{"_id":"68b1fd40e74502436a0eb586","slug":"the-commission-ordered-the-insurance-company-to-pay-the-premium-amount-along-with-interest-shamli-news-c-26-1-smrt1048-148563-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: आयोग ने बीमा कंपनी को प्रीमियम राशि ब्याज सहित देने का दिया आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: आयोग ने बीमा कंपनी को प्रीमियम राशि ब्याज सहित देने का दिया आदेश
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम निरस्त करने के मामले में दायर परिवाद की सुनवाई की। आयोग ने प्रीमियम के रूप में प्राप्त किए गए 61770 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया। रेलपार निवासी सुषमा ने आयोग में छह फरवरी 2021 को रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई और शामली में स्थित कार्यालय के शाखा प्रबंधक के विरुद्ध दायर कराए परिवाद में बताया कि उनके पति राकेश शर्मा ने बीमा कंपनी से जून 2019 में रिलायंस निप्पन लाइफ फिक्सड सेविंग प्लान के अंतर्गत पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 20 वर्ष थी और वार्षिक प्रीमियम 10 वर्ष तक जमा किया जाना था।
इसकी सम एश्योर्ड धनराशि 6,34,300 रुपये थी। परिवादी इस पॉलिसी में नॉमिनी है। परिवादी के अनुसार बीमा कंपनी ने उनके पति की शारीरिक जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर पॉलिसी दी थी। अगली प्रीमियम चार जून 2020 को जमा करनी थी, लेकिन उनके पति की बीमारी के चलते 20 अप्रैल 2020 को मृत्यु होने के कारण यह प्रीमियम राशि जमा नहीं हो पाई थी। पति की मृत्यु की सूचना बीमा कंपनी को दे दी गई थी और बीमा क्लेम संबंधी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की थीं, लेकिन बीमा कंपनी ने 24 अगस्त 2020 को पत्र भेजकर उनके पति द्वारा आवश्यक तथ्यों को छिपाने का कारण बताकर बीमा पॉलिसी के क्लेम को निरस्त कर दिया।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल व अमरजीत कौर ने बीमा कंपनी को प्रीमियम के रूप में प्राप्त किए गए 61770 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करने करने का आदेश सुनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम निरस्त करने के मामले में दायर परिवाद की सुनवाई की। आयोग ने प्रीमियम के रूप में प्राप्त किए गए 61770 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करने का आदेश सुनाया। रेलपार निवासी सुषमा ने आयोग में छह फरवरी 2021 को रिलायंस निप्पोन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड रजिस्टर्ड ऑफिस मुंबई और शामली में स्थित कार्यालय के शाखा प्रबंधक के विरुद्ध दायर कराए परिवाद में बताया कि उनके पति राकेश शर्मा ने बीमा कंपनी से जून 2019 में रिलायंस निप्पन लाइफ फिक्सड सेविंग प्लान के अंतर्गत पॉलिसी ली थी, जिसकी अवधि 20 वर्ष थी और वार्षिक प्रीमियम 10 वर्ष तक जमा किया जाना था।
इसकी सम एश्योर्ड धनराशि 6,34,300 रुपये थी। परिवादी इस पॉलिसी में नॉमिनी है। परिवादी के अनुसार बीमा कंपनी ने उनके पति की शारीरिक जांच में पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने पर पॉलिसी दी थी। अगली प्रीमियम चार जून 2020 को जमा करनी थी, लेकिन उनके पति की बीमारी के चलते 20 अप्रैल 2020 को मृत्यु होने के कारण यह प्रीमियम राशि जमा नहीं हो पाई थी। पति की मृत्यु की सूचना बीमा कंपनी को दे दी गई थी और बीमा क्लेम संबंधी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की थीं, लेकिन बीमा कंपनी ने 24 अगस्त 2020 को पत्र भेजकर उनके पति द्वारा आवश्यक तथ्यों को छिपाने का कारण बताकर बीमा पॉलिसी के क्लेम को निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, सदस्य अभिनव अग्रवाल व अमरजीत कौर ने बीमा कंपनी को प्रीमियम के रूप में प्राप्त किए गए 61770 रुपये मय नौ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करने करने का आदेश सुनाया।
विज्ञापन