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भाई पर जानलेवा हमले में 10 साल की कैद
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श्रावस्ती। भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसिया राजा के मजरा तकिया में 12 वर्ष पूर्व संपत्ति बटवारे को लेकर भाइयों में विवाद हुआ था। इस बात को लेकर बड़े भाई ने छोटे भाई पर हमला कर दिया था। सोमवार को अपर जिला जज त्वरित न्यायालय ने बड़े भाई को दोषी मानते हुए दस वर्ष की कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसिया राजा के मजरा तकिया निवासी छोटकऊ ने नौ मार्च 2010 को भिनगा कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिसमें कहा था कि उसका संपत्ति बंटवारे को लेकर अपने बड़े भाई सेे विवाद चल रहा था। आठ मार्च 2010 को जब पीड़ित छोटकऊ अपने गांव के शहीद अहमद व कल्लू के साथ लक्ष्मनपुर बाजार से घर आ रहा था। तभी रास्ते में करीब आठ बजे शाम को पीड़ित के बड़े भाई बड़कऊ उर्फ घिर्राउ ने हाथ में तमंचा लेकर उन्हें मारने के लिए दौड़ा लिया। तभी उनके भाई बड़कऊ ने कट्टे से फायर कर दिया।
इसका मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट भेजी गई थी। मामले का विचारण के बाद सोमवार को न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) के न्यायाधीश अजय सिंह ने आरोपी बड़कऊ उर्फ घिर्राउ को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा व 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जिसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
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अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सत्येंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम परसिया राजा के मजरा तकिया निवासी छोटकऊ ने नौ मार्च 2010 को भिनगा कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। जिसमें कहा था कि उसका संपत्ति बंटवारे को लेकर अपने बड़े भाई सेे विवाद चल रहा था। आठ मार्च 2010 को जब पीड़ित छोटकऊ अपने गांव के शहीद अहमद व कल्लू के साथ लक्ष्मनपुर बाजार से घर आ रहा था। तभी रास्ते में करीब आठ बजे शाम को पीड़ित के बड़े भाई बड़कऊ उर्फ घिर्राउ ने हाथ में तमंचा लेकर उन्हें मारने के लिए दौड़ा लिया। तभी उनके भाई बड़कऊ ने कट्टे से फायर कर दिया।
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इसका मामला दर्ज कर पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट भेजी गई थी। मामले का विचारण के बाद सोमवार को न्यायालय अपर जिला सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) के न्यायाधीश अजय सिंह ने आरोपी बड़कऊ उर्फ घिर्राउ को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा व 25 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। जिसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार बहराइच भेजा गया है।
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