कैराना। कैराना स्थित गोशाला भवन में रामलीला के प्रथम दिन कलाकारों ने नारद मोह की लीला का मंचन किया।
रविवार को रात 8.00 बजे गोशाला भवन में रामलीला का शुभारंभ भाजपा नेता अनिल चौहान, अजय सिंघल द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित करके किया। रामलीला मंचन में सर्वप्रथम नट और नटनी ने रामलीला का वर्णन किया। महाराजा इंद्र का दरबार में इंद्र का सिंहासन डोल जाता है। वह नारद तपस्या भंग करने के लिए कामदेव और रंभा को भेजते हैं। उनकी तपस्या भंग नहीं हो पाती है। जिस पर कामदेव इंद्र से क्षमा मांगते हैं। नारद जी तपस्या पूर्ण होने पर उठते हैं। त्रिदेव नारद का अभिमान खत्म करने के लिए विचार करते है। नारद को मोहिनी के स्वयंवर की जानकारी मिलती है। नारद भगवान विष्णु के पास नारायण जैसा सुंदर रुप मांगते है। विष्णु भगवान नारद जी को वानर रूप दे देते है, और नारद जी प्रसन्नता पूर्वक स्वयंवर में भाग लेते हैं। लेकिन मोहिनी भगवान विष्णु के गले में वर माला डाल देती है। जिसको देखकर नारद विष्णु के पास क्रोधित होकर पहुंचते हैं। वह भगवान विष्णु को श्राप दे देते है कि जिस प्रकार आज पत्नी के वियोग में तड़प रहा हूं, उसी प्रकार आप भी पत्नी के वियोग में तड़पेंगे। मौके पर राकेश वर्मा, संजय कांबोज, कैलाश चंद, ईश्वरचंद, बिल्लू, जयपाल, राजेश, सोनू, अभिषेक, संजू वर्मा आदि मौजूद रहे।