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सूरज की तपन के साथ बढ़ी अघोषित बिजली कटौती
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श्रावस्ती। तराई में मौसम पूरी तरह से गर्म बना हुआ है। बरसात न होने के कारण अब उमस व तपन काफी बढ़ चुकी है। इससे बचने के लिए लोगों को बिजली का ही सहारा है। ऐसे में बढ़ी मांग को देखते हुए बिजली विभाग द्वारा अघोषित कटौती बढ़ा दी गई है। जिसके चलते जहां लोगों को रोस्टर की आधी बिजली भी नसीब नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग लो- वोल्टेज की समस्या से भी जूझ रहे हैं। इसके चलते बिजली मिलना न मिलना एक समान बना हुआ है।
जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। भीषण उमस भरी गर्मी के बीच लोग राहत के लिए बिजली के ही सहारे हैं। ऐसे में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। जहां लोग एक पंखे से काम चल रहे थे। वहां अब पंखे के साथ कूलर भी लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं दिला पा रहा है। अचानक बढ़ी मांग के कारण विद्युत फीडरों सहित लाइनों व ट्रांसफार्मरों पर भार भी बढ़ गया है। इसके चलते जहां फीडर बार बार गर्म होकर ट्रिप कर रहे है। वहीं ट्रांसफार्मर फुंकने के साथ ही तार भी टूट कर गिर रहे हैं। ऐसे में जहां बिजली निगम के जिम्मेदार फीडर को ठंडा करने, टूटे तारों की मरम्मत करने व ट्रांसफार्मर फुकने की बात कह सामान्यता बिजली कटौती कर रहे हैं। वहीं लोड अधिक होने की बात कहकर घंटों आपूर्ति बाधित कर रहे हैं।
यह समस्या सिर्फ दिन ही नहीं रात में भी बनी रहती है। ऐसे में मुख्यालय भिनगा व बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को 24 घंटे के स्थान पर 18 से 20 घंटे बिजली नसीब नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को आठ से दस घंटे की आपूर्ति से काम चलाना पड़ रहा है। निगम द्वारा अधिभार की बात कह जहां कुछ क्षेत्रों की दिन में तो कुछ क्षेत्रों की रात में आपूर्ति बाधित की जा रही है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को रोस्टर की आधी बिजली भी नसीब नहीं हो रही है। सबसे खराब स्थिति इंडोनेपाल सीमा से सटे जमुनहा व सिरसिया विकास क्षेत्र के गांवों की है। जहां लोग बिजली की लो वोल्टेज समस्या से जूझ रहे हैं। लो वोल्टेज के कारण इन क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल बहाल होने के बावजूद लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक लो वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। उपभोक्ताओं ने अधिशाषी अभियंता विद्युत से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग किया है।
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जिले की बिजली व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। भीषण उमस भरी गर्मी के बीच लोग राहत के लिए बिजली के ही सहारे हैं। ऐसे में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। जहां लोग एक पंखे से काम चल रहे थे। वहां अब पंखे के साथ कूलर भी लोगों को गर्मी से कोई खास राहत नहीं दिला पा रहा है। अचानक बढ़ी मांग के कारण विद्युत फीडरों सहित लाइनों व ट्रांसफार्मरों पर भार भी बढ़ गया है। इसके चलते जहां फीडर बार बार गर्म होकर ट्रिप कर रहे है। वहीं ट्रांसफार्मर फुंकने के साथ ही तार भी टूट कर गिर रहे हैं। ऐसे में जहां बिजली निगम के जिम्मेदार फीडर को ठंडा करने, टूटे तारों की मरम्मत करने व ट्रांसफार्मर फुकने की बात कह सामान्यता बिजली कटौती कर रहे हैं। वहीं लोड अधिक होने की बात कहकर घंटों आपूर्ति बाधित कर रहे हैं।
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यह समस्या सिर्फ दिन ही नहीं रात में भी बनी रहती है। ऐसे में मुख्यालय भिनगा व बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती को 24 घंटे के स्थान पर 18 से 20 घंटे बिजली नसीब नहीं हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों को आठ से दस घंटे की आपूर्ति से काम चलाना पड़ रहा है। निगम द्वारा अधिभार की बात कह जहां कुछ क्षेत्रों की दिन में तो कुछ क्षेत्रों की रात में आपूर्ति बाधित की जा रही है। जिसके चलते उपभोक्ताओं को रोस्टर की आधी बिजली भी नसीब नहीं हो रही है। सबसे खराब स्थिति इंडोनेपाल सीमा से सटे जमुनहा व सिरसिया विकास क्षेत्र के गांवों की है। जहां लोग बिजली की लो वोल्टेज समस्या से जूझ रहे हैं। लो वोल्टेज के कारण इन क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल बहाल होने के बावजूद लोगों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक लो वोल्टेज के कारण विद्युत उपकरण ढंग से काम नहीं कर रहे हैं। उपभोक्ताओं ने अधिशाषी अभियंता विद्युत से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग किया है।
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