफ की गई कार्रवाई और 25 हजार रुपये के जुर्माने के साथ तहसीलदार को भेजी गई आरसी की वापसी के समय से संबंधित जानकारी भी मांगी थी।
प्रदीप कुमार को मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के कार्यालय में अपील की और परिवहन आयुक्त के खिलाफ सूचना न देने के संबंध में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने परिवहन आयुक्त को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।
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गिलौला थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत दंदौली निवासी प्रदीप कुमार ने छह दिसंबर 2012 को परिवहन आयुक्त से जनसूचना मांगी थी। इसमें उन्होंने अपनी ओर से पूर्व में की गई शिकायत के पत्र की प्राप्ति तिथि, शिकायत के बाद नामित अधिकारी और उसके स्तर से की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा एआरटीओ कार्यालय में कार्यरत लिपिक अमर बाबू के खिलाफ की गई कार्रवाई और 25 हजार रुपये के जुर्माने के साथ तहसीलदार को भेजी गई आरसी की वापसी के समय से संबंधित जानकारी भी मांगी थी।
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प्रदीप कुमार को मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। इसके बाद उन्होंने राज्य सूचना आयुक्त के कार्यालय में अपील की और परिवहन आयुक्त के खिलाफ सूचना न देने के संबंध में वाद दायर किया। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयुक्त राजेंद्र सिंह ने परिवहन आयुक्त को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया।
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