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Shamli News: आंधी में 50 से ज्यादा पेड़ और 37 विद्युत खंभे उखड़े
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बिडौली क्षेत्र में बिजली के तारों को सही करते विद्युत कर्मी
- करीब 150 गांवों में बिजली घंटों तक रही गुल, शहर की विद्युत आपूर्ति भी चरमराई
- बारिश से गर्मी से राहत, आम की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम के मिजाज ने बुधवार रात करीब दो बजे फिर से करवट ली। तेज आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। आंधी में जिले में 50 से ज्यादा पेड़ और 37 विद्युत खंभे उखड़ गए। कई जगह विद्युत तार टूट गए। जिससे करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घंटों की मशक्कत के बाद कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई। जबकि कई क्षेत्रों में बृहस्पतिवार शाम तक भी बिजली नहीं आई थी।
कई दिनों से लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे थे। बुधवार रात अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। जिससे गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन आंधी के कारण बिजली गुल हो गई। शहर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्ला रेलपार क्षेत्र, दयानंद नगर, बड़ा बाजार, नवीन मंडी क्षेत्र आदि में शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हुई। कलक्ट्रेट फीडर पर शाम तक फाल्ट नहीं मिल सका। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई। सुबह जरूरी कार्यों के लिए लोगों को पानी भी नहीं मिला। जिसके चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सिटी बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में भी शाम तक बिजली का आना-जाना लगा रहा।
आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, दस घंटे तक बिजली आपूर्ति रही बाधित
चौसाना। बुधवार देर रात चौसाना सहित कई गांवों की बिजली गुल हो गई। जिसके बाद हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे क्षेत्र के गावाें में करीब दस घंटे तक सप्लाई बाधित रही।
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चौसाना में बुधवार की रात्रि में धूल भरी आंधी के बाद आसमानी बिजली गरजने लगी और बारिश शुरू हो गई। चौसाना, दथेड़ा, खेड़ी खुशनाम, भोगीमाजरा, खोड़समा, शामली शामला उपकेंद्र से जुड़े गावों के लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। करीब 10 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारू हो पाई। जेई सिकंदर यादव ने बताया कि आंधी से विद्युत लाइन फॉल्ट हो गए थे, जिन्हें सही कर लिया गया।
आम उत्पादकों पर टूटा प्रकृति का कहर
गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र आम के लिए देश-विदेश में अपनी अलग ही पहचान रखता है। इस बार प्रकृति ने आम उत्पादकों पर कहर बरपाया है। कस्बा निवासी बाग ठेकेदार वकील ने बताया कि मार्च में अचानक तापमान में बढ़ोत्तरी हुई जिससे आम फट गया, उसके बाद अचानक से ठंडक बढ़ी तो आम का बौर काला पड़ गया। बौर के काला पड़ने से पेडों पर बहुत कम संख्या में आम आया, अब आए दिन तेज हवाओं और आंधी से फसल बर्बाद हो रही है। बुधवार रात भी तेज आंधी से उनकी फसल पेड़ से नीचे जा गिरी, जिससे बडा नुकसान हुआ है। इसके चलते इस बार बाजारों में आम भी कम ही नजर आएगा। गढ़ीपुख्ता, कच्ची गढ़ी, राझड़, दुल्लाखेड़ी, जंधेड़ी आदि गांवों में भी आम बाग ठेकेदारों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
रातभर गुल रही बिजली
झिंझाना। कस्बा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। सुबह 9 बजे के बाद विद्युत कर्मियों ने लाइन को ठीक कर विद्युत आपूर्ति सुचारू की। क्षेत्र के गांव चौतरा, कलरी, फतेहपुर, खवाजपुरा, मंसूरा, बनीपुर, डोगपुरा, अशरफपुर, बनीपुर, ओदरी, वेदखेड़ी आदि कई दर्जन गांव के साथ सिखों के डेरों पर बिजली गुल रही। सुबह के समय विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर लाइन को दुरुस्त किया। उसके बाद कहीं विद्युत आपूर्ति को सुचारू किया गया।
आम की फसल 15 फीसदी तक का नुकसान
