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निलंबित पंचायत अधिकारियों को जारी होंगे वसूली पत्र
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Tue, 31 May 2016 12:35 AM IST
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मिर्जापुर ब्लॉक में गंगा के तटवर्ती गावों में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत शत-प्रतिशत शौचालय बनवाने में घोटाला प्रमाणित होने पर निलंबित किए गए ग्राम पंचायत अधिकारियों से 22.5 लाख रुपये की रिकवरी के लिए वसूली पत्र जारी किए जाएंगे। इसके साथ ही उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। जिले के मिर्जापुर ब्लॉक से होकर बहने वाली गंगा नदी के किनारे पैलानी उत्तरी, हेतमपुर, ऐतमादपुर, दोषपुर थोक आदि कई गांव बसे हैं। पतितपावनी को गंदगी और प्रदूषण से मुक्त बनाए रखने के लिए प्रशासन ने इन गांवों को नमामि गंगे प्रोजेक्ट में शामिल करके वहां सभी घरों में शौचालय बनवाने का अभियान छेड़ रखा है। काम की प्रगति जांचने के लिए प्रदेश के प्रमुख सचिव पंचायत ने गत सप्ताह पैलानी उत्तरी का स्थलीय भ्रमण करने पर शौचालयों के निर्माण और उपयोग में काफी खामियां पकड़ी थीं। इन्हीं गड़बड़ियों के आधार पर कई कर्मचारी निलंबित हुए और शासन स्तर से तत्कालीन डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद का तबादला कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते सीडीओ पुलकित खरे ने नमामि गंगे परियोजना से जुड़े मिर्जापुर ब्लॉक के अन्य छह गांवों मेें अफसरों की टीमें भेजकर जांच कराई तो बड़े पैमाने पर शौचालय घोटाला सामने आया। पता चला कि कागजों पर निर्मित दर्शाए गए दो सौ शौचालय बने ही नहीं हैं। सैकड़ों शौचालय अपूर्ण मिले। बमुश्किल 40 प्रतिशत र्शौचालय बने पाए गए।जांच रिपोर्ट के आधार पर सीडीओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी उदयपाल सिंह, श्रीपाल, संजय कुमार, अशोक कुमार आदि को निलंबित करने के साथ वहां के एडीओ पंचायत का अशोक कुमार का वेतन रोक दिया। साथ ही डीपीआरओ बनवारी सिंह को चेतावनी पत्र जारी किया। सीडीओ खरे ने बताया कि निलंबित कर्मचारियों समेत अन्य संबंधितों से सरकारी धन की रिकवरी कराने के लिए उन्हें वसूली पत्र जारी किए जा रहे हैं। रकम देने से बचने के लिए यदि संबंधित कर्मचारी स्पष्टाकरण देंगे तो उन पर विचार करके आगे की कार्यवाही निर्धारित की जाएगी।
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