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प्रधानमंत्री ने बटन दबाकर किया गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास
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गंगा एक्सप्रेस-वे के मॉडल का अवलोकन करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साथ में मुख्यमंत्री योगी आद?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजा रेलवे ग्राउंड में रिमोट का बटन दबाकर उत्तर प्रदेश के सबसे लंबा एक्सप्रेस-वे गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया। 12 जिलों को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेस-वे त्वरित परिवहन के साथ ही रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा। एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कलस्टर बनाए जाने के साथ ही शाहजहांपुर में प्रस्तावित हवाई पट्टी सेना के लिए सहायक साबित होगी। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों के विकास की रफ्तार तेज करेगा। शाहजहांपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले रेत से तैयार किए गए गंगा एक्सप्रेस-वे के वॉक-थ्रू मॉडल को देखा। इसके बाद मंच पर आए।
यह है गंगा एक्सप्रेस-वे
-594 किलोमीटर लंबा यह सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। यह हाईवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में जूड़ापुर दांदू में नेशनल हाईवे-19 में मिलेगा। 120 की निर्धारित रफ्तार से चलने पर लखनऊ से मेरठ की दूरी महज पांच घंटे की रह जाएगी। गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबाई के दीर्घ पुल बनेंगे। परियोजना की कुल लागत 36, 230 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण लगभग 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह एक्सप्रेस-वे देश और प्रदेश की राजधानी को जोड़ेगा।
प्रमुख बिंदु
-पीएम गति-शक्ति कार्यक्रम के तहत गंगा एक्सप्रेस का निर्माण प्रस्तावित है। जलालाबाद के गांव बढोडार, चमरपुर कलां, पीरू सहित पांच गांवों में लगभग तीन किलोमीटर की हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इससे नेपाल और चीन तक एयरफोर्स की पहुंच आसान रहेगी। एयरफोर्स के लिए शाहजहांपुर नया बेस बनेेगा।
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एक्सप्रेस-वे में मिलेंगी ये सुविधाएं
-डिजाइन में एक्सप्रेसवे के किनारे दी जाने वाली सुविधाओं को भी दिखाया गया है। इसमें कार, बस के लिए पार्किंग, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सर्विस स्टेशन, फूड आउटलेट, ढाबा, पानी पीने के बूथ, शौचालय ब्लॉक को शामिल किया गया। इस सुविधाओं को देने के लिए 250 मीटर लंबा और 200 मीटर चौड़ा स्थान लिया जाएगा।
मिलेगा रोजगार, बनेंगे औद्योगिक क्लस्टर
एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे। एक्सप्रेसवे के नजदीक उद्योग लगेंगे। इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हाइवे किनारे शिक्षण संस्थाएं, कृषि आधारित उद्योग लगेंगे। कोल्ड स्टोरेज, हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना में सहायक होगा।
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यह है गंगा एक्सप्रेस-वे
-594 किलोमीटर लंबा यह सबसे बड़ा एक्सप्रेस-वे होगा। यह हाईवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज में जूड़ापुर दांदू में नेशनल हाईवे-19 में मिलेगा। 120 की निर्धारित रफ्तार से चलने पर लखनऊ से मेरठ की दूरी महज पांच घंटे की रह जाएगी। गंगा नदी पर लगभग 960 मीटर और रामगंगा नदी पर लगभग 720 मीटर लंबाई के दीर्घ पुल बनेंगे। परियोजना की कुल लागत 36, 230 करोड़ रुपये आंकी गई है। एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों से जमीन का अधिग्रहण लगभग 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है। यह एक्सप्रेस-वे देश और प्रदेश की राजधानी को जोड़ेगा।
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प्रमुख बिंदु
-पीएम गति-शक्ति कार्यक्रम के तहत गंगा एक्सप्रेस का निर्माण प्रस्तावित है। जलालाबाद के गांव बढोडार, चमरपुर कलां, पीरू सहित पांच गांवों में लगभग तीन किलोमीटर की हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इससे नेपाल और चीन तक एयरफोर्स की पहुंच आसान रहेगी। एयरफोर्स के लिए शाहजहांपुर नया बेस बनेेगा।
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एक्सप्रेस-वे में मिलेंगी ये सुविधाएं
-डिजाइन में एक्सप्रेसवे के किनारे दी जाने वाली सुविधाओं को भी दिखाया गया है। इसमें कार, बस के लिए पार्किंग, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सर्विस स्टेशन, फूड आउटलेट, ढाबा, पानी पीने के बूथ, शौचालय ब्लॉक को शामिल किया गया। इस सुविधाओं को देने के लिए 250 मीटर लंबा और 200 मीटर चौड़ा स्थान लिया जाएगा।
मिलेगा रोजगार, बनेंगे औद्योगिक क्लस्टर
एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर बनेंगे। एक्सप्रेसवे के नजदीक उद्योग लगेंगे। इससे 25 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। हाइवे किनारे शिक्षण संस्थाएं, कृषि आधारित उद्योग लगेंगे। कोल्ड स्टोरेज, हैंडलूम उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, मंडी तथा दुग्ध आधारित उद्योगों आदि की स्थापना में सहायक होगा।