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Shamli News: मौसम में बदलाव बिगाड़ रहा लोगों की सेहत, बरतें सावधानी
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शामली सीएचसी में मरीजो को देखते चिकित्सक
- बारिश के बाद अस्पतालों में वायरल बुखार, गले में खराश और सिर में दर्द के मरीज बढ़े
- पहले ओपीडी में आ रहे थे 700 मरीज, अब बढ़कर संख्या हुई 900
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल बुखार, गले में खराश, सिर में दर्द के के मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही लोगों की सेहत को बिगाड़ सकती है।
मार्च के महीने में मौसम में उतार चढ़ाव चल रहा है। कभी बारिश तो कभी गर्मी और कभी तापमान में गिरावट होने से मौसम ठंडा हो रहा है। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। अस्पतालों में बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज पहले से ही ज्यादा आ रहे थे, लेकिन आठ दिन पहले हुई बारिश के बाद वायरल बुखार, गले में खराश और सिर में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में इस तरह के मरीजों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ी है।
सीएचसी शामली में एक सप्ताह पहले ओपीडी में 700 के लगभग मरीज आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 900 तक पहुंच गई है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव की वजह से वायरल बुखार, सिर में दर्द, गले में खराश, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैंं। इनके अलावा पेट दर्द, गैस,त्वचा और हड्डी संबंधी रोगों के मरीज भी आ रहे हैं।
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फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ता है। इसमें स्वास्थ्य खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है। इस मौसम में खानपान से लेकर कपड़े पहनने तक में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान का कहना है कि बदलते मौसम में नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक भोजन खिलाए और बाजार में बने खाद्य पदार्थों काे खाने से परहेज रखना चाहिए।
केस-1 : शहर के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी विनोद कुमार को बारिश के बाद से गले में खराश की समस्या हो गई। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। जिससे वह काफी परेशान हैं।
केस-2: काका नगर निवासी रोहित 5 दिन पहले को वायरल बुखार हुआ। इसके बाद एक-एक करके परिवार के लगभग सभी सदस्य वायरल बुखार से ग्रसित हो गए। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद आराम मिला।
ये बरतें सावधानियां
- मौसम के अनुसार सुबह-शाम शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहने।
- ठंडा पानी न पीये, शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- घर में बना ताजा और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- वायरल संक्रमण होने पर खांसते व छींकते समय मुंह पर रूमाल या मास्क लगाएं।
- हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
- कटे- फटे फलों का सेवन न करें।
- स्वास्थ्य बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।
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- पहले ओपीडी में आ रहे थे 700 मरीज, अब बढ़कर संख्या हुई 900
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। अस्पतालों में वायरल बुखार, गले में खराश, सिर में दर्द के के मरीजों की संख्या 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसमें लापरवाही लोगों की सेहत को बिगाड़ सकती है।
मार्च के महीने में मौसम में उतार चढ़ाव चल रहा है। कभी बारिश तो कभी गर्मी और कभी तापमान में गिरावट होने से मौसम ठंडा हो रहा है। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव का असर लोगों की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। अस्पतालों में बुखार, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज पहले से ही ज्यादा आ रहे थे, लेकिन आठ दिन पहले हुई बारिश के बाद वायरल बुखार, गले में खराश और सिर में दर्द के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। अस्पताल में इस तरह के मरीजों की संख्या 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ी है।
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सीएचसी शामली में एक सप्ताह पहले ओपीडी में 700 के लगभग मरीज आ रहे थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 900 तक पहुंच गई है। सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास का कहना है कि मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव की वजह से वायरल बुखार, सिर में दर्द, गले में खराश, नजला, जुकाम व खांसी के मरीज ज्यादा आ रहे हैंं। इनके अलावा पेट दर्द, गैस,त्वचा और हड्डी संबंधी रोगों के मरीज भी आ रहे हैं।
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फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि मौसम में बदलाव का असर सेहत पर पड़ता है। इसमें स्वास्थ्य खराब होने की संभावना ज्यादा रहती है। इस मौसम में खानपान से लेकर कपड़े पहनने तक में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान का कहना है कि बदलते मौसम में नजला, जुकाम, खांसी व वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं। इस मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक भोजन खिलाए और बाजार में बने खाद्य पदार्थों काे खाने से परहेज रखना चाहिए।
केस-1 : शहर के मोहल्ला दयानंद नगर निवासी विनोद कुमार को बारिश के बाद से गले में खराश की समस्या हो गई। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद भी कोई फायदा नहीं हो रहा है। जिससे वह काफी परेशान हैं।
केस-2: काका नगर निवासी रोहित 5 दिन पहले को वायरल बुखार हुआ। इसके बाद एक-एक करके परिवार के लगभग सभी सदस्य वायरल बुखार से ग्रसित हो गए। कई चिकित्सकों को दिखाने के बाद आराम मिला।
ये बरतें सावधानियां
- मौसम के अनुसार सुबह-शाम शरीर को ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहने।
- ठंडा पानी न पीये, शीतल पेय पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें।
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- घर में बना ताजा और पौष्टिक भोजन का सेवन करें।
- वायरल संक्रमण होने पर खांसते व छींकते समय मुंह पर रूमाल या मास्क लगाएं।
- हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
- कटे- फटे फलों का सेवन न करें।
- स्वास्थ्य बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह से उपचार कराएं।