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ड्रिप विधि से सिंचाई कर पानी व पैसा बचाएं किसान
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तुलसीपुर (श्रावस्ती)। उद्यान विभाग द्वारा किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ही बागवानी आदि के प्रति जागरूक किया जा रहा है। उन्हें फल व सब्जियों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसीक्रम में चंदनकोटिया गांव में गोष्ठी हुई। जिसमें मौजूद किसानों को मुख्य औद्यानिक विशेषज्ञ द्वारा बागवानी व ड्रिप विधि से सिंचाई के बारे में जानकारी दी गई।
गोष्ठी में मुख्य औद्यानिक विशेषज्ञ मलिहाबाद डा. राजीव कुमार वर्मा ने कहा कि खेती किसानी घाटे का सौदा नहीं है। आवश्यकता है कि किसान नवीन कृषि तकनीकि अपनाएं। साथ ही साथ किसानों को चाहिए कि वह पारंपरिक खेती के साथ ही बागवानी व सब्जियों की भी खेती करें। जिससे उनकी आय में कई गुना इजाफा होगा। फल व सब्जियों की सिंचाई के लिए किसान ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाएं। इससे पानी व पैसा दोनों ही बचेगा, फसलों को फायदा मिलेगा। उन्होंने किसानों को पैक हाउस, केला एवं हल्दी की स्थलीय खेती करने की सलाह दी। गिलौली, ककन्धु, परसोहना, मनकौरा, सेमरी तरहर आदि गांव में फलों की खेती के लिए भूमि उत्तम बताते हुए सभी किसानों को इसकी खेती करने के लिए प्रेरित किया।
ककंधू के किसान तेज सिंह के खेत में लगे ड्रिप सिंचाई के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दिया गया। इस दौरान किसान ने बताया कि उसके द्वारा अपने खेत में आम और विभिन्न तरह की सब्जी लगाई गई है। भविष्य में अन्य योजनाओं से भी जुड़कर लाभ लेने का प्रयास होगा। परसोहन के किसान चंद्र प्रकाश ने बताया कि उद्यान विभाग से जुड़कर योजनाओं का लाभ ले रहा हूं। चंदन कोटिया गांव के त्रिलोकी प्रसाद का पैक हाउस और गिलौली गांव में किसानों के स्प्रिंकलर और रेनगन का भी जांच किया गया।
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गोष्ठी में मुख्य औद्यानिक विशेषज्ञ मलिहाबाद डा. राजीव कुमार वर्मा ने कहा कि खेती किसानी घाटे का सौदा नहीं है। आवश्यकता है कि किसान नवीन कृषि तकनीकि अपनाएं। साथ ही साथ किसानों को चाहिए कि वह पारंपरिक खेती के साथ ही बागवानी व सब्जियों की भी खेती करें। जिससे उनकी आय में कई गुना इजाफा होगा। फल व सब्जियों की सिंचाई के लिए किसान ड्रिप सिंचाई पद्धति अपनाएं। इससे पानी व पैसा दोनों ही बचेगा, फसलों को फायदा मिलेगा। उन्होंने किसानों को पैक हाउस, केला एवं हल्दी की स्थलीय खेती करने की सलाह दी। गिलौली, ककन्धु, परसोहना, मनकौरा, सेमरी तरहर आदि गांव में फलों की खेती के लिए भूमि उत्तम बताते हुए सभी किसानों को इसकी खेती करने के लिए प्रेरित किया।
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ककंधू के किसान तेज सिंह के खेत में लगे ड्रिप सिंचाई के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दिया गया। इस दौरान किसान ने बताया कि उसके द्वारा अपने खेत में आम और विभिन्न तरह की सब्जी लगाई गई है। भविष्य में अन्य योजनाओं से भी जुड़कर लाभ लेने का प्रयास होगा। परसोहन के किसान चंद्र प्रकाश ने बताया कि उद्यान विभाग से जुड़कर योजनाओं का लाभ ले रहा हूं। चंदन कोटिया गांव के त्रिलोकी प्रसाद का पैक हाउस और गिलौली गांव में किसानों के स्प्रिंकलर और रेनगन का भी जांच किया गया।
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