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कोहरे में लिपटी तराई, छह डिग्री पर पहुंचा पारा
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श्रावस्ती। तराई में मौसम का मिजाज सोमवार की शाम से अचानक बदल गया। देर शाम से शुरू हुआ कोहरे का दौर मंगलवार की दोपहर बाद तक जारी रहा। इससे लोग ठंड कांपते नजर आए। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं दोपहर बाद निकले सूरज ने लोगों को कुछ राहत दी। इसके साथ ही लगातार चल रही पश्चिमोत्तर हवा के कारण सुबह शाम ठिठुरन भी बढ़ी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं कराई गई। ठंड से बचाव के लिए लोग आसपास से लकड़ी एकत्र कर उसे जला रहे हैं।
पहाड़ों पर हो रही वर्फबारी से जिले में मौसम का मिजाज सोमवार शाम अचानक बदल गया। लगातार दस किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही तेज पश्चिमोत्तर हवा के कारण जिले में ठंड काफी बढ़ गई है। सोमवार की देर शाम शुरू हुआ घने कोहरे का दौर दोपहर बाद तक जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ने के कारण सुबह तक कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा। तेज हवा व घने कोहरे के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर छह डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिससे लोग ऊनी कपड़ों में भी ठंड से बेहाल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे।
वहीं दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भी अब तक न तो जिला व तहसील प्रशासन की ओर से भिनगा व इकौना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी गरीबों को कंबल वितरित कराया गया और न ही नगर निकायों की ओर से प्रमुख चौक चौराहों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था ही कराई गई। इससे गरीबों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को ठंड से बचने के लिए खुद से ही लकड़ियों का प्रबंध करते देखा जा रहा है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि तापमान में शुक्रवार तक अभी और गिरावट संभव है। इस बीच बरसात की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग एहतियात बरते।
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पहाड़ों पर हो रही वर्फबारी से जिले में मौसम का मिजाज सोमवार शाम अचानक बदल गया। लगातार दस किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही तेज पश्चिमोत्तर हवा के कारण जिले में ठंड काफी बढ़ गई है। सोमवार की देर शाम शुरू हुआ घने कोहरे का दौर दोपहर बाद तक जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ने के कारण सुबह तक कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा। तेज हवा व घने कोहरे के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर छह डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। जिससे लोग ऊनी कपड़ों में भी ठंड से बेहाल रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे।
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वहीं दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भी अब तक न तो जिला व तहसील प्रशासन की ओर से भिनगा व इकौना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले सभी गरीबों को कंबल वितरित कराया गया और न ही नगर निकायों की ओर से प्रमुख चौक चौराहों पर अलाव की पर्याप्त व्यवस्था ही कराई गई। इससे गरीबों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को ठंड से बचने के लिए खुद से ही लकड़ियों का प्रबंध करते देखा जा रहा है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि तापमान में शुक्रवार तक अभी और गिरावट संभव है। इस बीच बरसात की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ठंड से बचने के लिए लोग एहतियात बरते।
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