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लिंग परीक्षण कर गर्भपात के लिए मांगे 25 हजार, हंगामा

Mon, 23 Apr 2018 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Mon, 23 Apr 2018 11:21 PM IST
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demand 25,000 for abortion test
सीएमओ कार्यालय में शिकायत करने पहुंचे रंगाना के ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
शामली शहर के एक निजी अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण कर गर्भपात के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है। भाकियू नेता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। रकम मांगने की मोबाइल से की गई रिकार्डिंग सीएमओ को सौंपकर अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। सीएमओ ने मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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सोमवार को भाकियू नेता विनोद निर्वाल के नेतृत्व में गांव रंगाना फार्म के करीब दो दर्जन लोग शामली में सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने शहर में मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित एक निजी अस्पताल के खिलाफ हंगामा किया। आरोप है कि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर डिग्रीधारक नहीं है। उपचार में लापरवाही के कारण ही पूर्व में एक महिला की मौत हो चुकी है। आरोप लगाया कि अस्पताल में लिंग निर्धारण का कार्य किया जा रहा है, जोकि पूरी तरह गैरकानूनी है। उन्होंने सीएमओ को इसके सुबूत के रूप में एक सीडी सौंपी। जिसमें अस्पताल में एक महिला का अल्ट्रासाउंड कर लिंग निर्धारण की जांच करने और लिंग निर्धारण में कन्या भ्रूण का पता चलने पर गर्भपात के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने उन्हें मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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- 50 हजार में कोख में ही मार दी जाती है बेटी किसी भी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड पर अमूमन 400 रुपये फीस ली जाती है, लेकिन किसी भी कीमत पर लिंग निर्धारण की जांच नहीं की जा सकती है। भाकियू नेता का आरोप है कि इस अस्पताल में लिंग निर्धारण की जांच के लिए 25 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं और यदि गर्भपात कराना हो, तो उसकी फीस भी 25 हजार रुपये बताई जाती है।
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- अस्पताल के खिलाफ पूर्व में भी हो चुकी कार्रवाई अस्पताल के खिलाफ पूर्व में भी कई बार हंगामे हो चुके हैं। डीएम के निर्देश पर जांच होने के बाद अनियमितता मिलने पर पूर्व में इस अस्पताल को सील कर दिया गया था, लेकिन बाद में मिलीभगत से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने अस्पताल की सील खोल दी थी। जिसके बाद अस्पताल का संचालन फिर से शुरू हो गया। उधर, भाकियू नेता विनोद निर्वाल का आरोप है कि एक भाजपा नेता अस्पताल संचालक की पैरवी में लगा है, जिस कारण स्वास्थ्य विभाग अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहा है।
वर्जन निजी अस्पताल के खिलाफ शिकायत मिली है। शिकायत करने वालों ने एक सीडी भी दी है, जिसमें लिंग निर्धारण की जांच करने और गर्भपात के लिए रुपये मांगने की बात बताई है। सीडी की जांच के साथ ही मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। यदि अस्पताल में लिंग निर्धारण जांच की पुष्टि होती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राजकुमार, सीएमओ अस्पताल में नहीं मिला भ्रूण लिंग परीक्षण का प्रमाण शामली। भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायत मिलने पर एसडीएम शामली और सीएमओ ने मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित हॉस्पिटल पर पहुंचकर जांच की। शिकायत में कहा गया था कि अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है, जिसकी एक वीडियो रिकार्डिंग भी सौंपी गई थी, लेकिन अस्पताल में जांच के दौरान उसकी पुष्टि नहीं हो पाई। सोमवार को ही भाकियू नेता विनोद निर्वाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण कराने पर कन्या का भ्रूण होने पर गर्भपात के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप भी लगाया था। साथ ही एक वीडियो रिकार्डिंग भी शिकायत पत्र के साथ दी गई थी। वीडियो रिकार्डिंग में एक कमरे में बेड पर लेटी महिला का अल्ट्रासाउंड होता दिखाया गया। इसकी जांच के लिए एसडीएम सुरजीत सिंह, सीएमओ राजकुमार अन्य कर्मियों को साथ लेकर हॉस्पिटल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल गहनता से जांच की गई, सभी कमरे देखे गए, लेकिन जो कमरा वीडियो में दिखाई दे रहा है, वैसा नहीं मिला। क्योंकि वीडियो रिकार्डिंग में कमरे में जो बेड दिखाई दे रहा है, वह घर में इस्तेमाल होने वाला बेड है। साथ ही कमरे की अन्य व्यवस्था भी रिकार्डिंग के जैसी नहीं मिली। इसके चलते टीम लौट आई।
तो फिर कहां की है वीडियो भाकियू नेता ने सीएमओ को जो वीडियो रिकार्डिंग सौंपी थी, उसे अस्पताल की होने का दावा किया था, लेकिन जांच में वीडियो रिकार्डिंग की सच्चाई सामने नहीं आ सकी। रिकार्डिंग में जो तारीख आ रही है। वह जून 2017 की है। अब सवाल यह है कि आखिर सीएमओ को सौंपी गई वीडियो रिकार्डिंग कहां की है। क्या वीडियो किसी दूसरे स्थान की तो नहीं है, जो सौंपी गई।
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