Shahjahanpur News: धरना प्रदर्शन की चेतावनी के बाद तौली गई मक्का, किसानों ने खरीद व्यवस्था पर उठाए सवाल
वायां के सरकारी खरीद केंद्र पर मक्का की तौल में अनियमितता सामने आई है। किसान यूनियन के विरोध के बाद पहले रिजेक्ट की गई मक्का की तौल की गई। किसान नेताओं ने खरीद प्रक्रिया की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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शाहजहांपुर के पुवायां में सरकारी खरीद केंद्र पर मक्का की तौल नहीं होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन की चेतावनी दी। इसके बाद जिस मक्का को पहले रिजेक्ट घोषित कर रजिस्टर में दर्ज कर दिया गया था, उसी मक्का की बाद में तौल कर ली गई। इसे लेकर किसान नेताओं ने खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
गांव दिउरिया गुटैया निवासी किसान कश्मीर सिंह चार दिन पहले ट्रॉली भर मक्का लेकर मंडी स्थित आरएफसी प्रथम खरीद केंद्र पहुंचे थे। किसान का आरोप है कि केंद्र पर उनसे 2400 रुपये प्रति क्विंटल के सरकारी समर्थन मूल्य के बजाय 1850 रुपये प्रति क्विंटल की दर से मक्का बेचने के लिए कहा गया। जब उन्होंने कम कीमत पर फसल बेचने से इनकार किया तो गुणवत्ता का हवाला देते हुए उनकी मक्का की तौल करने से मना कर दिया गया।
किसानों ने किया था विरोध प्रदर्शन
किसान का कहना है कि बाद में उनकी मक्का को रिजेक्ट घोषित कर रजिस्टर में भी दर्ज कर दिया गया। इस मामले की जानकारी मिलने पर 17 जुलाई की शाम भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के तराई क्षेत्र उपाध्यक्ष सुखदेव सिंह खिंडा, तरविंदर सिंह मोमी और जिलाध्यक्ष अनिल सिंह यादव खरीद केंद्र पहुंचे। केंद्र प्रभारी के मौजूद न मिलने पर किसानों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र के बाहर नारेबाजी की, प्रतीकात्मक रूप से मक्का जलाया और धरने पर बैठ गए। साथ ही पुतला दहन की चेतावनी भी दी।
किसान नेताओं का आरोप है कि विरोध-प्रदर्शन के दबाव के बाद पहले रिजेक्ट की गई मक्का की तौल कर ली गई। उनका कहना है कि यदि मक्का मानक के अनुरूप थी तो पहले तौल क्यों नहीं की गई और यदि गुणवत्ता खराब थी तो बाद में उसे कैसे स्वीकार कर लिया गया। उन्होंने खरीद केंद्रों की कार्यप्रणाली की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।