ऊन। तेज आंधी के कारण बुधवार रात विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। वहीं बाग मालिकों को भी भारी नुकसान हुआ। तेज आंधी में कई जगह पेड़ टूट गए। आम के बाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। पहले ही वर्षा और मौसम परिवर्तन के कारण इस बार आम कम आया है। अब तेज चली आंधी के कारण आम झड़ गया। जिससे बाग मालिकों को भारी नुकसान हुआ है। गांव खेड़ा भाऊ निवासी बाग मालिक शम्मी ने बताया कि करीब 15 प्रतिशत फल झड़ कर नीचे गिर गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बाग मालिकों को काफी नुकसान है। मौसम में आए बदलाव के कारण गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान है। किसान अभी तक गन्ने की बुवाई भी पूरी नहीं कर पाया तथा जो गन्ने की फसल खड़ी है, उसमें भी खरपतवार उग आए हैं। इस वर्ष मौसम के कारण गन्ने का क्षेत्रफल भी घट गया है।
आम की फसल झड़ी, पेड़ भी उखड़े
थानाभवन। आंधी में बड़ी मात्रा में पेड़ों पर लगे आम जमीन पर गिर गए, कई पेड़ भी टूट गए। तेज हवा के कारण आम और लीची की फसलों के मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तेज आंधी के कारण लगभग रात्रि में एक बजे के लगभग विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। जिससे सुबह जलापूर्ति भी पूरी तरह प्रभावित हुई। कस्बे की अनेक महिलाओं ने बताया कि सुबह जलापूर्ति न होने से दैनिक कार्य करने में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति चालू हुई।
आकाशीय बिजली गिरी, दुकान मालिक बाल-बाल बचा
बाबरी। लाडो माजरी गांव में दुकान पर आकाशीय बिजली गिरी। इस दौरान दुकान मालिक बाल-बाल बच गया। थाना क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा निवासी मोनू पुंडीर की लाडो माजरी गांव में रायपुर रोड पर भवन निर्माण सामग्री की दुकान है। बुधवार रात वह दुकान के बाहर सोया हुआ था। देर रात करीब दो बजे आंधी और बारिश के बीच मोनू अपनी चारपाई लेकर जैसे ही दुकान में सोने के लिए पहुंचा, तो अचानक आकाशीय बिजली दुकान की टीन शेड तोड़कर छत के रास्ते दुकान में प्रवेश कर गई। इसी बीच दुकान स्वामी मोनू पुंडीर बाहर भाग निकला। दुकान की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं क्षेत्र में बाबरी, कैडी, हिरनवाड़ा, गोगवांन, कुरमाली, चुनसा, बुटराड़ा आदि गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, कुछ गांवों में विद्युत आपूर्ति शाम तक सुचारू हो गई। लेकिन बाबरी बिजलीघर की आपूर्ति खंभे टूटने के चलते शाम सात बजे तक भी सुचारू नहीं हो पाई। जिसके चलते ग्रामीणों को पशुओं का चारे और पानी को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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- बारिश से गर्मी से राहत, आम की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम के मिजाज ने बुधवार रात करीब दो बजे फिर से करवट ली। तेज आंधी के साथ जमकर बारिश हुई। आंधी में जिले में 50 से ज्यादा पेड़ और 37 विद्युत खंभे उखड़ गए। कई जगह विद्युत तार टूट गए। जिससे करीब 150 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। घंटों की मशक्कत के बाद कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई। जबकि कई क्षेत्रों में बृहस्पतिवार शाम तक भी बिजली नहीं आई थी।
कई दिनों से लोग भीषण गर्मी से जूझ रहे थे। बुधवार रात अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ बारिश होने लगी। जिससे गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन आंधी के कारण बिजली गुल हो गई। शहर की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मोहल्ला रेलपार क्षेत्र, दयानंद नगर, बड़ा बाजार, नवीन मंडी क्षेत्र आदि में शाम तक बिजली आपूर्ति सुचारू नहीं हुई। कलक्ट्रेट फीडर पर शाम तक फाल्ट नहीं मिल सका। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई। सुबह जरूरी कार्यों के लिए लोगों को पानी भी नहीं मिला। जिसके चलते उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सिटी बिजलीघर से जुड़े क्षेत्रों में भी शाम तक बिजली का आना-जाना लगा रहा।
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आंधी से जनजीवन अस्त-व्यस्त, दस घंटे तक बिजली आपूर्ति रही बाधित
चौसाना। बुधवार देर रात चौसाना सहित कई गांवों की बिजली गुल हो गई। जिसके बाद हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे क्षेत्र के गावाें में करीब दस घंटे तक सप्लाई बाधित रही।
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चौसाना में बुधवार की रात्रि में धूल भरी आंधी के बाद आसमानी बिजली गरजने लगी और बारिश शुरू हो गई। चौसाना, दथेड़ा, खेड़ी खुशनाम, भोगीमाजरा, खोड़समा, शामली शामला उपकेंद्र से जुड़े गावों के लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। करीब 10 घंटे बाद विद्युत आपूर्ति सुचारू हो पाई। जेई सिकंदर यादव ने बताया कि आंधी से विद्युत लाइन फॉल्ट हो गए थे, जिन्हें सही कर लिया गया।
