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जिले की 51 चारागाहों की भूमि पर बनेंगे गो आश्रम
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शामली। डीएम अखिलेश सिंह ने कहा कि जिले की 51 चारागाहों की भूमि पर गो आश्रम बनेंगे। जब तक गो आश्रम की व्यवस्था न हो तब तक निराश्रित गोवंश को 20 से 25 दिन तक डेरी व अन्य स्थानों पर रखने की व्यवस्था की जाए।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम अखिलेश सिंह ने ग्राम प्रधानों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा बनत में गो संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसी प्रकार ऊन में भी गोशाला का निर्माण चल रहा है। जिले के 51 गांव में ऐसे चारागाह की जमीन है, जो एक एकड़ से अधिक है। इन सभी चारागाह की जमीनों को अस्थाई गो आश्रम के निर्माण के लिए चिह्नित कर लिया गया है। ब्लॉक स्तर पर समिति बनाकर गोवंश रखने की व्यवस्था की जाए। विकास खंड अधिकारी की अध्यक्षता में बनने वाली इस समिति में सभी प्रधान सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और नगरी क्षेत्र में स्थानीय निकाय ही गोवंश के संरक्षण और भरण पोषण की व्यवस्था कराएंगे। चारे की व्यवस्था कुछ स्थानीय स्तर पर किया जाएगी और सरकार भी मदद देगी। जनपद में कितने निराश्रित पशु है? उनकी गणना कर शासन को भेजी जाएगी।
उन्होंने बताया कि सभी न्याय पंचायत में वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन व दिव्यांग पेंशन के लिए 16 जनवरी से शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने सभी प्रधानों से कहा कि शौचालय का तेजी से निर्माण कराएं और मानक के अनुसार ही बनाए जाएं। उन्होंने समस्त तहसीलदारों को आय प्रमाण पत्र समय से बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीडीओ विवेक त्रिपाठी, एडीएम केबी सिंह, कैराना एसडीएम अमित पाल शर्मा, ऊन एसडीएम केपी तोमर, तहसीलदार शामली अभयराज पांडे, तहसीलदार कैराना रणबीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश कुमार सहित ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम अखिलेश सिंह ने ग्राम प्रधानों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा बनत में गो संरक्षण केंद्र बनाया जाएगा। इसी प्रकार ऊन में भी गोशाला का निर्माण चल रहा है। जिले के 51 गांव में ऐसे चारागाह की जमीन है, जो एक एकड़ से अधिक है। इन सभी चारागाह की जमीनों को अस्थाई गो आश्रम के निर्माण के लिए चिह्नित कर लिया गया है। ब्लॉक स्तर पर समिति बनाकर गोवंश रखने की व्यवस्था की जाए। विकास खंड अधिकारी की अध्यक्षता में बनने वाली इस समिति में सभी प्रधान सदस्य होंगे। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और नगरी क्षेत्र में स्थानीय निकाय ही गोवंश के संरक्षण और भरण पोषण की व्यवस्था कराएंगे। चारे की व्यवस्था कुछ स्थानीय स्तर पर किया जाएगी और सरकार भी मदद देगी। जनपद में कितने निराश्रित पशु है? उनकी गणना कर शासन को भेजी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि सभी न्याय पंचायत में वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन व दिव्यांग पेंशन के लिए 16 जनवरी से शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता से योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने सभी प्रधानों से कहा कि शौचालय का तेजी से निर्माण कराएं और मानक के अनुसार ही बनाए जाएं। उन्होंने समस्त तहसीलदारों को आय प्रमाण पत्र समय से बनाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीडीओ विवेक त्रिपाठी, एडीएम केबी सिंह, कैराना एसडीएम अमित पाल शर्मा, ऊन एसडीएम केपी तोमर, तहसीलदार शामली अभयराज पांडे, तहसीलदार कैराना रणबीर सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी राजेश कुमार सहित ग्राम प्रधान मौजूद रहे।
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