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रामगंगा से भूमि कटान नहीं थमने पर दो भागों में बंट जाएगा परौर
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परौर में कटान रोकने के लिए रामगंगा नदी के किनारे डाली गई बालू से भरी बोरियां । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी के बैराजों से पानी की निकासी में लगातार कमी होने से जनपद में गंगा और रामगंगा के जलस्तर में बुधवार को तीसरे दिन भी गिरावट का सिलसिला बना रहा। परौर क्षेत्र में उतार पर चल रही रामगंगा से कटान तेज हो गया है। नदी की धारा मोहनपुर और बाजार मोहल्ला के बीच भूमि कटान करके रामताल की ओर बढ़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि रामताल से नदी का पानी परौर रियासत के कूड़ाताल में पहुंचा तो परौर का आबादी क्षेत्र दो भागों में बंट जाएगा और रामगंगा की धारा गांव के बीच से बहने लगेगी। हालांकि, सिंचाई विभाग के अभियंता कटान रोकने के लिए नदी के किनारे बालू की बोरियों वाली ठोकरें बनाने में जुटे हैं, लेकिन भूमि कटान थम नहीं रहा।
भैंसार बांध पर बुधवार को चौथे दिन भी गंगा का जलस्तर 23 सेमी कम हो गया। बीते चार दिन में गंगा 84 सेमी घट चुकी है और अब उसका जलस्तर 142.51 मीटर हो गया है। उधर, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के परौर और अल्हागंज क्षेत्र तक रामगंगा 21 सेमी सिमट गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बांधों और बैराजों से पानी की निकासी बीते सप्ताह की तुलना मेें 50 प्रतिशत कम हो चुकी है।
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ग्रामीणों का कहना है कि रामताल से नदी का पानी परौर रियासत के कूड़ाताल में पहुंचा तो परौर का आबादी क्षेत्र दो भागों में बंट जाएगा और रामगंगा की धारा गांव के बीच से बहने लगेगी। हालांकि, सिंचाई विभाग के अभियंता कटान रोकने के लिए नदी के किनारे बालू की बोरियों वाली ठोकरें बनाने में जुटे हैं, लेकिन भूमि कटान थम नहीं रहा।
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भैंसार बांध पर बुधवार को चौथे दिन भी गंगा का जलस्तर 23 सेमी कम हो गया। बीते चार दिन में गंगा 84 सेमी घट चुकी है और अब उसका जलस्तर 142.51 मीटर हो गया है। उधर, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के परौर और अल्हागंज क्षेत्र तक रामगंगा 21 सेमी सिमट गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को मिली सूचनाओं के अनुसार बांधों और बैराजों से पानी की निकासी बीते सप्ताह की तुलना मेें 50 प्रतिशत कम हो चुकी है।
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