{"_id":"5adcd21b4f1c1ba0098b5f5a","slug":"41524421147-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शरीयत के विरुद्घ निकाह करने पर होगी सामाजिक कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शरीयत के विरुद्घ निकाह करने पर होगी सामाजिक कार्रवाई
Updated Sun, 22 Apr 2018 11:49 PM IST
विज्ञापन
कैराना। मोमिन अंसार सोसाइटी की बैठक में बेफिजूल दहेज देने, डीजे बजाने तथा नाच-गाने आदि कराने पर ऐसे लोगों के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई के साथ ही उस पर हैसियत के मुताबिक जुर्माना लगाने का प्रावधान सहित विभिन्न सात प्रस्ताव पास किए गए।
शनिवार रात बाद नमाज इशा मोमिन अंसार सोसाइटी आलखुर्द कैराना की एक बैठक मोहल्ला मुल्तानियान में स्थित मदरसा असअदुल बनात में आयोजित की गई। बैठक में सोसाइटी के सदर इरफान साकिब कासमी ने कहा कि इस्लाम धर्म में शादी-ब्याहों में शरीयत के मुताबिक जरूरी सामान देना होता है, जबकि आज के समय में बेफिजूल दहेज दिया जा रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि डीजे, नाच-गाने, ढोल-नगाडे बजाकर मुसलमानों का सिर झुकाया जा रहा है। जिस शादी में डीजे बजाया जाए, उसका तो निकाह भी जायज नहीं होता है। शादी-ब्याहों में महिलाओं की बेपर्दगी की जा रही है। बेहतर है कि बेफिजूल के खर्च से किसी गरीब बहन-बेटियों की शादी करा दी जाए या फिर किसी गरीब-असहाय की शिक्षा का प्रबंध करा दें। इस दौरान शादी-ब्याहों से संबंधित विभिन्न सात प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें शादी-ब्याहों में डीजे, नाच-गाने, कवाली, आतिशबाजी पर उस व्यक्ति के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई होगी तथा हैसियत के मुताबिक जुर्माना लगाया जाएगा।
इस्लामी विधि के अनुसार शादियों में खड़े होकर खाना न खिलाया जाए। शादियों व अन्य कार्यक्रमों में औरत और मर्दों को एक जगह एकत्र होने पर प्रतिबंध है, जिनका अलग से इंतजाम किया जाए। शादी की तिथि निर्धारित करने पर बिरादरी की भीड़ एकत्र न की जाए, इसमें केवल 11 लोग बुलाए जा सकते हैं। वीडियोग्राफी कतई बंद, जोकि इस्लामी रिवायत के खिलाफ है। ऐसे में कमेटी भी शादी में अपना सहयोग देगी। बैठक में सोसायटी के उपाध्यक्ष हाजी फैय्याज अंसारी, महासचिव इलियास, अब्दुर्रहमान, मुजाहिद, हाजी अकरम, हाजी हारून, हाजी अकबर, हाजी गय्यूर, मो. आलम, मो. सज्जाद, अदनान आदि मौजूद रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
शनिवार रात बाद नमाज इशा मोमिन अंसार सोसाइटी आलखुर्द कैराना की एक बैठक मोहल्ला मुल्तानियान में स्थित मदरसा असअदुल बनात में आयोजित की गई। बैठक में सोसाइटी के सदर इरफान साकिब कासमी ने कहा कि इस्लाम धर्म में शादी-ब्याहों में शरीयत के मुताबिक जरूरी सामान देना होता है, जबकि आज के समय में बेफिजूल दहेज दिया जा रहा है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि डीजे, नाच-गाने, ढोल-नगाडे बजाकर मुसलमानों का सिर झुकाया जा रहा है। जिस शादी में डीजे बजाया जाए, उसका तो निकाह भी जायज नहीं होता है। शादी-ब्याहों में महिलाओं की बेपर्दगी की जा रही है। बेहतर है कि बेफिजूल के खर्च से किसी गरीब बहन-बेटियों की शादी करा दी जाए या फिर किसी गरीब-असहाय की शिक्षा का प्रबंध करा दें। इस दौरान शादी-ब्याहों से संबंधित विभिन्न सात प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें शादी-ब्याहों में डीजे, नाच-गाने, कवाली, आतिशबाजी पर उस व्यक्ति के खिलाफ सामाजिक कार्रवाई होगी तथा हैसियत के मुताबिक जुर्माना लगाया जाएगा।
विज्ञापन
इस्लामी विधि के अनुसार शादियों में खड़े होकर खाना न खिलाया जाए। शादियों व अन्य कार्यक्रमों में औरत और मर्दों को एक जगह एकत्र होने पर प्रतिबंध है, जिनका अलग से इंतजाम किया जाए। शादी की तिथि निर्धारित करने पर बिरादरी की भीड़ एकत्र न की जाए, इसमें केवल 11 लोग बुलाए जा सकते हैं। वीडियोग्राफी कतई बंद, जोकि इस्लामी रिवायत के खिलाफ है। ऐसे में कमेटी भी शादी में अपना सहयोग देगी। बैठक में सोसायटी के उपाध्यक्ष हाजी फैय्याज अंसारी, महासचिव इलियास, अब्दुर्रहमान, मुजाहिद, हाजी अकरम, हाजी हारून, हाजी अकबर, हाजी गय्यूर, मो. आलम, मो. सज्जाद, अदनान आदि मौजूद रहें।
विज्ञापन