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Shravasti News: लाल निशान से 50 सेमी ऊपर पहुंची राप्ती
Sat, 13 Sep 2025 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Sat, 13 Sep 2025 01:56 AM IST
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भिनगा-मल्हीपुर मार्ग पर वीरपुर के निकट नाव से रास्ता पार करते ग्रामीण। - संवाद
श्रावस्ती/तुलसीपुर। नेपाल के पहाड़ों पर हुई झमाझम बारिश के बाद राप्ती नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। रातों-रात नदी का जलस्तर 100 सेमी बढ़ कर 128.50 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 127.70 मीटर से 80 सेमी ऊपर रहा। हालांकि, शाम होते-होते नदी घटने लगी, शाम के समय जलस्तर 128.20 मीटर दर्ज किया गया। दर्जनों गांवों के खेतो में पानी भर गया है, इससे किसान दहशत में हैं।
तराई के मैदानी इलाकों व नेपाल के पहाड़ों पर बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई। इससे राप्ती का जलस्तर बढ़ गया है, नदी खतरे के निशान को पार कर 50 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी के किनारे स्थित शिकारी चौड़ा, हरिहरपुर, महाराज नगर, बीरपुर लौकिहा, जोगिया, भालुहिया, कुंडवा, कथरामाफी आदि गांवों में पानी घुस गया और धान की फसल जलमग्न हो गई।
हालांकि, अभी गांव के अंदर बाढ़ का पानी नहीं घुसा है, इससे थोड़ी राहत है। खेतों में पानी भरने से किसान फसल के नुकसान को लेकर डरे हुए हैं।
सड़क कटने से नाव सहारे आवागमन, पानी में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली
तराई में बीते महीने आई भीषण बाढ़ में मल्हीपुर-भिनगा मुख्य मार्ग वीरपुर के पास कट गया था। ग्रामीण कटान वाले स्थान से किसी तरह आवागमन कर रहे थे। इस बीच शुक्रवार को फिर जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से कटान स्थल पानी में डूब गया और आवागमन ठप हो गया। कुछ देर बाद नाव के सहारे आवागमन शुरू करवाया गया। शुक्रवार को जमुनहा तहसील क्षेत्र के नकहा धर्मनगर निवासी महेश कुमार वर्मा की ट्रैक्टर-ट्रॉली कटान स्थल के पास फंस गई। दूसरे इंजन के सहारे ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालते नजर आए।
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11 बजे के बाद घटने लगा जलस्तर
राप्ती बैराज पर शुक्रवार सुबह राप्ती का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद 127.70 मीटर के सापेक्ष 80 सेमी बढ़कर 128.50 पहुंच गया। 10 बजे तक जलस्तर 128.50 मीटर पर बना रहा। इसके बाद जलस्तर घटने लगा और 11 बजे के करीब 128.45 मीटर दर्ज किया गया। वहीं दोपहर दो बजे 128.20 मीटर और शाम चार बजे भी 128.20 मीटर दर्ज किया गया।
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तराई के मैदानी इलाकों व नेपाल के पहाड़ों पर बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई। इससे राप्ती का जलस्तर बढ़ गया है, नदी खतरे के निशान को पार कर 50 सेमी ऊपर बह रही है। जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी के किनारे स्थित शिकारी चौड़ा, हरिहरपुर, महाराज नगर, बीरपुर लौकिहा, जोगिया, भालुहिया, कुंडवा, कथरामाफी आदि गांवों में पानी घुस गया और धान की फसल जलमग्न हो गई।
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हालांकि, अभी गांव के अंदर बाढ़ का पानी नहीं घुसा है, इससे थोड़ी राहत है। खेतों में पानी भरने से किसान फसल के नुकसान को लेकर डरे हुए हैं।
सड़क कटने से नाव सहारे आवागमन, पानी में फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली
तराई में बीते महीने आई भीषण बाढ़ में मल्हीपुर-भिनगा मुख्य मार्ग वीरपुर के पास कट गया था। ग्रामीण कटान वाले स्थान से किसी तरह आवागमन कर रहे थे। इस बीच शुक्रवार को फिर जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से कटान स्थल पानी में डूब गया और आवागमन ठप हो गया। कुछ देर बाद नाव के सहारे आवागमन शुरू करवाया गया। शुक्रवार को जमुनहा तहसील क्षेत्र के नकहा धर्मनगर निवासी महेश कुमार वर्मा की ट्रैक्टर-ट्रॉली कटान स्थल के पास फंस गई। दूसरे इंजन के सहारे ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली निकालते नजर आए।
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11 बजे के बाद घटने लगा जलस्तर
राप्ती बैराज पर शुक्रवार सुबह राप्ती का जलस्तर अचानक बढ़ने के बाद 127.70 मीटर के सापेक्ष 80 सेमी बढ़कर 128.50 पहुंच गया। 10 बजे तक जलस्तर 128.50 मीटर पर बना रहा। इसके बाद जलस्तर घटने लगा और 11 बजे के करीब 128.45 मीटर दर्ज किया गया। वहीं दोपहर दो बजे 128.20 मीटर और शाम चार बजे भी 128.20 मीटर दर्ज किया गया।