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पुलिस ने 779 परिवारों को बिखरने से बचाया
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परिवार परामर्श केंद्र में पति पत्नी के बीच उपजे विवाद को सुलझाते पुलिस अधिकारी व परामर्शी
- फोटो : SRAWASTI
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श्रावस्ती। पति-पत्नी के बीच उपजे छोटे-छोटे विवादों के कारण 779 परिवारों को बिखरने से पुलिस ने बचा लिया। पुलिस ने इन सभी मामलों को विगत तीन वर्ष में निपटाया है। लेकिन इन मामलों को निपटाने में कुछ ही थानों ने सक्रियता दिखाई। जबकि कुछ थाने इन मामले में निष्क्रीय रहे। जिनके कारण वहां पति-पत्नी के बीच कई मुकदमे दर्ज हुए।
अक्सर पति पत्नी के बीच छोटे-छोटे मामलों को लेकर विवाद हो जाता है। यह विवाद जब घरों में नहीं निपट पाता तो थाने व पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है। थानों में मामला दर्ज होने के बाद फिर पति-पत्नी कभी भी एक दूसरे के नजदीक नहीं आ पाते। वर्षों मुकदमा चलने के कारण उनका घर बर्बाद हो जाता है।
इसीलिए पुलिस महानिदेशक ने मुकदमा लिखने से पूर्व 2019 में थानों में पति-पत्नी की काउंसिलिंग कराने का निर्देश दिया था। इस आदेश ने जिले में 779 परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। छोटे-छोटे मामले पति-पत्नी के आपस में बात करने के कारण स्वत: सुलझ गए। इसके चलते न्यायालयों में बढ़ने वाले अतिरिक्त बोझ तो घटा ही, साथ ही बिखरने की कगार पर पहुंचे परिवार फिर से एक हो गए। लेकिन इस मामले में जिले के कुछ ही थानों ने अपनी रुचि दिखाई। जिस कारण इस आदेश का लाभ कुछ परिवारों को नहीं मिल पाया। जिसके चलते उनके मुकदमे न्यायालयों तक पहुंच गए।
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पारिवारिक विवादों का ऐसे हुआ निस्तारण
थाना 2019 2020 2021
भिनगा कोतवाली 00 03 10
इकौना 21 18 10
गिलौला 01 06 10
सोनवा 03 04 02
सिरसिया 11 18 09
मल्हीपुर 04 05 11
महिला थाना 227 121 111
नवीन मार्डन थाना 00 00 05
परिवार परामर्श केंद्र 84 65 20
कुल 351 240 188
इन्होंने दिखाई विशेष अभिरुचि
पति-पत्नी के बीच उपजे छोटे-बड़े विवादों को निपटाने में सबसे अधिक रुचि महिला थाने ने दिखाई। विगत इन तीन वर्ष में यहां 459 मामले ऐसे निस्तारित हुए। जहां थानों पर मुकदमा लिखाने आए पति-पत्नी वापस अपने सामान्य जीवन में लौट गए। तो दूसरे स्थान पर अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे के नेतृत्व में चल रहे परिवार परामर्श केंद्र का रहा। यही तीन वर्ष में कुल 169 मामले ऐसे निस्तारित हुए जो पति-पत्नी आपस में एक दूसरे पर मामला दर्ज कराने के लिए एसपी व एएसपी स्तर के अधिकारी के समक्ष पेश हुए थे। जिनका मामला दर्ज करने से पहले उन्हें इस काउंसिलिंग सेंटर पर भेजा गया था।
थानों की स्थिति रही चिंता जनक
पुलिस द्वारा पति-पत्नी के बीच उपजे विवादों को सुलझाने के मामले में थानों की स्थिति बहुत ही निराशाजनक थी। इसमें सबसे अधिक स्थिति खराब कोतवाली भिनगा की थी। जहां 2019 में एक भी मामला नहीं सुलझाया गया। 2020 में मात्र तीन तामले ही सुलझाए जा सके। जबकि 2021 में अब तक की संख्या मात्र 10 ही है। ऐसी ही स्थिति मल्हीपुर, सोनवा, गिलौला व मॉर्डन थाने की है। जहां के प्रभारियों ने पति-पत्नी के बीच उपजे छोटे-बड़े विवादों को निस्तारित करने के बजाए। उन पर मामला दर्ज कर दिया। जिसके चलते छोटा सा विवाद बड़ा रूप ले लिया।
