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Shamli News: जन्म प्रमाणपत्र की दरकार, जेब पर सुविधा शुल्क का भार

Wed, 07 Oct 2026 01:15 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Wed, 07 Oct 2026 01:15 AM IST
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Need for a birth certificate; the burden of 'convenience fees' on the pocket.
शामली/बनत। जन्म प्रमाणपत्र बनवाना है तो जेब ढीली करनी पड़ेगी। तहसील और जनसेवा केंद्रों पर निशुल्क सेवा के भी रुपये वसूले जा रहे हैं। रिपोर्टर ने 18 वर्षीय युवक का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की जानकारी ली तो दो हजार रुपये तक मांगे गए। एक माह इंतजार करने पर 1500 रुपये में प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। तहसील से लेकर जनसेवा केंद्र तक में वसूली का खेल चल रहा है।
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तहसील में मांगे दो हजार
संवाददाता : भाई, 18 साल के बेटे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाना है, कितने में बन जाएगा?
दलाल : दो हजार रुपये दे देना, स्कूल से लिखवाकर भी हम ही दे देंगे।
संवाददाता : कितने दिन में बन जाएगा?
दलाल : एक माह से पहले ही बनवाकर दे दिया जाएगा।

बलवा गांव स्थित जनसेवा केंद्र
संवाददाता : बेटे का जन्म प्रमाण पत्र कितने दिन में बन जाएगा?
संचालक : ब्लॉक में बैठे एक कर्मचारी का नंबर दे देता हूं, वह बना देगा।
संवाददाता : कितने रुपये में बनेगा?
संचालक : अर्जेंट के दो हजार, जबकि एक माह के इंतजार करोगे तो 1500 रुपये दे देना।
यह है सरकारी नियम
जन्म के 21 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता है। 21 दिन के बाद एक वर्ष के भीतर पंजीकरण कराने पर 50 रुपये विलंब शुल्क निर्धारित है। वहीं, एक वर्ष से अधिक समय बाद पंजीकरण कराने पर 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ निर्धारित प्रक्रिया और सक्षम अधिकारी के आदेश की आवश्यकता होती है।
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कहां बनते हैं प्रमाणपत्र
जन्म प्रमाणपत्र के लिए नगर पंचायत, नगर पालिका, ग्राम पंचायत और संबंधित पंजीकरण केंद्रों पर व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम सचिव समेत संबंधित कर्मचारी पंजीकरण प्रक्रिया से जुड़े हैं। जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों का जन्म पंजीकरण भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है।
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जिलाधिकारी आलोक यादव ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर रुपये वसूले जाने का मामला उनके संज्ञान में नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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