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Shamli News: गन्ना भुगतान व बिजली की समस्याओं को लेकर किसानों का हंगामा

Thu, 18 May 2023 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2023 12:59 AM IST
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Farmers uproar over sugarcane payment and electricity problems
शामली। विकास भवन में डीमए रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किसान दिवस में किसानों ने गन्ना भुगतान और बिजली से जुड़ी की समस्याओं को लेकर जमकर हंगामा किया। विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता की टिप्पणी पर किसान भड़क गए। हंगामे और शोरगुल के बीच गन्ना भुगतान की समीक्षा करते हुए डीएम ने चीनी बेचकर 85 प्रतिशत धनराशि से भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों से रिकवरी की संस्तुति गन्ना आयुक्त को भेजने के निर्देश दिए।
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बुधवार को किसान दिवस में बिजली की समस्या का मुद्दा उठा। भैंसवाल के किसान देवराज पंवार ने कहा कि अघोषित बिजली कटौती के चलते फसलें सूख रही है। तीन घंटे से ज्यादा बिजली नहीं मिल रही है। जिस पर विद्युत वितरण खंड प्रथम अधिशासी अभियंता विनोद कुमार सिंह, द्वितीय खंड के अधिशासी अभियंता ब्रह्मपाल सिंह ने कहा कि रात में बिजली दिए जाने का आदेश नहीं है।
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भाकियू नेता कपिल खाटियान, पप्पू मलिक, डॉ. शीशपाल सिंह मलिक, कुलदीप पंवार, अजित निर्वाल समेत तमाम किसानों ने कहा कि दो माह का बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटे जा रहे हैं। जिन क्षेत्रों में नलकूपों पर मीटर नहीं लगे, वहां खराब ट्रांसफार्मर समय नहीं बदले जा रहे हैं। भाकियू अराजनैतिक के मंडल सचिव जावेद तोमर ने कहा कि अधीक्षण अभियंता किसान दिवस में नहीं आते। उन्हें बुलाकर किसानों की समस्या का समाधान किया जाए। इसी बीच अधिशासी अभियंता विनोद कुमार ने कहा कि किसान नेताओं के कहने पर उन्होंने ऐसे कार्य किए, जो कोई नहीं कर सकता। इस पर किसान भड़क गए और काफी देर तक शोरगुल और हंगामा होता रहा। सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, डीएम रविंद्र सिंह ने बिजली विभाग के अफसरों को संयम बरतने की नसीहत दे डाली। डीएम रविंद्र सिंह ने कहा कि पिछले काफी समय से शासन से ओटीएस योजना नहीं आ रही है। शासन से अधिक बिजली मांगी जाएगी। 72 घंटे में फुंके ट्रांसफार्मर जरूर बदल जाएं। अधिक बकाया वाले उपभोक्ताओं के ही कनेक्शन काटे जाएं, इससे पहले उपभोक्ताओं से बात कर ली जाए।
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मिल मालिकों व अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग
डीएम रविंद्र सिंह ने जिले के चीनी मिलों की बकाया गन्ना भुगतान की समीक्षा की। शामली चीनी मिल की समीक्षा के दौरान शामली गन्ना समिति के विशेष सचिव मुकेश राठी और ऊन गन्ना सहकारी समिति के सचिव अजित सिंह ने बताया कि शामली चीनी मिल ने 34 करोड़, थानाभवन ने 78 करोड़ और ऊन चीनी मिल ने 132 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। शामली चीनी मिल पर 298 करोड़, ऊन चीनी मिल 205 करोड़, थानाभवन चीनी मिल पर 362 करोड़ बकाया है।
किसान नेता कुलदीप पंवार ने कहा कि मुजफ्फरनगर जिले की चीनी मिलें वर्तमान सत्र का भी शत-प्रतिशत भुगतान कर चुकी हैं। चीनी मिलों के अफसरों और मालिकों से बात करके अवगत कराएं कि किसानों का बकाया भुगतान कब तक होगा। इस दौरान कुछ किसानों ने मिल मालिकों और अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग उठाई।
डीएम ने कहा कि जिन मिलों ने चीनी बेचकर 85 प्रतिशत धनराशि से गन्ना भुगतान नहीं किया, उनके खिलाफ रिकवरी की संस्तुति गन्ना आयुक्त को भेजी जाए। इस मौके पर सीडीओ शंभूनाथ तिवारी, उपनिदेशक कृषि शिवकुमार केसरी, जिला कृषि अधिकारी प्रदीप यादव समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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आप इनका घर छोड़ दो तो यह तत्काल भुगतान कर देंगे
लोकतंत्र सेनानी राजेंद्र टिटौली ने कहा कि पूर्व डीएम जसजीत कौर को किसी ने मजाक में कहा था कि आप मिल वालों का घर छोड़ दो तो ये तत्काल भुगतान कर देंगे। मिल के गेस्ट हाऊस में रहने वाली पूर्व डीएम पर इसका कोई जवाब नहीं बना था। इससे पहले किसान अजीत निर्वाल ने कहा कि मिल वालों को गलतफहमी है कि आप इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। इसलिए ये भुगतान नहीं करते, लेकिन किसानोें को आपसे उम्मीद है कि आप गन्ना भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
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