पति-पत्नी के बीच होने वाले आपसी विवाद अक्सर किसी छोटे कारण से होते हैं। यदि पति-पत्नी को इस दौरान बैठा कर समझाया जाए तो निष्कर्ष अच्छा आता है। इसीलिए परिवार परामर्श केंद्र, महिला थाना सहित सभी थानों को यह निर्देश दिया गया था कि पति-पत्नी के बीच उपजे विवाद को पहले काउंसिलिंग के माध्यम से निपटाया जाए। इसके बाद भी यदि मामले नहीं निपटते हैं तो विधिक कार्रवाई की जाए। जिले में इसका अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। -बीसी दुबे, एएसपी
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अक्सर पति पत्नी के बीच छोटे-छोटे मामलों को लेकर विवाद हो जाता है। यह विवाद जब घरों में नहीं निपट पाता तो थाने व पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है। थानों में मामला दर्ज होने के बाद फिर पति-पत्नी कभी भी एक दूसरे के नजदीक नहीं आ पाते। वर्षों मुकदमा चलने के कारण उनका घर बर्बाद हो जाता है।
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इसीलिए पुलिस महानिदेशक ने मुकदमा लिखने से पूर्व 2019 में थानों में पति-पत्नी की काउंसिलिंग कराने का निर्देश दिया था। इस आदेश ने जिले में 779 परिवारों को उजड़ने से बचा लिया। छोटे-छोटे मामले पति-पत्नी के आपस में बात करने के कारण स्वत: सुलझ गए। इसके चलते न्यायालयों में बढ़ने वाले अतिरिक्त बोझ तो घटा ही, साथ ही बिखरने की कगार पर पहुंचे परिवार फिर से एक हो गए। लेकिन इस मामले में जिले के कुछ ही थानों ने अपनी रुचि दिखाई। जिस कारण इस आदेश का लाभ कुछ परिवारों को नहीं मिल पाया। जिसके चलते उनके मुकदमे न्यायालयों तक पहुंच गए।
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पारिवारिक विवादों का ऐसे हुआ निस्तारण
थाना 2019 2020 2021
भिनगा कोतवाली 00 03 10
इकौना 21 18 10
गिलौला 01 06 10
सोनवा 03 04 02
सिरसिया 11 18 09
मल्हीपुर 04 05 11
महिला थाना 227 121 111
नवीन मार्डन थाना 00 00 05
परिवार परामर्श केंद्र 84 65 20
कुल 351 240 188
इन्होंने दिखाई विशेष अभिरुचि
पति-पत्नी के बीच उपजे छोटे-बड़े विवादों को निपटाने में सबसे अधिक रुचि महिला थाने ने दिखाई। विगत इन तीन वर्ष में यहां 459 मामले ऐसे निस्तारित हुए। जहां थानों पर मुकदमा लिखाने आए पति-पत्नी वापस अपने सामान्य जीवन में लौट गए। तो दूसरे स्थान पर अपर पुलिस अधीक्षक बीसी दुबे के नेतृत्व में चल रहे परिवार परामर्श केंद्र का रहा। यही तीन वर्ष में कुल 169 मामले ऐसे निस्तारित हुए जो पति-पत्नी आपस में एक दूसरे पर मामला दर्ज कराने के लिए एसपी व एएसपी स्तर के अधिकारी के समक्ष पेश हुए थे। जिनका मामला दर्ज करने से पहले उन्हें इस काउंसिलिंग सेंटर पर भेजा गया था।
थानों की स्थिति रही चिंता जनक
पुलिस द्वारा पति-पत्नी के बीच उपजे विवादों को सुलझाने के मामले में थानों की स्थिति बहुत ही निराशाजनक थी। इसमें सबसे अधिक स्थिति खराब कोतवाली भिनगा की थी। जहां 2019 में एक भी मामला नहीं सुलझाया गया। 2020 में मात्र तीन तामले ही सुलझाए जा सके। जबकि 2021 में अब तक की संख्या मात्र 10 ही है। ऐसी ही स्थिति मल्हीपुर, सोनवा, गिलौला व मॉर्डन थाने की है। जहां के प्रभारियों ने पति-पत्नी के बीच उपजे छोटे-बड़े विवादों को निस्तारित करने के बजाए। उन पर मामला दर्ज कर दिया। जिसके चलते छोटा सा विवाद बड़ा रूप ले लिया।
पति-पत्नी के बीच होने वाले आपसी विवाद अक्सर किसी छोटे कारण से होते हैं। यदि पति-पत्नी को इस दौरान बैठा कर समझाया जाए तो निष्कर्ष अच्छा आता है। इसीलिए परिवार परामर्श केंद्र, महिला थाना सहित सभी थानों को यह निर्देश दिया गया था कि पति-पत्नी के बीच उपजे विवाद को पहले काउंसिलिंग के माध्यम से निपटाया जाए। इसके बाद भी यदि मामले नहीं निपटते हैं तो विधिक कार्रवाई की जाए। जिले में इसका अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। -बीसी दुबे, एएसपी