{"_id":"6ad66ee4d8c0acdd43080ccd","slug":"high-school-and-intermediate-examinations-to-begin-on-february-5-students-busy-with-preparations-shamli-news-c-26-1-aur1003-176400-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: पांच फरवरी से शुरू होंगी हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं, तैयारी में जुटे विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: पांच फरवरी से शुरू होंगी हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं, तैयारी में जुटे विद्यार्थी
विज्ञापन
- पाठ्यक्रम पूरा करने और रिवीजन पर जोर, जिले में लगभग 24000 परीक्षार्थी पंजीकृत
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने तैयारी तेज कर दी है। पांच फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक चलने वाली परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के पास अब करीब 110 दिन शेष हैं। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा करने, कमजोर विषयों पर पकड़ बनाने और रिवीजन के लिए समय निकालने पर जोर दिया जा रहा है। प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन भी तैयारी का अहम हिस्सा बन गया है।
जिले के 120 माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 24000 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है। परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद विद्यार्थी पढ़ाई के लिए समय सारिणी बनाने और कठिन विषयों का नियमित अभ्यास करने में जुट गए हैं।
जीआईसी प्रधानाचार्य अमित मलिक के अनुसार, विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। पाठ्यक्रम समय से पूरा करने के बाद दोहराव और लिखकर प्रश्न हल करने का अभ्यास करना जरूरी है। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास करना चाहिए। शिक्षकों का मार्गदर्शन भी लेते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विद्यार्थियों की तैयारी, पाठ्यक्रम पूरा करने पर जोर
शहर के सत्यनारायण के हाईस्कूल के छात्र अक्षय ने बताया कि परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद पढ़ाई को लेकर गंभीरता बढ़ गई है। अब समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई करने, कठिन अध्यायों को दोहराने और प्रश्नपत्र हल करने पर ध्यान देना होगा।
रिवीजन और समय प्रबंधन जरूरी
इंटरमीडिएट की छात्रा जिया के अनुसार, अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। लिखकर अभ्यास करना और निर्धारित समय में प्रश्न हल करने की तैयारी भी जरूरी है। पढ़ाई में नियमितता बनाए रखना सबसे अहम है।
अभिभावकों की चिंता
दबाव के बजाय सहयोग जरूरी
इंटरमीडिएट की छात्रा जिया के पिता गजेंद्र ने बताया कि परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ी है। परिवार की कोशिश है कि बच्चे को शांत माहौल मिले। अच्छे अंक लाने की अपेक्षा के साथ उस पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।
मोबाइल और पढ़ाई में संतुलन
इंटरमीडिएट के छात्र उपलक्ष की माता अंबिका ने कहा कि परीक्षा तक बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना और मोबाइल का इस्तेमाल सीमित रखना जरूरी है। साथ ही खानपान, आराम और दिनचर्या का भी ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चे तनाव के बजाय आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें। अभिभावकों को बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद विद्यार्थियों ने तैयारी तेज कर दी है। पांच फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी तक चलने वाली परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के पास अब करीब 110 दिन शेष हैं। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा करने, कमजोर विषयों पर पकड़ बनाने और रिवीजन के लिए समय निकालने पर जोर दिया जा रहा है। प्रश्नपत्रों का अभ्यास और समय प्रबंधन भी तैयारी का अहम हिस्सा बन गया है।
जिले के 120 माध्यमिक विद्यालयों में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 24000 विद्यार्थियों का पंजीकरण हुआ है। परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद विद्यार्थी पढ़ाई के लिए समय सारिणी बनाने और कठिन विषयों का नियमित अभ्यास करने में जुट गए हैं।
विज्ञापन
जीआईसी प्रधानाचार्य अमित मलिक के अनुसार, विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। पाठ्यक्रम समय से पूरा करने के बाद दोहराव और लिखकर प्रश्न हल करने का अभ्यास करना जरूरी है। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त अभ्यास करना चाहिए। शिक्षकों का मार्गदर्शन भी लेते रहना चाहिए।
विज्ञापन
विद्यार्थियों की तैयारी, पाठ्यक्रम पूरा करने पर जोर
शहर के सत्यनारायण के हाईस्कूल के छात्र अक्षय ने बताया कि परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद पढ़ाई को लेकर गंभीरता बढ़ गई है। अब समय सारिणी के अनुसार पढ़ाई करने, कठिन अध्यायों को दोहराने और प्रश्नपत्र हल करने पर ध्यान देना होगा।
रिवीजन और समय प्रबंधन जरूरी
इंटरमीडिएट की छात्रा जिया के अनुसार, अच्छे अंक प्राप्त करने के लिए केवल पाठ्यक्रम पूरा करना पर्याप्त नहीं है। लिखकर अभ्यास करना और निर्धारित समय में प्रश्न हल करने की तैयारी भी जरूरी है। पढ़ाई में नियमितता बनाए रखना सबसे अहम है।
अभिभावकों की चिंता
दबाव के बजाय सहयोग जरूरी
इंटरमीडिएट की छात्रा जिया के पिता गजेंद्र ने बताया कि परीक्षा की तारीख घोषित होने के बाद बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ी है। परिवार की कोशिश है कि बच्चे को शांत माहौल मिले। अच्छे अंक लाने की अपेक्षा के साथ उस पर अनावश्यक दबाव नहीं डालना चाहिए।
मोबाइल और पढ़ाई में संतुलन
इंटरमीडिएट के छात्र उपलक्ष की माता अंबिका ने कहा कि परीक्षा तक बच्चों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय देना और मोबाइल का इस्तेमाल सीमित रखना जरूरी है। साथ ही खानपान, आराम और दिनचर्या का भी ध्यान रखना चाहिए, ताकि बच्चे तनाव के बजाय आत्मविश्वास के साथ परीक्षा दे सकें। अभिभावकों को बच्चों पर दबाव बनाने के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए।