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पांच डिग्री पर पहुंचा पारा, कांपे लोग
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श्रावस्ती। तराई में बुधवार की रात अचानक तापमान कम हो गया। भोर में शुरू हुआ कोहरे का दौर दोपहर तक जारी रहा। इससे लोग ठंड से कांपते नजर आए। वहीं दोपहर बाद निकले सूरज ने लोगों को राहत दी। इसके साथ ही लगातार चल रही पश्चिमोत्तर हवा के कारण सुबह शाम ठिठुरन लगातार जारी है।
पहाड़ों पर हो रही वर्फबारी से जिले में मौसम का मिजाज बुधवार रात अचानक ठंडा हो गया। लगातार चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही तेज पश्चिमोत्तर हवा के कारण ठंड बढ़ गई है। वहीं गुरुवार की भोर से शुरू हुआ घने कोहरे का दौर दोपहर तक जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ने के कारण सुबह तक कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा।
तेज हवा व घने कोहरे के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर पांच डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे। दिसंबर समाप्त होने के बाद भी अब तक न तो पर्याप्त अलाव जले और न ही सभी गरीबों को कंबल ही वितरित कराया गया।
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नगर निकायों की ओर से प्रमुख चौक चौराहों पर सुबह शाम अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कराए जाने से गरीबों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को ठंड से बचने के लिए खुद से ही लकड़ियों का प्रबंध करते देखा जा रहा है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि तापमान अभी ऐसे ही बना रह सकता है। इस दौरान बरसात की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें।
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पहाड़ों पर हो रही वर्फबारी से जिले में मौसम का मिजाज बुधवार रात अचानक ठंडा हो गया। लगातार चार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही तेज पश्चिमोत्तर हवा के कारण ठंड बढ़ गई है। वहीं गुरुवार की भोर से शुरू हुआ घने कोहरे का दौर दोपहर तक जारी रहा। इस बीच आर्द्रता बढ़ने के कारण सुबह तक कोहरा बूंद बन कर बरसता रहा।
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तेज हवा व घने कोहरे के कारण मौसम का पारा लुढ़क कर पांच डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा लेने को विवश रहे। दिसंबर समाप्त होने के बाद भी अब तक न तो पर्याप्त अलाव जले और न ही सभी गरीबों को कंबल ही वितरित कराया गया।
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नगर निकायों की ओर से प्रमुख चौक चौराहों पर सुबह शाम अलाव की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कराए जाने से गरीबों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। लोगों को ठंड से बचने के लिए खुद से ही लकड़ियों का प्रबंध करते देखा जा रहा है। इस संबंध में फसल अनुसंधान केंद्र बहराइच के मौसम विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि तापमान अभी ऐसे ही बना रह सकता है। इस दौरान बरसात की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में लोग एहतियात बरतें।