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Shravasti News: बूंदाबांदी से नर्म पड़ा मौसम का मिजाज
Mon, 05 May 2025 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 05 May 2025 12:43 AM IST
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भिनगा में दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी ।
श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा है। रविवार को मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिले। कभी बदली, कभी धूप के बीच हुई बूंदाबांदी ने मौसम का पारा गिरा दिया। इससे लोगों को चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी से राहत मिली। इस बीच जिन किसानों ने गेहूं की मड़ाई नहीं की, उनकी चिंता भी बढ़ गई।
जिले में विगत तीन दिनों से बादलों की लुकाछिपी का खेल जारी है। सुबह दस बजे तक बदली व उसके बाद निकलने वाली चिलचिलाती धूप ने उमस बढ़ा दी है। इस बीच चलने वाली गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही थीं। ऐसे में रविवार राहत भरा रहा। सुबह खिली धूप ने लोगों को बेचैन किया, तो अचानक बदली छा जाने के कारण मौसम का मिजाज कुछ नर्म पड़ा। इस बीच चलने वाली पूर्वा हवाओं से बढ़ी उमस ने बेचैन किया तो अचानक हुई बूंदाबांदी ने उमस से भी राहत दिला दी। इन सबके बीच जहां मौसम खुशगवार हो गया। वहीं जिन किसानों के गेहूं की मड़ाई नहीं हुई है। उनकी चिंता भी बढ़ गई। किसानों का मानना है कि बरसात हुई तो मड़ाई का कार्य तो पिछड़ेगा ही। साथ ही गेहूं व भूसे के खराब होने का खतरा भी बढ़ेगा।
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जिले में विगत तीन दिनों से बादलों की लुकाछिपी का खेल जारी है। सुबह दस बजे तक बदली व उसके बाद निकलने वाली चिलचिलाती धूप ने उमस बढ़ा दी है। इस बीच चलने वाली गर्म हवाएं लोगों को झुलसा रही थीं। ऐसे में रविवार राहत भरा रहा। सुबह खिली धूप ने लोगों को बेचैन किया, तो अचानक बदली छा जाने के कारण मौसम का मिजाज कुछ नर्म पड़ा। इस बीच चलने वाली पूर्वा हवाओं से बढ़ी उमस ने बेचैन किया तो अचानक हुई बूंदाबांदी ने उमस से भी राहत दिला दी। इन सबके बीच जहां मौसम खुशगवार हो गया। वहीं जिन किसानों के गेहूं की मड़ाई नहीं हुई है। उनकी चिंता भी बढ़ गई। किसानों का मानना है कि बरसात हुई तो मड़ाई का कार्य तो पिछड़ेगा ही। साथ ही गेहूं व भूसे के खराब होने का खतरा भी बढ़ेगा।
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