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पानी में दिखी बालू, पीने से हिचके डिप्टी सीएम
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इकौना, श्रावस्ती। जिले के भ्रमण पर आए डिप्टी सीएम ब्रजेश इकौना में मजरा भिट्ठी के कंपोजिट विद्यालय में निरीक्षण को पहुंचे। इस दौरान बच्चों द्वारा पीने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पानी के नल से उन्होंने पीने के लिए चुल्लू में पानी भरा। चुल्लू भरे पानी में बालू देख कर वह पीने से हिचक गए। बच्चों ने बताया कि हम तो यही पानी रोज पीते हैं। डिप्टी सीएम ने बुधवार को निरीक्षण के दौरान इकौना क्षेत्र में स्कूल अस्पताल व गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान स्कूल में बालू युक्त पानी, गोशाला में भी गोवंशों के खान पान से लेकर रखरखाव तक की बदइंतजामी देखने को मिली। खामियां पर बिफरे डिप्टी सीएम ने मौजूद अफसरों को व्यवस्था में सुधार लाने की सख्त चेतावनी दी।
ग्राम खरगौरा बस्ती के मजरा भिट्ठी के कंपोजिट विद्यालय में निरीक्षण के लिए सुबह 11 बजे पहुंचे डिप्टी सीएम ने स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम में हिस्सेदारी की। इसके बाद वह एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए और कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चों को उनके क्लास रूम में जाकर पढ़ाने के साथ उनसे विषय से संबंधित कुछ सवाल भी पूछे। जिनका जवाब बच्चों द्वारा सही देने पर उन्होंने शाबाशी भी दी। बच्चों की कक्षा से बाहर आने के बाद उनकी नजर विद्यालय परिसर में मौजूद रंग बिरंगे पेयजल टैंक पर पड़ी। बच्चों द्वारा पीने में इस्तेमाल किए जाने वाले इस पानी का परीक्षण करने के लिए जब उन्होंने नल खोला तो पानी में बालू आतू देख इसे चुल्लू में भरने के बाद फेंक दिया। उन्होंने हाथ में पानी के साथ आयी बालू देखकर मौजूद अधिकारियों से सख्त नाराजगी जतायी।
सीताद्वार स्थित गोशाला पहुंचे डिप्टी सीएम को यहां भी निरीक्षण के दौरान काफी बदहाली मिली। यहां गोवंश को जिस नाद में चारा पानी दिया जा रहा था, उसमें काई की मोटी परती जमी दिखी। इतना ही नहीं गोवंश के शरीर पर मच्छर काटने के इतने लाल निशान मिले जिन्हें देख कर डिप्टी सीएम असहज हो उठे। उन्होंने तत्काल गंदी नादों की साफ सफाई कराने के साथ ही गोवंशों को मच्छर से बचाने के लिए नीम के पत्ती का धुआं कराने और चारे पानी की उचित व्यवस्था को निर्देशित किया। यह वही गोशाला है जहां आए दिन जिले के अधिकारी व जनप्रतिनिधि निरीक्षण के नाम पर आए दिन रस्म अदायगी करते हैं।
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जिला भ्रमण के दौरान डिप्टी सीएम ने सीताद्वार झील पहुंच कर माता सीता के मंदिर में माथा टेक कर वहां कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीताद्वार मंदिर व झील का कायाकल्प कराने का जो कार्य किया जा रहा है, वह प्रशंसा के योग्य है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होने झील को नमन कर माता सीता के मंदिर में दर्शन पूजन करते हुए कहा कि यह जिला गौतम बुद्ध की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर डीएम नेहा प्रकाश सहित अध्यक्ष जिला पंचायत दद्दन मिश्रा, विधायक रामफेरन पांडे, विधायक सदर गोंडा प्रतीक भूषण, सदस्य विधान परिषद डा प्रज्ञा त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी व भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर वहां तीन से छह माह के नवजात शिशुओं को खीर खिला कर उनका अन्नप्राशन कराया। इसके साथ ही तीन गर्भवती महिलाओं को फल मिष्ठान्न व सूखे मेवे की टोकरी देकर गोद भराई कार्यक्रम को भी पूर्ण कराया। इससे पूर्व सीएचसी इकौना पहुंचे डिप्टी सीएम ने सभी पटलों को देखा और वहां टीकाकरण के लिए आए मरीजों से संवाद भी किया। भ्रमण के अंत में डिप्टी सीएम ने तहसील में अफसरों के साथ बैठक कर संचालित विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। तहसील परिसर से निकलते समय उन्होंने अधिवक्ताओं की बेंच के पास रुक कर उनका हाल चाल भी जाना। अंत में एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण कर उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ बातचीत कर काम काज बेहतर बनाने को निर्देशित किया। इसके बाद वह बलरामपुर के लिए रवाना हो गए।
