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Shahjahanpur News: वायरल का प्रकोप, बदन दर्द और ऐंठन कर रही परेशान
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मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर मरीजों की लगी कतार। संवाद
शाहजहांपुर। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। बुखार, शरीर में ऐंठन और कमजोरी के साथ उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज में 2213 मरीजों की ओपीडी हुई। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए 430 बेड के अलावा अतिरिक्त बेड भी लगाए गए हैं।
चिकित्सकों के मुताबिक वायरल के लक्षणों को सामान्य फ्लू समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दो-तीन दिन से अधिक बुखार रहने या अत्यधिक कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या तेज दर्द निवारक दवाएं लेने से बचना चाहिए।
उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल लेते रहें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें तथा तैलीय, मसालेदार और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मरीज खानपान पर विशेष ध्यान दें। भोजन से पहले और बाद में साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं। संक्रमण से बचाव के लिए मरीज के बर्तन और कपड़े अलग रखने चाहिए।
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सीएचसी-पीएचसी में भी बढ़ी मरीजों की संख्या
निगोही सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नितिन चौधरी ने बताया कि सोमवार को 912 नए पर्चे बने, जबकि करीब 500 पुराने पर्चों पर मरीजों को दवा दी गई। सामान्य दिनों की तुलना में करीब दोगुने मरीज पहुंच रहे हैं। पीएचसी परसौना खलीलपुर और लोहरगवां में भी मरीजों की जांच की जा रही है। अधिकांश मरीज बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। तिलहर सीएचसी में 1150 नए और 450 पुराने मरीजों की ओपीडी हुई। यहां भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही।
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चिकित्सकों के मुताबिक वायरल के लक्षणों को सामान्य फ्लू समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दो-तीन दिन से अधिक बुखार रहने या अत्यधिक कमजोरी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक या तेज दर्द निवारक दवाएं लेने से बचना चाहिए।
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उल्टी-दस्त होने पर शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो सकती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या नमक-चीनी का घोल लेते रहें। हल्का और सुपाच्य भोजन करें तथा तैलीय, मसालेदार और बाहर के खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मरीज खानपान पर विशेष ध्यान दें। भोजन से पहले और बाद में साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं। संक्रमण से बचाव के लिए मरीज के बर्तन और कपड़े अलग रखने चाहिए।
सीएचसी-पीएचसी में भी बढ़ी मरीजों की संख्या
निगोही सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नितिन चौधरी ने बताया कि सोमवार को 912 नए पर्चे बने, जबकि करीब 500 पुराने पर्चों पर मरीजों को दवा दी गई। सामान्य दिनों की तुलना में करीब दोगुने मरीज पहुंच रहे हैं। पीएचसी परसौना खलीलपुर और लोहरगवां में भी मरीजों की जांच की जा रही है। अधिकांश मरीज बुखार, खांसी और जुकाम की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। तिलहर सीएचसी में 1150 नए और 450 पुराने मरीजों की ओपीडी हुई। यहां भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या अधिक रही।