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टूटी रेलवे लाइन के दोहरीकरण की आस

Sat, 22 Aug 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 11:57 PM IST
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Hope for doubling of broken railway line
टूटी रेलवे लाइन के दोहरीकरण की आस
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शामली। दिल्ली शहादरा-शामली-टपरी रेलवे लाइन के दोहरीकरण की आस लगाए बैठे लोगों को रेलवे ने बड़ा झटका दिया है। रेलवे लाइन के दोहरीकरण के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज मित्तल की ओर से बार-बार की जा रही शिकायत पर रेलवे की ओर से जवाब दिया गया है कि फिलहाल इस परियोजना को आवश्यक नहीं मानते हुए पूरा नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
दिल्ली के शाहदरा से बागपत, बड़ौत, शामली होते हुए टपरी तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण का प्रस्ताव 2015 में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने स्वीकृत किया था। 155.24 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के दोहरीकरण के इस प्रस्ताव को 2016-17 के बजट में भी शामिल कर लिया गया था। इसके बाद इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई। कार्य की लागत लगभग 1214 करोड़ रुपये का आंकलन किया गया। तीन वर्ष बीतने के बावजूद इस परियोजना पर काम शुरू नहीं हुआ। अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज मित्तल लगातार इस परियोजना को लेकर रेलवे के अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं तथा ऑनलाइन शिकायतें कर रहे हैं। उन्होंने रेलवे बोर्ड को की शिकायत में दोहरीकरण के संबंध में जानकारी चाही थी। पूछा था कि रेलवे लाइन के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के लिए क्या-क्या कार्य हो चुके हैं। इसमें जवाब में रेलवे भवन दिल्ली के ईडी वर्क्स एससी जैन ने उन्हें ऑनलाइन जवाब भेजा है। इसमें कहा गया है कि परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार हो गई थी। रिपोर्ट की जांच के बाद पाया गया है कि इस परियोजना को पूरा करने की आवश्यकता नहीं है। इसलिए इसे फिलहाल पूर्ण नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
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रेलवे अधिकारी के इस जवाब के बाद साफ हो गया है कि रेलवे लाइन के दोहरीकरण की फिलहाल कोई उम्मीद नहीं बची है। अनुज मित्तल का कहना है कि रेलवे लाइन का दोहरीकरण नहीं होने से इस रूट पर स्थित बागपत, बड़ौत, शामली के निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यह परियोजना पूरी हो जाती तो रूट पर नई ट्रेनें मिलने की उम्मीद थी। इससे क्षेत्र के विकास को पंख लगते तथा रेलवे यात्रियों को सुविधाएं मिलती।
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