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Shravasti News: थाईलैंड के अनुयायियों ने की बोधि वृक्ष की पूजा
Sat, 25 Oct 2025 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 25 Oct 2025 01:18 AM IST
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बोधि वृक्ष की पूजा करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बुद्ध की तपोस्थली श्रावस्ती शुक्रवार को अनुयायियों से गुलजार रही। थाईलैंड के बौद्ध अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद की अध्यक्षता में बोधि वृक्ष की पूजा-अर्चना की। इसके बाद बौद्ध सभा का आयोजन किया गया।
सभा में भिक्षु देवानंद ने उपदेश देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने 25 वर्षों तक जेतवन मठ में निवास किया और यहीं अनेक उपदेश भी दिए। श्रावस्ती में भगवान बुद्ध ने अपने आलोचकों को चकित करने वाले कई चमत्कार किए।
भिक्षु ने आगे बताया कि एक बार भगवान बुद्ध सहस्रदल कमल पर विराजमान हुए और उनके शरीर से अग्नि तथा जल की धारा एक साथ प्रस्फुटित हुई। इसके बाद वह अनेक रूपों में प्रकट हुए। यहीं पर भगवान बुद्ध ने अंगुलिमाल नामक डाकू का हृदय परिवर्तित कर भिक्षु अंगुलिमाल बनाया था।
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सभा के बाद अनुयायियों ने जेतवन परिसर का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।
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सभा में भिक्षु देवानंद ने उपदेश देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध ने 25 वर्षों तक जेतवन मठ में निवास किया और यहीं अनेक उपदेश भी दिए। श्रावस्ती में भगवान बुद्ध ने अपने आलोचकों को चकित करने वाले कई चमत्कार किए।
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भिक्षु ने आगे बताया कि एक बार भगवान बुद्ध सहस्रदल कमल पर विराजमान हुए और उनके शरीर से अग्नि तथा जल की धारा एक साथ प्रस्फुटित हुई। इसके बाद वह अनेक रूपों में प्रकट हुए। यहीं पर भगवान बुद्ध ने अंगुलिमाल नामक डाकू का हृदय परिवर्तित कर भिक्षु अंगुलिमाल बनाया था।
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सभा के बाद अनुयायियों ने जेतवन परिसर का भ्रमण कर इतिहास की जानकारी ली। इस मौके पर काफी संख्या में बौद्ध अनुयायी मौजूद रहे।