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दोषपुर थोक के ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Thu, 09 Jun 2016 09:26 PM IST
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पतित पावनी गंगा की निर्मलता को बनाए रखने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट में शामिल नदी के तटवर्ती गावों में शौचालय निर्माण को लेकर नित नए घपले उजागर हो रहे हैं। इसी परियोजना में शामिल किए गए ग्राम उत्तरी पैलानी में शौचालयों में गड़बड़ी को लेकर चर्चाएं थम भी नहीं पाईं कि अब इसी प्रोजेक्ट में शामिल गांव दोषपुर थोक में शौचालय निर्माण में घपला उजागर हुआ है। इस मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी बनवारी सिंह ने वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बता दें कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट में गंगा के किनारे बसे कलान ब्लॉक के गांव एतमादपुर चक, हेतमपुर, जहानाबाद खमरिया और मोहनपुर कलुआपुर तथा मिर्जापुर ब्लॉक के गांव उत्तरी पैलानी व दोषपुर थोक शामिल किए गए हैं। गत माह प्रमुख सचिव पंचायती राज ने उत्तरी पैलानी का भ्रमण करके वहां बड़े पैमाने पर शौचालय निर्माण में गड़बड़ी पकड़ी थी। इस मामले में वहां के ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित किया जा चुका है। यही नहीं, तत्कालीन डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद को तबादले पर जाना पड़ा। सचिव स्तर के अधिकारी द्वारा उत्तरी पैलानी में शौचालय घोटाला पकड़े जाने के बाद अधिकारी नमामि गंगे प्रोजेक्ट के अन्य गांवों को लेकर संजीदा हो गए। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी पुलकित खरे ने नोडल अफसरों की टीम को जांच के लिए दोषपुर थोक भेजा अफसरों का संदेह सच साबित हुआ। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने जांच रिपोर्ट के हवाले से बताया कि दोषपुर थोक मेें ग्राम पंचायत अधिकारी ने 524 शौचालयों के लिए धनराशि आहरित करने के बावजूद तमाम शौचालय आधे-अधूरे बनवाए। डीपीआरओ के अनुसार गांव में निर्मित शौचालयों के सिर्फ 144 फोटो ऑनलाइन अपलोड कराए गए हैं। इससे साफ जाहिर है कि अन्य शौचालयों की स्थिति अभी दिखाने लायक नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी श्रीपाल को शौचालयों की धनराशि गबन कर लेने, पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करने और अधिकारिक आदेशों की अवहेलना आदि आरोपों में निलंबित कर जलालाबाद के बीडीओ को जांच अधिकारी नामित किया है।
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