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जांच करने अस्पताल पर पहुंची टीम
Updated Mon, 23 Apr 2018 11:17 PM IST
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अस्पताल में नहीं मिला भ्रूण लिंग परीक्षण का प्रमाण
शामली। भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायत मिलने पर एसडीएम शामली और सीएमओ ने मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित हॉस्पिटल पर पहुंचकर जांच की। शिकायत में कहा गया था कि अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है, जिसकी एक वीडियो रिकार्डिंग भी सौंपी गई थी, लेकिन अस्पताल में जांच के दौरान उसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
सोमवार को ही भाकियू नेता विनोद निर्वाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण कराने पर कन्या का भ्रूण होने पर गर्भपात के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप भी लगाया था। साथ ही एक वीडियो रिकार्डिंग भी शिकायत पत्र के साथ दी गई थी। वीडियो रिकार्डिंग में एक कमरे में बेड पर लेटी महिला का अल्ट्रासाउंड होता दिखाया गया। इसकी जांच के लिए एसडीएम सुरजीत सिंह, सीएमओ राजकुमार अन्य कर्मियों को साथ लेकर हॉस्पिटल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल गहनता से जांच की गई, सभी कमरे देखे गए, लेकिन जो कमरा वीडियो में दिखाई दे रहा है, वैसा नहीं मिला। क्योंकि वीडियो रिकार्डिंग में कमरे में जो बेड दिखाई दे रहा है, वह घर में इस्तेमाल होने वाला बेड है। साथ ही कमरे की अन्य व्यवस्था भी रिकार्डिंग के जैसी नहीं मिली। इसके चलते टीम लौट आई।
तो फिर कहां की है वीडियो
भाकियू नेता ने सीएमओ को जो वीडियो रिकार्डिंग सौंपी थी, उसे अस्पताल की होने का दावा किया था, लेकिन जांच में वीडियो रिकार्डिंग की सच्चाई सामने नहीं आ सकी। रिकार्डिंग में जो तारीख आ रही है। वह जून 2017 की है। अब सवाल यह है कि आखिर सीएमओ को सौंपी गई वीडियो रिकार्डिंग कहां की है। क्या वीडियो किसी दूसरे स्थान की तो नहीं है, जो सौंपी गई।
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शामली। भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायत मिलने पर एसडीएम शामली और सीएमओ ने मुजफ्फरनगर मार्ग स्थित हॉस्पिटल पर पहुंचकर जांच की। शिकायत में कहा गया था कि अस्पताल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है, जिसकी एक वीडियो रिकार्डिंग भी सौंपी गई थी, लेकिन अस्पताल में जांच के दौरान उसकी पुष्टि नहीं हो पाई।
सोमवार को ही भाकियू नेता विनोद निर्वाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया था। आरोप लगाया था कि हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा है। परीक्षण कराने पर कन्या का भ्रूण होने पर गर्भपात के लिए 25 हजार रुपये मांगने का आरोप भी लगाया था। साथ ही एक वीडियो रिकार्डिंग भी शिकायत पत्र के साथ दी गई थी। वीडियो रिकार्डिंग में एक कमरे में बेड पर लेटी महिला का अल्ट्रासाउंड होता दिखाया गया। इसकी जांच के लिए एसडीएम सुरजीत सिंह, सीएमओ राजकुमार अन्य कर्मियों को साथ लेकर हॉस्पिटल पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि अस्पताल गहनता से जांच की गई, सभी कमरे देखे गए, लेकिन जो कमरा वीडियो में दिखाई दे रहा है, वैसा नहीं मिला। क्योंकि वीडियो रिकार्डिंग में कमरे में जो बेड दिखाई दे रहा है, वह घर में इस्तेमाल होने वाला बेड है। साथ ही कमरे की अन्य व्यवस्था भी रिकार्डिंग के जैसी नहीं मिली। इसके चलते टीम लौट आई।
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तो फिर कहां की है वीडियो
भाकियू नेता ने सीएमओ को जो वीडियो रिकार्डिंग सौंपी थी, उसे अस्पताल की होने का दावा किया था, लेकिन जांच में वीडियो रिकार्डिंग की सच्चाई सामने नहीं आ सकी। रिकार्डिंग में जो तारीख आ रही है। वह जून 2017 की है। अब सवाल यह है कि आखिर सीएमओ को सौंपी गई वीडियो रिकार्डिंग कहां की है। क्या वीडियो किसी दूसरे स्थान की तो नहीं है, जो सौंपी गई।
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