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प्रत्येक व्यक्ति को लगाना होगा मास्क
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श्रावस्ती। कोरोना से बचाव के लिए डब्ल्यूएचओ के चिकित्सीय विशेषज्ञों की ओर से प्रत्येक व्यक्ति को फेस कवर (मास्क) पहनना अनिवार्य बताया गया है, जिसका जिले में कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति बिना मास्क घर से बाहर टहलता मिला तो उसके विरुद्ध कार्रवाई भी की जाएगी।
यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद की ओर से इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि कोरोना जैसी लाइलाज बीमारी से लोगों को बचाने के लिए अब एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं उत्तर प्रदेश एपिडेमिक डिजीज (कोविड-19) विनियमावली 2020 के प्राविधानों के तहत प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय फेस कवर (मास्क) पहनना अनिवार्य किया गया है।
इसके लिए बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही किसी साफ कपड़े से तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। इस फेस कवर को प्रतिदिन साबुन से धुलकर पुन: प्रयोग में लाया जा सकता है। फेस कवर उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रुमाल, दुपट्टा इत्यादि को भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता हैं। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर, मुंह व नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि को पुन: प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किये नहीं किया जाना चाहिए।
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एन 95 मास्क का प्रयोग केवल चिकित्सा कर्मियों द्वारा ही किया जाना है। बिना फेसकवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर जाना एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं उ.प्र. एपिडेमिक डिजीज (कोविड 19) विनियमावली 2020 का उल्लंघन माना जाएगा। इसके लिए संबंधितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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यह जानकारी देते हुए जिलाधिकारी यशु रुस्तगी ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद की ओर से इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। जिसमें कहा गया है कि कोरोना जैसी लाइलाज बीमारी से लोगों को बचाने के लिए अब एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं उत्तर प्रदेश एपिडेमिक डिजीज (कोविड-19) विनियमावली 2020 के प्राविधानों के तहत प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय फेस कवर (मास्क) पहनना अनिवार्य किया गया है।
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इसके लिए बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही किसी साफ कपड़े से तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। इस फेस कवर को प्रतिदिन साबुन से धुलकर पुन: प्रयोग में लाया जा सकता है। फेस कवर उपलब्ध न होने की स्थिति में गमछा, रुमाल, दुपट्टा इत्यादि को भी फेस कवर के रूप में प्रयोग किया जा सकता हैं। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर, मुंह व नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि को पुन: प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किये नहीं किया जाना चाहिए।
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एन 95 मास्क का प्रयोग केवल चिकित्सा कर्मियों द्वारा ही किया जाना है। बिना फेसकवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर जाना एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं उ.प्र. एपिडेमिक डिजीज (कोविड 19) विनियमावली 2020 का उल्लंघन माना जाएगा। इसके लिए संबंधितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।