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गोवंश से गऊशाला हुई फुल, अब ग्रामीणों से लगा रहे मनुहार
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गऊशालाएं फुल, अब ग्रामीणों से लगाई मनुहार
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले में गोवंशों से गऊशालाएं भी भर गईं। गऊशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश पहुंचने से इनके संचालक भी परेशान हो गए हैं। लिहाजा प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से मदद मांगी है। गऊशालाओं में सहयोग के लिए सामाजिक संगठन भी आगे आने लगे हैं।
जिले में एक सप्ताह से अभियान चल रहा है। नगर पालिकाएं, नगर पंचायत कर्मी रोजाना आवारा पशुओं को पकड़कर गऊशालाओं में भेज रहे हैं। ग्रामीण भी पशु पकड़ रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेश सैनी के अनुसार जनपद में अब तक 720 गोवंश पकड़ा जा चुका है। जिले में शामली और जलालाबाद में दो रजिस्टर्ड गऊशालाएं हैं। शामली गऊशाला की क्षमता 700 की है, लेकिन यहां 880 गोवंश पहुंच चुका है। जलालाबाद गऊशाला में 80 की क्षमता है, जबकि वहां पर करीब 259 गोवंश पहुंच चुका है। क्षमता से अधिक गोवंश पहुंचने से गोशाला संचालक भी चिंतित हैं। उन्हें चिंता है कि अधिक पशुओं को वे कहां रखेंगे। गऊशालाएं पूरी तरह से भरी हुई हैं। उधर, गांवों में रोज ग्रामीण गोवंश पकड़कर हंगामा कर रहे हैं। वह उन्हें गऊशाला भेजने की जिद पर अड़े हैं । प्रशासन ग्राम प्रधानों के माध्यम से उनकी व्यवस्था गांव की लोकल गऊशाला और ग्रामीणों के यहां ही कराने में जुटा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की।
339 पशुओं की हुई जांच
शामली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार गऊशालाओं में उनके प्रशिक्षित कर्मी पहुंचकर वहां आने वाले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। टैगिंग के बाद उनका बधियाकरण चल रहा है। अब तक 339 पशुओं की जांच हो चुकी है। ग्राम प्रधानों के माध्यम से जो सूचनाएं आ रही हैं वहां भी टीमों को भेजा जा रहा है।
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भारत विकास परिषद मदद को पहुंची गऊशाला
शामली। गऊशालाओं में पहुंच रहे गोवंश के खाने के लिए चारे आदि की व्यवस्था के लिए सामाजिक संगठन भी आगे आने लगे हैं। भारत विकास परिषद के सदस्यों ने शहर की गऊशाला में पहुंचकर गो सेवा की। उनके लिए चोकर आदि की व्यवस्था की ओर लोगों से भी मदद करने की अपील की है। गऊशाला कमेटी के अजय संगल, अरुण संगल ने बताया कि गऊशाला फुल हो चुुकी हैं, लेकिन कमेटी गोवंश हो बेहतर ढंग से रखने का हर संभव प्रयास कर रही है। सहयोग करने वालों में अध्यक्ष गिरधारी लाल नारंग, मुकेश तायल, निखिल जैन, मुकेश गर्ग, अनुज जैन, भूपेंद्र खन्ना, सुशील अग्रवाल, सचिन जैन, विश्वेदेव पंवार, अमित सैनी, शिवांश बंसल, प्रदीप बंसल, राहुल गोयल राजीव बंसल आदि थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। जिले में गोवंशों से गऊशालाएं भी भर गईं। गऊशालाओं में क्षमता से अधिक गोवंश पहुंचने से इनके संचालक भी परेशान हो गए हैं। लिहाजा प्रशासन ने ग्राम प्रधानों और ग्रामीणों से मदद मांगी है। गऊशालाओं में सहयोग के लिए सामाजिक संगठन भी आगे आने लगे हैं।
जिले में एक सप्ताह से अभियान चल रहा है। नगर पालिकाएं, नगर पंचायत कर्मी रोजाना आवारा पशुओं को पकड़कर गऊशालाओं में भेज रहे हैं। ग्रामीण भी पशु पकड़ रहे हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर राजेश सैनी के अनुसार जनपद में अब तक 720 गोवंश पकड़ा जा चुका है। जिले में शामली और जलालाबाद में दो रजिस्टर्ड गऊशालाएं हैं। शामली गऊशाला की क्षमता 700 की है, लेकिन यहां 880 गोवंश पहुंच चुका है। जलालाबाद गऊशाला में 80 की क्षमता है, जबकि वहां पर करीब 259 गोवंश पहुंच चुका है। क्षमता से अधिक गोवंश पहुंचने से गोशाला संचालक भी चिंतित हैं। उन्हें चिंता है कि अधिक पशुओं को वे कहां रखेंगे। गऊशालाएं पूरी तरह से भरी हुई हैं। उधर, गांवों में रोज ग्रामीण गोवंश पकड़कर हंगामा कर रहे हैं। वह उन्हें गऊशाला भेजने की जिद पर अड़े हैं । प्रशासन ग्राम प्रधानों के माध्यम से उनकी व्यवस्था गांव की लोकल गऊशाला और ग्रामीणों के यहां ही कराने में जुटा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की।
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339 पशुओं की हुई जांच
शामली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के अनुसार गऊशालाओं में उनके प्रशिक्षित कर्मी पहुंचकर वहां आने वाले पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। टैगिंग के बाद उनका बधियाकरण चल रहा है। अब तक 339 पशुओं की जांच हो चुकी है। ग्राम प्रधानों के माध्यम से जो सूचनाएं आ रही हैं वहां भी टीमों को भेजा जा रहा है।
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भारत विकास परिषद मदद को पहुंची गऊशाला
शामली। गऊशालाओं में पहुंच रहे गोवंश के खाने के लिए चारे आदि की व्यवस्था के लिए सामाजिक संगठन भी आगे आने लगे हैं। भारत विकास परिषद के सदस्यों ने शहर की गऊशाला में पहुंचकर गो सेवा की। उनके लिए चोकर आदि की व्यवस्था की ओर लोगों से भी मदद करने की अपील की है। गऊशाला कमेटी के अजय संगल, अरुण संगल ने बताया कि गऊशाला फुल हो चुुकी हैं, लेकिन कमेटी गोवंश हो बेहतर ढंग से रखने का हर संभव प्रयास कर रही है। सहयोग करने वालों में अध्यक्ष गिरधारी लाल नारंग, मुकेश तायल, निखिल जैन, मुकेश गर्ग, अनुज जैन, भूपेंद्र खन्ना, सुशील अग्रवाल, सचिन जैन, विश्वेदेव पंवार, अमित सैनी, शिवांश बंसल, प्रदीप बंसल, राहुल गोयल राजीव बंसल आदि थे।