{"_id":"5f67a0938ebc3e0075072640","slug":"deadly-pits-in-roads-could-not-be-installed-after-rain-shamli-news-mrt502303647","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कों में जानलेवा गड्ढे, बारिश के बाद नहीं लग सके पैबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कों में जानलेवा गड्ढे, बारिश के बाद नहीं लग सके पैबंद
विज्ञापन
बिड़ौली-चौसाना मार्ग की खस्ताहाल सड़क।
- फोटो : SHAMLI
सड़कों में जानलेवा गड्ढे, बारिश के बाद नहीं लग सके पैबंद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र से पूर्व सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश दिए हैं। सीएम के आदेश अभी ये धरातल पर नहीं उतरे। जिला मुख्यालय पर तो कुछ सड़कों के गड्ढे भरने का काम हुआ, लेकिन अन्य स्थानों पर सड़कों की हालत खस्ता है। गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। अमर उजाला ने सड़कों की स्थिति का जायजा लिया तो नगर के पास कस्बा बनत, चौसाना, कैराना और जलालाबाद क्षेत्र की कई सड़कें खस्ताहाल मिलीं।
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर से सटे कस्बा बनत से पानीपत-खटीमा मार्ग से दिल्ली- शामली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग खस्ताहाल है। यह मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। मार्ग पर उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एसडीएम, तहसीलदार समेत तहसील स्तरीय कर्मचारियों के आवास, ट्रांजिट हॉस्टल में श्रम विभाग, डूडा परियोजना, पुलिस हेल्पलाइन समेत कई प्रमुख कार्यालय होने से आवागमन ज्यादा है। दोनों खस्ताहाल मार्गों से आवागमन में परेशानी होती है।
जलालाबाद से ग्राम नागल, किशोरपुर, इस्माइलपुर को जाने वाली करीब पांच किलोमीटर लिंक रोड पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीण जोगिंद्र सिंह, रफल राणा, रमेश आदि ने बताया कि सड़क बहुत खस्ता हाल में है गड्ढों के कारण इस पर चलना मुश्किल रहता है। कैराना से होकर गुजर रहे पानीपत-खटीमा हाईवे की हालत भी खराब है। शामली के नजदीक कुछ गड्ढे भरे गए हैं, लेकिन कैराना के पास तितरवाड़ा मोड़ पर कई खतरनाक गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा चौसाना-बिडौली मार्ग की हालत बेहद खराब पड़ी। गड्ढों के कारण इस मार्ग पर वाहनों का संचालन लगभग बंद पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
गड्ढों के कारण इन सड़कों की हालत खराब
मेरठ- करनाल से शामली-गढ़ीपुख्ता मार्ग को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, मेरठ- करनाल से झाल- सल्फा मार्ग, कैराना- खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन-थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी- रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिडौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोडा गंगारामपुर, खेड़की-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली, श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेडी, गढ़ीपुख्ता मार्ग, कैराना- खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी- रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिडौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोडा गंगारामपुर, खेडकी-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली, श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेडी समेत 157 मार्गों में गड्ढे हैं।
मांगे 2.38 करोड़ मिले मात्र 36 लाख
जिले की 157 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 2.38 करोड़ रुपये मांगे गए थे. लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 36 लाख रुपये ही लोक निर्माण विभाग को प्राप्त हुए हैं। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने कहा कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर- थानाभवन, कैराना-खतौली मार्ग, कैराना- झिंझाना, ऊन-थानाभवन आदि प्रमुख संपर्क मार्गों के गड्ढे भरने की प्राथमिकता रहेगी। अन्य सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।
--- बोले नागरिक...