आम उत्पादकों पर टूटा प्रकृति का कहर
गढ़ीपुख्ता। क्षेत्र आम के लिए देश-विदेश में अपनी अलग ही पहचान रखता है। इस बार प्रकृति ने आम उत्पादकों पर कहर बरपाया है। कस्बा निवासी बाग ठेकेदार वकील ने बताया कि मार्च में अचानक तापमान में बढ़ोत्तरी हुई जिससे आम फट गया, उसके बाद अचानक से ठंडक बढ़ी तो आम का बौर काला पड़ गया। बौर के काला पड़ने से पेडों पर बहुत कम संख्या में आम आया, अब आए दिन तेज हवाओं और आंधी से फसल बर्बाद हो रही है। बुधवार रात भी तेज आंधी से उनकी फसल पेड़ से नीचे जा गिरी, जिससे बडा नुकसान हुआ है। इसके चलते इस बार बाजारों में आम भी कम ही नजर आएगा। गढ़ीपुख्ता, कच्ची गढ़ी, राझड़, दुल्लाखेड़ी, जंधेड़ी आदि गांवों में भी आम बाग ठेकेदारों को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ा है।
रातभर गुल रही बिजली
झिंझाना। कस्बा सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों में पूरी रात बिजली गुल रही। सुबह 9 बजे के बाद विद्युत कर्मियों ने लाइन को ठीक कर विद्युत आपूर्ति सुचारू की। क्षेत्र के गांव चौतरा, कलरी, फतेहपुर, खवाजपुरा, मंसूरा, बनीपुर, डोगपुरा, अशरफपुर, बनीपुर, ओदरी, वेदखेड़ी आदि कई दर्जन गांव के साथ सिखों के डेरों पर बिजली गुल रही। सुबह के समय विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने पहुंचकर लाइन को दुरुस्त किया। उसके बाद कहीं विद्युत आपूर्ति को सुचारू किया गया।
आम की फसल 15 फीसदी तक का नुकसान
ऊन। तेज आंधी के कारण बुधवार रात विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। वहीं बाग मालिकों को भी भारी नुकसान हुआ। तेज आंधी में कई जगह पेड़ टूट गए। आम के बाग को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। पहले ही वर्षा और मौसम परिवर्तन के कारण इस बार आम कम आया है। अब तेज चली आंधी के कारण आम झड़ गया। जिससे बाग मालिकों को भारी नुकसान हुआ है। गांव खेड़ा भाऊ निवासी बाग मालिक शम्मी ने बताया कि करीब 15 प्रतिशत फल झड़ कर नीचे गिर गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष बाग मालिकों को काफी नुकसान है। मौसम में आए बदलाव के कारण गन्ने की फसल को भी भारी नुकसान है। किसान अभी तक गन्ने की बुवाई भी पूरी नहीं कर पाया तथा जो गन्ने की फसल खड़ी है, उसमें भी खरपतवार उग आए हैं। इस वर्ष मौसम के कारण गन्ने का क्षेत्रफल भी घट गया है।
आम की फसल झड़ी, पेड़ भी उखड़े
थानाभवन। आंधी में बड़ी मात्रा में पेड़ों पर लगे आम जमीन पर गिर गए, कई पेड़ भी टूट गए। तेज हवा के कारण आम और लीची की फसलों के मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। तेज आंधी के कारण लगभग रात्रि में एक बजे के लगभग विद्युत आपूर्ति बंद हो गई। जिससे सुबह जलापूर्ति भी पूरी तरह प्रभावित हुई। कस्बे की अनेक महिलाओं ने बताया कि सुबह जलापूर्ति न होने से दैनिक कार्य करने में उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ी। दोपहर बाद विद्युत आपूर्ति चालू हुई।
आकाशीय बिजली गिरी, दुकान मालिक बाल-बाल बचा
बाबरी। लाडो माजरी गांव में दुकान पर आकाशीय बिजली गिरी। इस दौरान दुकान मालिक बाल-बाल बच गया। थाना क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा निवासी मोनू पुंडीर की लाडो माजरी गांव में रायपुर रोड पर भवन निर्माण सामग्री की दुकान है। बुधवार रात वह दुकान के बाहर सोया हुआ था। देर रात करीब दो बजे आंधी और बारिश के बीच मोनू अपनी चारपाई लेकर जैसे ही दुकान में सोने के लिए पहुंचा, तो अचानक आकाशीय बिजली दुकान की टीन शेड तोड़कर छत के रास्ते दुकान में प्रवेश कर गई। इसी बीच दुकान स्वामी मोनू पुंडीर बाहर भाग निकला। दुकान की छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं क्षेत्र में बाबरी, कैडी, हिरनवाड़ा, गोगवांन, कुरमाली, चुनसा, बुटराड़ा आदि गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई, कुछ गांवों में विद्युत आपूर्ति शाम तक सुचारू हो गई। लेकिन बाबरी बिजलीघर की आपूर्ति खंभे टूटने के चलते शाम सात बजे तक भी सुचारू नहीं हो पाई। जिसके चलते ग्रामीणों को पशुओं का चारे और पानी को लेकर मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बिडौली क्षेत्र में बिजली के तारों को सही करते विद्युत कर्मी

बिडौली क्षेत्र में बिजली के तारों को सही करते विद्युत कर्मी