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Shravasti News: लिखित नहीं मौखिक सूचना पर लगता है दिकौली में जेठ मेला
Mon, 05 May 2025 12:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
Updated Mon, 05 May 2025 12:46 AM IST
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दिकौली स्थित बड़े पुरुष की मजार।
तुलसीपुर (श्रावस्ती)। बहराइच के सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह में सुरक्षा कारणों से जिला प्रशासन ने इस साल जेठ मेला लगाने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में गाजी की दरगाह के साथ ही सोनवा के दिकौली स्थित बड़े पुरुष की मजार पर लगने वाले जेठ मेले को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि मेला प्रबंध समिति के अध्यक्ष ने दावा किया है कि दिकौली में 15 मई से मेला लगेगा।
सोनवा के दिकौली में बड़े पुरुष की मजार स्थित है। बताया जाता है कि यह सैयद सालार मसूद गाजी के बड़े वालिद थे। ऐसी मान्यता है कि बगैर यहां माथा टेके गाजी की दरगाह में जियारत पूरी नहीं होती। इसी मान्यता के चलते पूरे जेठ माह हजारों की संख्या में जायरीन बड़े पुरुष की मजार पर जियारत के लिए आते हैं। यहां आने वाले लोग मजार के निकट स्थित सरयू नहर या फिर बाग के निकट स्थित हैंडपंप पर स्नान करते हैं। वहीं तमाम लोग सिन्नी आदि बेचने वालों की ओर से टेंट आदि से बने स्नानागार में स्नान करने के बाद यहां माथा टेककर बहराइच के लिए रवाना होते हैं। जायरीनों में मुस्लिमों की अपेक्षा हिंदू समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं। इनमें प्रयागराज, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर सहित बिहार राज्य के जिलों से लोग आते हैं।
इस बारे में मेला प्रबंधक एजाज अहमद का कहना है कि दिकौली बड़े पुरुष की मजार में मेले के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली जाती। मेले से पूर्व सोनवा पुलिस व एसडीएम जमुनहा को मौखिक सूचना दी जाती है। फिलहाल सोनवा पुलिस को सूचना दे दी गई है। जल्द ही एसडीएम जमुनहा को सूचित किया जाएगा। यहां 15 मई से जेठ मेले का आयोजन किया जाएगा।
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सोनवा के दिकौली में बड़े पुरुष की मजार स्थित है। बताया जाता है कि यह सैयद सालार मसूद गाजी के बड़े वालिद थे। ऐसी मान्यता है कि बगैर यहां माथा टेके गाजी की दरगाह में जियारत पूरी नहीं होती। इसी मान्यता के चलते पूरे जेठ माह हजारों की संख्या में जायरीन बड़े पुरुष की मजार पर जियारत के लिए आते हैं। यहां आने वाले लोग मजार के निकट स्थित सरयू नहर या फिर बाग के निकट स्थित हैंडपंप पर स्नान करते हैं। वहीं तमाम लोग सिन्नी आदि बेचने वालों की ओर से टेंट आदि से बने स्नानागार में स्नान करने के बाद यहां माथा टेककर बहराइच के लिए रवाना होते हैं। जायरीनों में मुस्लिमों की अपेक्षा हिंदू समुदाय के लोग ज्यादा रहते हैं। इनमें प्रयागराज, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर सहित बिहार राज्य के जिलों से लोग आते हैं।
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इस बारे में मेला प्रबंधक एजाज अहमद का कहना है कि दिकौली बड़े पुरुष की मजार में मेले के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली जाती। मेले से पूर्व सोनवा पुलिस व एसडीएम जमुनहा को मौखिक सूचना दी जाती है। फिलहाल सोनवा पुलिस को सूचना दे दी गई है। जल्द ही एसडीएम जमुनहा को सूचित किया जाएगा। यहां 15 मई से जेठ मेले का आयोजन किया जाएगा।
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