बनत से बाईपास के रूप में प्रयोग हो रही सड़क की हालत खराब है। गड्ढों के कारण चलना दूभर रहता है। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
- अरविंद धीमान, बनत।
बनत से साईं धाम की ओर जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। इस पर काफी आवागमन रहता है, लेकिन गड्ढों के कारण दिक्कत होती है। सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जानी चाहिए।
धर्मवीर, पूर्व सभासद, बनत।
बिडौली-चौसाना मार्ग की हालत पहले से ही खराब थी। बरसात के सीजन के बाद सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। क्षेत्रवासियों की लगातार मांग के बावजूद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।
-सुशील, खोड़समा।
पानीपत-खटीमा हाईवे पर कई स्थानों पर गड्ढे हैं। कैराना शहर और आसपास गड्ढों के कारण दुपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा रहता है।
- नीरज चौहान, कैराना।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवरात्र से पूर्व सड़कों के गड्ढे भरने के आदेश दिए हैं। सीएम के आदेश अभी ये धरातल पर नहीं उतरे। जिला मुख्यालय पर तो कुछ सड़कों के गड्ढे भरने का काम हुआ, लेकिन अन्य स्थानों पर सड़कों की हालत खस्ता है। गड्ढों के कारण चलना मुश्किल हो गया है। अमर उजाला ने सड़कों की स्थिति का जायजा लिया तो नगर के पास कस्बा बनत, चौसाना, कैराना और जलालाबाद क्षेत्र की कई सड़कें खस्ताहाल मिलीं।
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शहर से सटे कस्बा बनत से पानीपत-खटीमा मार्ग से दिल्ली- शामली-सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग खस्ताहाल है। यह मार्ग पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुका है। मार्ग पर उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एसडीएम, तहसीलदार समेत तहसील स्तरीय कर्मचारियों के आवास, ट्रांजिट हॉस्टल में श्रम विभाग, डूडा परियोजना, पुलिस हेल्पलाइन समेत कई प्रमुख कार्यालय होने से आवागमन ज्यादा है। दोनों खस्ताहाल मार्गों से आवागमन में परेशानी होती है।
विज्ञापन
जलालाबाद से ग्राम नागल, किशोरपुर, इस्माइलपुर को जाने वाली करीब पांच किलोमीटर लिंक रोड पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। क्षेत्र के ग्रामीण जोगिंद्र सिंह, रफल राणा, रमेश आदि ने बताया कि सड़क बहुत खस्ता हाल में है गड्ढों के कारण इस पर चलना मुश्किल रहता है। कैराना से होकर गुजर रहे पानीपत-खटीमा हाईवे की हालत भी खराब है। शामली के नजदीक कुछ गड्ढे भरे गए हैं, लेकिन कैराना के पास तितरवाड़ा मोड़ पर कई खतरनाक गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। इसके अलावा चौसाना-बिडौली मार्ग की हालत बेहद खराब पड़ी। गड्ढों के कारण इस मार्ग पर वाहनों का संचालन लगभग बंद पड़ा हुआ है।
विज्ञापन
गड्ढों के कारण इन सड़कों की हालत खराब
मेरठ- करनाल से शामली-गढ़ीपुख्ता मार्ग को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग, मेरठ- करनाल से झाल- सल्फा मार्ग, कैराना- खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन-थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी- रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिडौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोडा गंगारामपुर, खेड़की-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली, श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेडी, गढ़ीपुख्ता मार्ग, कैराना- खतौली मार्ग, कैराना-झिंझाना-ऊन थानाभवन मार्ग, कैराना-खुरगान, सुन्हेटी, बरनावी मार्ग, बाबरी- रायपुर, पंवार खेड़ा, तितारसी, चौसाना से मुंडेट मार्ग, बिडौली-चौसाना मार्ग, ऊन-चौसाना मार्ग से टोडा गंगारामपुर, खेडकी-शामली-श्यामला होते ऊन चीनी मिल, चौसाना बसी चुधियारी, शामली, श्यामला मार्ग, हिंड धनेना, मादलपुुर, जंधेडी समेत 157 मार्गों में गड्ढे हैं।
मांगे 2.38 करोड़ मिले मात्र 36 लाख
जिले की 157 सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए 2.38 करोड़ रुपये मांगे गए थे. लेकिन इसके सापेक्ष मात्र 36 लाख रुपये ही लोक निर्माण विभाग को प्राप्त हुए हैं। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता रविंद्र सिंह ने कहा कि सितंबर के प्रथम सप्ताह में लोक निर्माण विभाग ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू कर दिया है। मुजफ्फरनगर- थानाभवन, कैराना-खतौली मार्ग, कैराना- झिंझाना, ऊन-थानाभवन आदि प्रमुख संपर्क मार्गों के गड्ढे भरने की प्राथमिकता रहेगी। अन्य सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।
--- बोले नागरिक...
बनत से बाईपास के रूप में प्रयोग हो रही सड़क की हालत खराब है। गड्ढों के कारण चलना दूभर रहता है। दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होते रहते हैं।
- अरविंद धीमान, बनत।
बनत से साईं धाम की ओर जाने वाली सड़क खस्ता हाल है। इस पर काफी आवागमन रहता है, लेकिन गड्ढों के कारण दिक्कत होती है। सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जानी चाहिए।
धर्मवीर, पूर्व सभासद, बनत।
बिडौली-चौसाना मार्ग की हालत पहले से ही खराब थी। बरसात के सीजन के बाद सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो गई है। क्षेत्रवासियों की लगातार मांग के बावजूद इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा।
-सुशील, खोड़समा।
पानीपत-खटीमा हाईवे पर कई स्थानों पर गड्ढे हैं। कैराना शहर और आसपास गड्ढों के कारण दुपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा रहता है।
- नीरज चौहान, कैराना।

शामली बनत से सहारनपुर मार्ग की जर्जर सड़क।- फोटो : SHAMLI