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ग्राम खरगौरा बस्ती के मजरा भिट्ठी के कंपोजिट विद्यालय में निरीक्षण के लिए सुबह 11 बजे पहुंचे डिप्टी सीएम ने स्कूल बैग वितरण कार्यक्रम में हिस्सेदारी की। इसके बाद वह एक शिक्षक की भूमिका में नजर आए और कक्षा 6, 7 व 8 के बच्चों को उनके क्लास रूम में जाकर पढ़ाने के साथ उनसे विषय से संबंधित कुछ सवाल भी पूछे। जिनका जवाब बच्चों द्वारा सही देने पर उन्होंने शाबाशी भी दी। बच्चों की कक्षा से बाहर आने के बाद उनकी नजर विद्यालय परिसर में मौजूद रंग बिरंगे पेयजल टैंक पर पड़ी। बच्चों द्वारा पीने में इस्तेमाल किए जाने वाले इस पानी का परीक्षण करने के लिए जब उन्होंने नल खोला तो पानी में बालू आतू देख इसे चुल्लू में भरने के बाद फेंक दिया। उन्होंने हाथ में पानी के साथ आयी बालू देखकर मौजूद अधिकारियों से सख्त नाराजगी जतायी।
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सीताद्वार स्थित गोशाला पहुंचे डिप्टी सीएम को यहां भी निरीक्षण के दौरान काफी बदहाली मिली। यहां गोवंश को जिस नाद में चारा पानी दिया जा रहा था, उसमें काई की मोटी परती जमी दिखी। इतना ही नहीं गोवंश के शरीर पर मच्छर काटने के इतने लाल निशान मिले जिन्हें देख कर डिप्टी सीएम असहज हो उठे। उन्होंने तत्काल गंदी नादों की साफ सफाई कराने के साथ ही गोवंशों को मच्छर से बचाने के लिए नीम के पत्ती का धुआं कराने और चारे पानी की उचित व्यवस्था को निर्देशित किया। यह वही गोशाला है जहां आए दिन जिले के अधिकारी व जनप्रतिनिधि निरीक्षण के नाम पर आए दिन रस्म अदायगी करते हैं।
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जिला भ्रमण के दौरान डिप्टी सीएम ने सीताद्वार झील पहुंच कर माता सीता के मंदिर में माथा टेक कर वहां कराए जा रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीताद्वार मंदिर व झील का कायाकल्प कराने का जो कार्य किया जा रहा है, वह प्रशंसा के योग्य है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान उन्होने झील को नमन कर माता सीता के मंदिर में दर्शन पूजन करते हुए कहा कि यह जिला गौतम बुद्ध की तपोस्थली के रूप में जाना जाता है। इस मौके पर डीएम नेहा प्रकाश सहित अध्यक्ष जिला पंचायत दद्दन मिश्रा, विधायक रामफेरन पांडे, विधायक सदर गोंडा प्रतीक भूषण, सदस्य विधान परिषद डा प्रज्ञा त्रिपाठी समेत अन्य अधिकारी व भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
डिप्टी सीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर वहां तीन से छह माह के नवजात शिशुओं को खीर खिला कर उनका अन्नप्राशन कराया। इसके साथ ही तीन गर्भवती महिलाओं को फल मिष्ठान्न व सूखे मेवे की टोकरी देकर गोद भराई कार्यक्रम को भी पूर्ण कराया। इससे पूर्व सीएचसी इकौना पहुंचे डिप्टी सीएम ने सभी पटलों को देखा और वहां टीकाकरण के लिए आए मरीजों से संवाद भी किया। भ्रमण के अंत में डिप्टी सीएम ने तहसील में अफसरों के साथ बैठक कर संचालित विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। तहसील परिसर से निकलते समय उन्होंने अधिवक्ताओं की बेंच के पास रुक कर उनका हाल चाल भी जाना। अंत में एयरपोर्ट परिसर का निरीक्षण कर उन्होंने एयरपोर्ट अथॉरिटी के साथ बातचीत कर काम काज बेहतर बनाने को निर्देशित किया। इसके बाद वह बलरामपुर के लिए रवाना हो गए।